{"_id":"580237f84f1c1b67522924b4","slug":"leopard-sharda-s-body-found-in-canal","type":"story","status":"publish","title_hn":"शारदा नहर में मिला तेंदुए का शव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शारदा नहर में मिला तेंदुए का शव
ब्यूरो, अमर उजाला शाहजहांपुर
Updated Sat, 15 Oct 2016 11:42 PM IST
विज्ञापन
तेंदुअा का शव देखते लोग
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पुवायां। शनिवार सुबह एक तेंदुए का शव गांव सिंघापुर के पास शारदा नहर पुल के पास झाल में फंसा पाया गया। शव को नहर से निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
शनिवार सुबह कुछ लोगों ने सिंघापुर बिलसंडा मार्ग पर शारदा नहर पुल से नीचे देखा तो झाल में एक तेंदुआ फंसा दिखाई दिया। झाल में गिर रही तेज धार के कारण तेंदुए का शव बार बार ऊपर नीचे हो रहा था। लोगों को लगा कि तेंदुआ जिंदा है और पानी से निकलने के लिए संघर्ष कर रहा है। कुछ ही देर में मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। इस बीच मामले की जानकारी वनकर्मियों को भी दी गई। सूचना पाकर पुवायां रेंज के वन दरोगा राजेंद्र सिंह सहित कई वनकर्मी मौके पर पहुंचे और तेज बहाव से तेंदुए के शव को लोगों की मदद से बाहर निकाला। तब पता लगा कि तेंदुए का शव कई दिन पुराना है और काफी सड़ चुका है। एक सौ तीस सेंटीमीटर लंबाई और साठ सेंटीमीटर ऊंचाई वाला यह वयस्क तेंदुआ था। इसकी आयु पांच साल होने का अनुमान है। समझा जाता है कि तेंदुआ किसी शिकार के पीछे नहर में कूद पड़ा और पानी के तेज बहाव के कारण डूबने से उसकी मौत हो गई। कुछ लोगों ने बताया कि तेंदुए का शव शनिवार सुबह नहर में बंडा की ओर से बहकर आया और झाल में फंस गया।
पुवायां के एसडीओ के अवकाश पर होने के कारण तिलहर के एसडीओ राजकुमार त्यागी तेंदुए की मौत की जानकारी पाकर सिंधौली के रेंजर हसीब बेग, खुटार के रेंजर एसएन यादव आदि के साथ मौके पर पहुंचे और शव का मुआयना किया। शव पर कहीं भी चोट के निशान नहीं मिले हैं। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए बरेली आईवीआरआई भेज दिया गया।
विज्ञापन
फोटो खींचने वालों की लगी भीड़
तेंदुए का शव मिलने की जानकारी पाकर शारदा नहर पुल पर आसपास के कई गांवों के लोग पहुंच गए। तेंदुए के शव का फोटो खींचने वालों की भीड़ के कारण नाहिल बिलसंडा मार्ग पर आवागमन बाधित हो गया। इसके बाद वनकर्मियों ने लोगों को मौके से खदेड़ा।
तेंदुए की मौत का कारण पोस्टमार्टम के बाद ही पता चल सकेगा। समझा जाता है कि तेंदुआ पानी पीते समय नहर में गिर गया और तेज धार के कारण तैर नहीं सका। हो सकता है तेंदुआ शिकार का पीछा करते हुए नहर में कूदा हो। शव चार से पांच दिन पुराना है।
- हसीब बेग, रेंजर सिंधौली
विज्ञापन
शनिवार सुबह कुछ लोगों ने सिंघापुर बिलसंडा मार्ग पर शारदा नहर पुल से नीचे देखा तो झाल में एक तेंदुआ फंसा दिखाई दिया। झाल में गिर रही तेज धार के कारण तेंदुए का शव बार बार ऊपर नीचे हो रहा था। लोगों को लगा कि तेंदुआ जिंदा है और पानी से निकलने के लिए संघर्ष कर रहा है। कुछ ही देर में मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। इस बीच मामले की जानकारी वनकर्मियों को भी दी गई। सूचना पाकर पुवायां रेंज के वन दरोगा राजेंद्र सिंह सहित कई वनकर्मी मौके पर पहुंचे और तेज बहाव से तेंदुए के शव को लोगों की मदद से बाहर निकाला। तब पता लगा कि तेंदुए का शव कई दिन पुराना है और काफी सड़ चुका है। एक सौ तीस सेंटीमीटर लंबाई और साठ सेंटीमीटर ऊंचाई वाला यह वयस्क तेंदुआ था। इसकी आयु पांच साल होने का अनुमान है। समझा जाता है कि तेंदुआ किसी शिकार के पीछे नहर में कूद पड़ा और पानी के तेज बहाव के कारण डूबने से उसकी मौत हो गई। कुछ लोगों ने बताया कि तेंदुए का शव शनिवार सुबह नहर में बंडा की ओर से बहकर आया और झाल में फंस गया।
विज्ञापन
पुवायां के एसडीओ के अवकाश पर होने के कारण तिलहर के एसडीओ राजकुमार त्यागी तेंदुए की मौत की जानकारी पाकर सिंधौली के रेंजर हसीब बेग, खुटार के रेंजर एसएन यादव आदि के साथ मौके पर पहुंचे और शव का मुआयना किया। शव पर कहीं भी चोट के निशान नहीं मिले हैं। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए बरेली आईवीआरआई भेज दिया गया।
विज्ञापन
फोटो खींचने वालों की लगी भीड़
तेंदुए का शव मिलने की जानकारी पाकर शारदा नहर पुल पर आसपास के कई गांवों के लोग पहुंच गए। तेंदुए के शव का फोटो खींचने वालों की भीड़ के कारण नाहिल बिलसंडा मार्ग पर आवागमन बाधित हो गया। इसके बाद वनकर्मियों ने लोगों को मौके से खदेड़ा।
तेंदुए की मौत का कारण पोस्टमार्टम के बाद ही पता चल सकेगा। समझा जाता है कि तेंदुआ पानी पीते समय नहर में गिर गया और तेज धार के कारण तैर नहीं सका। हो सकता है तेंदुआ शिकार का पीछा करते हुए नहर में कूदा हो। शव चार से पांच दिन पुराना है।
- हसीब बेग, रेंजर सिंधौली