सत्ता का संग्राम: शाहजहांपुर के युवा मतदाताओं ने गिनाए मुद्दे, शिक्षा-रोजगार पर बेबाकी से रखी बात
अमर उजाला का चुनावी रथ 'सत्ता का संग्राम' मंगलवार को शाहजहांपुर में पहुंचा। यहां के लोगों से सुबह चाय पर चुनावी चर्चा हुई। दोपहर के वक्त एसएस डिग्री कॉलेज में युवाओं से बातचीत की गई। सभी ने बेबाकी से अपनी राय रखी। जिले के मुद्दे बताए।
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अमर उजाला का चुनावी रथ 'सत्ता का संग्राम' मंगलवार को शाहजहांपुर में पहुंचा। दोपहर के समय एसएस डिग्री कॉलेज में युवाओं से बातचीत की गई। युवाओं से चर्चा में महंगी शिक्षा, बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था और बेरोजगारी के मुद्दे उभरकर सामने आए। वैभव सक्सेना ने कहा कि रोजगार और शिक्षा का सबसे बड़ा मुद्दा है। उच्च शिक्षा की बेहतर व्यवस्था नहीं है। इसके लिए हमें दूसरे शहरों में जाना पड़ता है। जिले में रोजगार के साधन नहीं हैं। छात्र धर्मेंद्र सक्सेना ने कहा कि रोजगार और शिक्षा को लेकर वोट करेंगे। जिले में यूनिवर्सिटी बनाए जाने की जरूरत है। आयुष श्रीवास्तव ने सरकारी अस्पतालों में भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि रोजगार के लिए बड़ी फैक्टरी की स्थापना होनी चाहिए।
अरविंद कुमार वर्मा ने कहा कि शिक्षा निशुल्क होनी चाहिए। बेरोजगारी की समस्या सबसे बड़ी है। इसे दूर करना चाहिए। अश्वनी वर्मा ने कहा कि एक ओर भारत को विश्वगुरु बनाने की बात की जाती है, वहीं शिक्षा महंगी होती जा रही है। कॉपी-किताबों पर महंगाई चरम पर है। बेरोजगारी खत्म नहीं हो रही। आदर्श मिश्रा ने उत्तर प्रदेश में पेपर लीक होने पर चिंता व्यक्त की। कहा कि महंगी शिक्षा ग्रहण करने के बाद प्रतियोगी परीक्षा के पेपर लीक होने पर छात्रों में नकारात्मक विचार आते हैं।
राममोहन ने कंपनियों के निजीकरण पर नाराजगी जताई। दीक्षा तिवारी ने शिक्षा व्यवस्था सस्ती करने की मांग उठाई। शीबा खातून ने स्वास्थ्य इकाइयों पर उपचार नहीं मिलने पर नाराजगी जताई। सूबेदार मेजर मनोज मिश्रा ने विकास कार्य पर सरकार से संतुष्टि जताई। इस दौरान एसएस कॉलेज प्राचार्य प्रोफेसर आरके आजाद, सचिव डॉ. अवनीश मिश्रा, लॉ कॉलेज प्राचार्य डॉ. जयशंकर ओझा आदि मौजूद रहे।
अवध से सटे हुए शाहजहांपुर को शहीदों की नगरी भी कहा जाता है। यह उत्तर रेलवे का प्रमुख जंक्शन भी है। इस आरक्षित सीट पर भाजपा ने एक बार फिर अरुण कुमार सागर को प्रत्याशी बनाया है। उन्होंने वर्ष 2019 में यहां से जीत हासिल की थी। सपा ने राजेश कश्यप पर भरोसा जताया है। बसपा ने पूर्व प्रधानाचार्य डीआर वर्मा को मैदान में उतारा है। अब तक हुए 17 लोकसभा चुनावों में कांग्रेस ने यहां सबसे ज्यादा नौ बार जीत हासिल की है। वहीं सपा ने दो बार जीत दर्ज की है। वर्ष 2014 में पहली बार भाजपा ने खाता खोला था। कृष्णाराज सांसद और बाद में केंद्रीय राज्यमंत्री भी बनीं।
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