{"_id":"66bfca7c206494e4110f06f4","slug":"life-imprisonment-to-the-culprit-in-womans-murder-shahjahanpur-news-c-122-1-sbly1036-125030-2024-08-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shahjahanpur News: महिला की हत्या में दोषी को आजीवन कारावास की सजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shahjahanpur News: महिला की हत्या में दोषी को आजीवन कारावास की सजा
Sat, 17 Aug 2024 03:24 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
Updated Sat, 17 Aug 2024 03:24 AM IST
विज्ञापन
शाहजहांपुर। विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी एक्ट गरिमा सिंह ने हत्या के एक मुकदमे में दोषी को आजीवन कारावास और 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा से दंडित किया है। दो आरोपियों की मुकदमे के दौरान मौत हो गई थी।
जैतीपुर क्षेत्र के गांव बड़ा गांव मंझरा खिरिया निवासी रामेश्वर ने 13 अक्तूबर 2000 को पुलिस को बताया था कि उसकी बिरादरी के लोग नीम के देवी स्थान पर हवन करवा चुके थे। उनकी पत्नी सुशीला देवी (45) नीम के पेड़ के पास खाली जमीन पर कंडे पाथ रही थी। पूर्वाह्न 11 बजे गांव के सुरेंद्र सिंह, उसका भाई वीरपाल और राकेश बंदूकें लेकर आ गए और गालीगलौज करने लगे। उन लोगों ने कहा कि पहले हवन किया और अब कंडे पाथ रही हो।
उनकी पत्नी घर की ओर भागी तो हमलावरों ने जातिसूचक गालियां देते हुए फायरिंग कर दी। गोली पत्नी की पीठ में लगी और उसकी मौके पर मौत हो गई। वादी की तहरीर पर सुरेंद्र सिंह, वीरपाल और राकेश के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई। विशेष न्यायाधीश ने गवाहों के बयानात और साक्ष्यों के आधार पर सुरेंद्र सिंह को दोषी पाया और उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई। वीरपाल और राकेश की मृत्यु मुकदमे के दौरान हो गई थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
जैतीपुर क्षेत्र के गांव बड़ा गांव मंझरा खिरिया निवासी रामेश्वर ने 13 अक्तूबर 2000 को पुलिस को बताया था कि उसकी बिरादरी के लोग नीम के देवी स्थान पर हवन करवा चुके थे। उनकी पत्नी सुशीला देवी (45) नीम के पेड़ के पास खाली जमीन पर कंडे पाथ रही थी। पूर्वाह्न 11 बजे गांव के सुरेंद्र सिंह, उसका भाई वीरपाल और राकेश बंदूकें लेकर आ गए और गालीगलौज करने लगे। उन लोगों ने कहा कि पहले हवन किया और अब कंडे पाथ रही हो।
विज्ञापन
उनकी पत्नी घर की ओर भागी तो हमलावरों ने जातिसूचक गालियां देते हुए फायरिंग कर दी। गोली पत्नी की पीठ में लगी और उसकी मौके पर मौत हो गई। वादी की तहरीर पर सुरेंद्र सिंह, वीरपाल और राकेश के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई। विशेष न्यायाधीश ने गवाहों के बयानात और साक्ष्यों के आधार पर सुरेंद्र सिंह को दोषी पाया और उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई। वीरपाल और राकेश की मृत्यु मुकदमे के दौरान हो गई थी।
विज्ञापन