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Shahjahanpur News: भोर से लग रही लाइन, पर यूरिया मिलने की गारंटी नहीं
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मूंगालाल निवासी ग्राम पड़री किशनपुर
पुवायां। धान और गन्ने में डालने के लिए यूरिया लेने के लिए किसानों को सुबह चार बजे ही इफको केंद्रों पर लाइन पर लगाना पड़ रहा है। इसके बाद भी कई बार बिना खाद लिए ही लौटना पड़ता है। निजी दुकानों पर यूरिया के रेट ज्यादा हैं। पुवायां के इफकाे केंद्र पर रोजाना 700 बोरी यूरिया आ रही है, जो दो से ढाई बजे तक बिक जाती है। सोमवार को भी यूरिया की बिक्री की गई।
पुवायां तहसील क्षेत्र में 98 प्रतिशत धान की रोपाई हो चुकी है। धान की रोपाई के एक सप्ताह बाद यूरिया डालनी पड़ती है। कुछ किसान डीएपी का प्रयोग करते हैं, लेकिन इफको केंद्रों पर डीएपी उपलब्ध नहीं है। एनपीके मिल रही है लेकिन तमाम किसान एनपीके का प्रयेाग नहीं करते हैं।
इफको किसान सेवा केंद्र पर यूरिया की बोरी 267.50 रुपये की मिलती है, जबकि निजी दुकानदार यूरिया की बोरी 275 से 280 रुपये में बेचते हैं और यूरिया के साथ जिंक, सल्फर या कीटनाशक दवा लेने का दबाव बनाते हैं। किसानों के मना करने पर यूरिया देने से भी मना कर दिया जाता है। इस समय तमाम निजी दुकानों पर यूरिया उपलब्ध भी नहीं है।
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किसान रामदीन, जयेश कुमार ने बताया कि यूरिया में नाइट्रोजन होता है, जिससे फसल की बढ़वार होती है और फसल का रंग पीला नहीं पड़ता है। यूरिया डालने में देरी होने से फसल के उत्पादन पर भी बुरा प्रभाव पड़ता है, लेकिन यूरिया मिलना बेहद कठिन है। इफको केंद्र पर सुबह चार बजे से ही लाइन लग जाती है, इसके बाद भी कई बार नंबर आने पर स्टॉक समाप्त हो जाता है।
किसानों के अनुसार धान के साथ ही गन्ने में भी यूरिया की बेहद आवश्यकता है। यूरिया न मिलने से गन्ने की बढ़वार नहीं होगी और किसान को भारी घाटा उठाना पड़ेगा। सहकारी समितियों पर भी यूरिया नहीं मिल पा रही है।
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इफको किसान सेवा केंद्र पर तीन दिन से नहीं मिल रही खाद
खुटार। खुटार के इफको किसान सेवा केंद्र की ई-पॉस मशीन तीन दिन से खराब होने के कारण यूरिया का वितरण ठप है। यूरिया उपलब्ध है लेकिन वितरण न होने से किसानों को खाद के लिए भटकता पड़ रहा है। किसानों ने बताया कि यूरिया पहले से लेकर रखने में भी दिक्कत है, बारिश के मौसम में नमी के चलते यूरिया पिघलने लगती है। इस कारण खरीदने के एक-दो दिन बाद ही यूरिया को खेत में डालना होता है।
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धान और गन्ने में यूरिया की इस समय बड़ी आवश्यकता है, लेकिन इफको केंद्रों पर लंबी लाइन लगती है और बमुश्किल दो-तीन बोरी यूरिया मिल पाती है। निजी दुकानों पर यूरिया होने पर भी मना कर दिया जाता है या यूरिया के साथ जिंक आदि लेने के लिए कहा जाता है।
- संतोष त्रिवेदी, गांव जुझारपुर पुवायां
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निजी दुकानदार यूरिया की कृत्रिम किल्लत दर्शा देते हैं, वहीं इफको किसान सेवा केंद्र पर लंबी लाइन लगती है। किसान लाइन में लगें या खेती का काम देखें। रुपये हैं, लेकिन खाद उपलब्ध नहीं है। किसान परेशान हैं।
- विजय शुक्ला, गांव रजमना खुटार
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कई दिन से सरकारी केंद्र के चक्कर लगाने पर यूरिया नहीं मिल सकी। इसलिए एक दुकान से महंगे दाम पर खाद लेकर धान की फसल में लगाई है।
-मूंगा लाल, पड़री किशनपुर (बंडा)
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खाद लेने के लिए केंद्र पर जाते हैं तो वहां लंबी कतार में लगने की हिम्मत नहीं पड़ती। मजबूरी में दुकान से महंगी यूरिया खरीदकर खेत में लगानी पड़ती है।
-रमाकांत यादव, टिकरी (बंडा)
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बाजार में यूरिया महंगी बिकने से सरकारी केंद्रों पर बढ़ी मांग
बंडा। बाजार में यूरिया महंगी मिलने से सरकारी केंद्रों पर उसकी मांग बढ़ गई है। धान की रोपाई के बाद फसल में यूरिया की जरूरत है। इस कारण सरकारी बिक्री केंद्रों से उचित दर पर खाद लेने के लिए वहां सुबह से किसान इकट्ठे हो रहे है। सोमवार को भी बिक्री केंद्र पर सुबह से किसानाें की कतार लग गई। केंद्र प्रभारी अरविंद कुमार ने बताया केंद्र पर 700 बोरी यूरिया उपलब्ध है और मंगलवार तक एक ट्रक खाद की नई खेप आ जाएगी। उनका कहना है कि कुछ किसान जरूरत से ज्यादा यूरिया लेकर उसकी जमाखोरी कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि मशीन खराब हो जाने के कारण सोमवार को देर से खाद बंट पाई। इसीलिए केंद्र पर ज्यादा किसान इकट्ठा हो गए। संवाद
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समितियों पर यूरिया के लिए भटक रहे किसान
सेहरामऊ दक्षिणी। किसानों ने बारिश शुरू होने से पहले निजी नलकूपों से खेतों में पानी भरकर धान की रोपाई कर ली। गन्ने की फसल की सिंचाई पर भी खर्च करके उसे बचाए रखने का प्रयास किया, लेकिन अब इन फसलों के लिए यूरिया नहीं मिलने से किसान खासे परेशान हैं। कस्बा समेत चांदापुर और खिरिया हीर गांव में किसान सेवा सहकारी समितियों पर यूरिया पाने के लिए छोटे किसान भटक रहे हैं। समितियों के सचिवों ने बताया कि बुधवार तक यूरिया समिति के गोदामों पर उपलब्ध हो जाएगी। संवाद
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जमुका सोसायटी पर भी यूरिया का अभाव
बरतारा। जमुका की किसान सेवा सहकारी समिति पर सोमवार को डीएपी का एक ट्रक आया है, लेकिन वहां के गोदाम में यूरिया उपलब्ध नहीं थी। इस वजह से क्षेत्र के तमाम किसानों को खाद के लिए रोजा समिति के चक्कर लगाने पड़े। कई किसानों ने बाजार से यूरिया खरीदी, लेकिन उसकी उन्हें ज्यादा कीमत चुकानी पड़ी। संवाद
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खाद वितरण में लापरवाही, सहकारी साधन सचिव निलंबित
शाहजहांपुर। खाद वितरण में लापरवाही करने और किसानों से सही व्यवहार नहीं करने पर साधन सहकारी साधन समिति जमुका के सचिव अखिल प्रताप सिंह को निलंबित कर दिया गया है। एआर कॉपरेटिव अखिलेश प्रताप सिंह ने बताया कि जमुका साधन समिति के सचिव की लगातार किसानों की ओर से शिकायत आ रही थी कि वह देर से साधन समिति खोलते हैं और किसानों से सही व्यवहार नहीं करते हैं। खाद वितरण में लापरवाही बरतते हैं। मामले की जांच के बाद डीसीबी चेयरमैन डीपीएस राठौर के अनुमोदन पर सोमवार को अखिल प्रताप सिंह को निलंबित कर दिया गया। संवाद
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खुटार के इफको किसान सेवा केंद्र पर मशीन रिसेट हो गई, जिस कारण यूरिया का वितरण नहीं हो पा रहा है। जल्द ही समाधान हो जाएगा। डीएपी का आवंटन पहले समितियों के लिए किया गया है। इफको केंद्रों पर यूरिया और एनपीके उपलब्ध है।
- रामरतन सिंह, फील्ड ऑफीसर, इफको शाहजहांपुर
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सहकारी साधन समितियों और प्राइवेट में भरपूर खाद उपलब्ध है। दो दिन में खाद की एक और रैक आ रही है। साधन समितियों के अलावा प्राइवेट में इसका वितरण किया जाएगा। जो भी जिंक टैग करके खाद का वितरण कर रहा है, उसके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
- विकास शर्मा, जिला कृषि अधिकारी
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पुवायां तहसील क्षेत्र में 98 प्रतिशत धान की रोपाई हो चुकी है। धान की रोपाई के एक सप्ताह बाद यूरिया डालनी पड़ती है। कुछ किसान डीएपी का प्रयोग करते हैं, लेकिन इफको केंद्रों पर डीएपी उपलब्ध नहीं है। एनपीके मिल रही है लेकिन तमाम किसान एनपीके का प्रयेाग नहीं करते हैं।
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इफको किसान सेवा केंद्र पर यूरिया की बोरी 267.50 रुपये की मिलती है, जबकि निजी दुकानदार यूरिया की बोरी 275 से 280 रुपये में बेचते हैं और यूरिया के साथ जिंक, सल्फर या कीटनाशक दवा लेने का दबाव बनाते हैं। किसानों के मना करने पर यूरिया देने से भी मना कर दिया जाता है। इस समय तमाम निजी दुकानों पर यूरिया उपलब्ध भी नहीं है।
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किसान रामदीन, जयेश कुमार ने बताया कि यूरिया में नाइट्रोजन होता है, जिससे फसल की बढ़वार होती है और फसल का रंग पीला नहीं पड़ता है। यूरिया डालने में देरी होने से फसल के उत्पादन पर भी बुरा प्रभाव पड़ता है, लेकिन यूरिया मिलना बेहद कठिन है। इफको केंद्र पर सुबह चार बजे से ही लाइन लग जाती है, इसके बाद भी कई बार नंबर आने पर स्टॉक समाप्त हो जाता है।
किसानों के अनुसार धान के साथ ही गन्ने में भी यूरिया की बेहद आवश्यकता है। यूरिया न मिलने से गन्ने की बढ़वार नहीं होगी और किसान को भारी घाटा उठाना पड़ेगा। सहकारी समितियों पर भी यूरिया नहीं मिल पा रही है।
इफको किसान सेवा केंद्र पर तीन दिन से नहीं मिल रही खाद
खुटार। खुटार के इफको किसान सेवा केंद्र की ई-पॉस मशीन तीन दिन से खराब होने के कारण यूरिया का वितरण ठप है। यूरिया उपलब्ध है लेकिन वितरण न होने से किसानों को खाद के लिए भटकता पड़ रहा है। किसानों ने बताया कि यूरिया पहले से लेकर रखने में भी दिक्कत है, बारिश के मौसम में नमी के चलते यूरिया पिघलने लगती है। इस कारण खरीदने के एक-दो दिन बाद ही यूरिया को खेत में डालना होता है।
धान और गन्ने में यूरिया की इस समय बड़ी आवश्यकता है, लेकिन इफको केंद्रों पर लंबी लाइन लगती है और बमुश्किल दो-तीन बोरी यूरिया मिल पाती है। निजी दुकानों पर यूरिया होने पर भी मना कर दिया जाता है या यूरिया के साथ जिंक आदि लेने के लिए कहा जाता है।
- संतोष त्रिवेदी, गांव जुझारपुर पुवायां
निजी दुकानदार यूरिया की कृत्रिम किल्लत दर्शा देते हैं, वहीं इफको किसान सेवा केंद्र पर लंबी लाइन लगती है। किसान लाइन में लगें या खेती का काम देखें। रुपये हैं, लेकिन खाद उपलब्ध नहीं है। किसान परेशान हैं।
- विजय शुक्ला, गांव रजमना खुटार
कई दिन से सरकारी केंद्र के चक्कर लगाने पर यूरिया नहीं मिल सकी। इसलिए एक दुकान से महंगे दाम पर खाद लेकर धान की फसल में लगाई है।
-मूंगा लाल, पड़री किशनपुर (बंडा)
खाद लेने के लिए केंद्र पर जाते हैं तो वहां लंबी कतार में लगने की हिम्मत नहीं पड़ती। मजबूरी में दुकान से महंगी यूरिया खरीदकर खेत में लगानी पड़ती है।
-रमाकांत यादव, टिकरी (बंडा)
बाजार में यूरिया महंगी बिकने से सरकारी केंद्रों पर बढ़ी मांग
बंडा। बाजार में यूरिया महंगी मिलने से सरकारी केंद्रों पर उसकी मांग बढ़ गई है। धान की रोपाई के बाद फसल में यूरिया की जरूरत है। इस कारण सरकारी बिक्री केंद्रों से उचित दर पर खाद लेने के लिए वहां सुबह से किसान इकट्ठे हो रहे है। सोमवार को भी बिक्री केंद्र पर सुबह से किसानाें की कतार लग गई। केंद्र प्रभारी अरविंद कुमार ने बताया केंद्र पर 700 बोरी यूरिया उपलब्ध है और मंगलवार तक एक ट्रक खाद की नई खेप आ जाएगी। उनका कहना है कि कुछ किसान जरूरत से ज्यादा यूरिया लेकर उसकी जमाखोरी कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि मशीन खराब हो जाने के कारण सोमवार को देर से खाद बंट पाई। इसीलिए केंद्र पर ज्यादा किसान इकट्ठा हो गए। संवाद
समितियों पर यूरिया के लिए भटक रहे किसान
सेहरामऊ दक्षिणी। किसानों ने बारिश शुरू होने से पहले निजी नलकूपों से खेतों में पानी भरकर धान की रोपाई कर ली। गन्ने की फसल की सिंचाई पर भी खर्च करके उसे बचाए रखने का प्रयास किया, लेकिन अब इन फसलों के लिए यूरिया नहीं मिलने से किसान खासे परेशान हैं। कस्बा समेत चांदापुर और खिरिया हीर गांव में किसान सेवा सहकारी समितियों पर यूरिया पाने के लिए छोटे किसान भटक रहे हैं। समितियों के सचिवों ने बताया कि बुधवार तक यूरिया समिति के गोदामों पर उपलब्ध हो जाएगी। संवाद
जमुका सोसायटी पर भी यूरिया का अभाव
बरतारा। जमुका की किसान सेवा सहकारी समिति पर सोमवार को डीएपी का एक ट्रक आया है, लेकिन वहां के गोदाम में यूरिया उपलब्ध नहीं थी। इस वजह से क्षेत्र के तमाम किसानों को खाद के लिए रोजा समिति के चक्कर लगाने पड़े। कई किसानों ने बाजार से यूरिया खरीदी, लेकिन उसकी उन्हें ज्यादा कीमत चुकानी पड़ी। संवाद
खाद वितरण में लापरवाही, सहकारी साधन सचिव निलंबित
शाहजहांपुर। खाद वितरण में लापरवाही करने और किसानों से सही व्यवहार नहीं करने पर साधन सहकारी साधन समिति जमुका के सचिव अखिल प्रताप सिंह को निलंबित कर दिया गया है। एआर कॉपरेटिव अखिलेश प्रताप सिंह ने बताया कि जमुका साधन समिति के सचिव की लगातार किसानों की ओर से शिकायत आ रही थी कि वह देर से साधन समिति खोलते हैं और किसानों से सही व्यवहार नहीं करते हैं। खाद वितरण में लापरवाही बरतते हैं। मामले की जांच के बाद डीसीबी चेयरमैन डीपीएस राठौर के अनुमोदन पर सोमवार को अखिल प्रताप सिंह को निलंबित कर दिया गया। संवाद
खुटार के इफको किसान सेवा केंद्र पर मशीन रिसेट हो गई, जिस कारण यूरिया का वितरण नहीं हो पा रहा है। जल्द ही समाधान हो जाएगा। डीएपी का आवंटन पहले समितियों के लिए किया गया है। इफको केंद्रों पर यूरिया और एनपीके उपलब्ध है।
- रामरतन सिंह, फील्ड ऑफीसर, इफको शाहजहांपुर
सहकारी साधन समितियों और प्राइवेट में भरपूर खाद उपलब्ध है। दो दिन में खाद की एक और रैक आ रही है। साधन समितियों के अलावा प्राइवेट में इसका वितरण किया जाएगा। जो भी जिंक टैग करके खाद का वितरण कर रहा है, उसके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
- विकास शर्मा, जिला कृषि अधिकारी

मूंगालाल निवासी ग्राम पड़री किशनपुर

मूंगालाल निवासी ग्राम पड़री किशनपुर

मूंगालाल निवासी ग्राम पड़री किशनपुर

मूंगालाल निवासी ग्राम पड़री किशनपुर