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कोलाघाट पैंटून पुल से लोनिवि ठेकेदार ने हटाए पुराने स्लीपर
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कोलाघाट पैंटून पुल से पूरी तरह हटे स्लीपर
- फोटो : SHAHJAHANPUR
शाहजहांपुर। जलालाबाद क्षेत्र को मिर्जापुर और कलान से जोड़ने वाले रामगंगा के कोलाघाट पर बने पैंटून पुल के पुराने स्लीपर लोक निर्माण विभाग ने बुधवार को पूरी तरह हटा दिए हैं। अभी नए स्लीपर वहां नहीं पहुंचे, जिससे पुल को यातायात लायक बनाने का काम शुरू नहीं हो सका। इस कारण लोग एक बार फिर अपनी जान जोखिम में डालकर नाव के सहारे रामगंगा पार करने को मजबूर हो रहे हैं।
गत 29 नवंबर को कोलाघाट पर बने पक्के पुल का सात नंबर पिलर जमींदोज हो जाने के बाद मिर्जापुर-कलान क्षेत्र के करीब दो सौ गावों के हजारों बाशिंदों का जिला मुख्यालय से सीधा संपर्क टूट गया था। जनता की मांग और 18 दिसंबर को प्रधानमंत्री की शाहजहांपुर में हुई रैली को ध्यान में रखते हुए कोलाघाट पर लोनिवि ने करीब 94 लाख रुपये की लागत से अस्थाई पैंटून पुल बना दिया था। पैंटून दस दिन बाद मंगलवार को बोल्ट टूटने से क्षतिग्रस्त हो गया।
इसके बावजूद पैदल लोगों का पुल से निकलना जारी हुआ तो किसी तरह की दुर्घटना टालने के लिए लोनिवि के अभियंताओं ने बीते दिन पुल के कई स्लीपर हटाकर वहां रस्सियों की बाड़ लगा दी थी। अब पुल के सभी स्लीपर हटा दिए जाने से रामगंगा नदी को पार करवाने के लिए केवल नाव का सहारा बचा है। पैंटून पुल बनवाने वाले ठेकेदार के कर्मचारी अभिषेक ने बताया कि नये स्लीपर बृहस्पतिवार सुबह तक आ जाएंगे और उन्हें जोड़कर तीन-चार दिन में पुल फिर यातयात के लिए चालू कर दिया जायेगा।
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गत 29 नवंबर को कोलाघाट पर बने पक्के पुल का सात नंबर पिलर जमींदोज हो जाने के बाद मिर्जापुर-कलान क्षेत्र के करीब दो सौ गावों के हजारों बाशिंदों का जिला मुख्यालय से सीधा संपर्क टूट गया था। जनता की मांग और 18 दिसंबर को प्रधानमंत्री की शाहजहांपुर में हुई रैली को ध्यान में रखते हुए कोलाघाट पर लोनिवि ने करीब 94 लाख रुपये की लागत से अस्थाई पैंटून पुल बना दिया था। पैंटून दस दिन बाद मंगलवार को बोल्ट टूटने से क्षतिग्रस्त हो गया।
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इसके बावजूद पैदल लोगों का पुल से निकलना जारी हुआ तो किसी तरह की दुर्घटना टालने के लिए लोनिवि के अभियंताओं ने बीते दिन पुल के कई स्लीपर हटाकर वहां रस्सियों की बाड़ लगा दी थी। अब पुल के सभी स्लीपर हटा दिए जाने से रामगंगा नदी को पार करवाने के लिए केवल नाव का सहारा बचा है। पैंटून पुल बनवाने वाले ठेकेदार के कर्मचारी अभिषेक ने बताया कि नये स्लीपर बृहस्पतिवार सुबह तक आ जाएंगे और उन्हें जोड़कर तीन-चार दिन में पुल फिर यातयात के लिए चालू कर दिया जायेगा।
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