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Shahjahanpur News: लौज और खुरचन बनेगी जिले की पहचान..प्रस्ताव पर लगी मुहर
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तिलहर में दुकान पर रखीं लौज। संवाद
शाहजहांपुर। एक जनपद-एक व्यंजन योजना के तहत जिले के चार व्यंजनों पर सहमति बनी है। लौज और खुरचन के साथ ही समोसा और गुड़ भी योजना में लिए गए हैं। कैबिनेट में प्रस्ताव पर सहमति बनने के बाद इन व्यंजनों से जुड़े व्यापारियों को प्रोत्साहित करने के साथ ही अनुदान मिलेगा और मेलों में अपने व्यंजनों का प्रदर्शन करने का मौका मिलेगा।
ओडीओपी की तरह जिले से एक जनपद-एक व्यंजन योजना के लिए व्यंजनों का प्रस्ताव मांगा गया था। उद्योग केंद्र के उपायुक्त संजय सिंह ने बताया कि यहां से गुड़ और लौज का प्रस्ताव बनाकर भेजा गया था। वहां विचार-विमर्श के बाद लौज, खुरचन, गुड़ और समोसा को योजना में शामिल किया गया।
योजना के तहत व्यापारियों को काफी लाभ मिलेगा। उन्होंने बताया कि संबंधित व्यंजनों को मेलों और प्रदर्शनी में अपने ब्रांड की मार्केटिंग करने का मौका मिला। राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर तक व्यंजन पहुंच सकेंगे। इसी तरह ब्रांडिंग और मार्केटिंग भी कर सकेंगे। उत्पाद को शुद्ध रखने के लिए प्रशिक्षकों से प्रशिक्षण भी दिलाया जा सकता है। इसके अलावा बैंकों से ऋण लेने पर 25 प्रतिशत तक अनुदान भी मिल सकेगा।
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खुदागंज की खुरचन और तिलहर की लौज है मशहूर
जिले में खुदागंज की खुरचन और तिलहर की लौज काफी मशहूर है। स्थानीय स्तर से लेकर गैरजनपदों तक लोग अपनों के लिए लेकर जाते हैं। दोनों ही व्यंजनों के कारोबार से काफी लोग जुड़े हैं। इसके अलावा गन्ना बहुल क्षेत्र होने के कारण गुड़ का कारोबार भी बड़े पैमाने पर होता है। फास्टफूड में समोसा सर्वोत्तम व्यंजन माना जाता है।
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ओडीओपी की तरह जिले से एक जनपद-एक व्यंजन योजना के लिए व्यंजनों का प्रस्ताव मांगा गया था। उद्योग केंद्र के उपायुक्त संजय सिंह ने बताया कि यहां से गुड़ और लौज का प्रस्ताव बनाकर भेजा गया था। वहां विचार-विमर्श के बाद लौज, खुरचन, गुड़ और समोसा को योजना में शामिल किया गया।
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योजना के तहत व्यापारियों को काफी लाभ मिलेगा। उन्होंने बताया कि संबंधित व्यंजनों को मेलों और प्रदर्शनी में अपने ब्रांड की मार्केटिंग करने का मौका मिला। राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर तक व्यंजन पहुंच सकेंगे। इसी तरह ब्रांडिंग और मार्केटिंग भी कर सकेंगे। उत्पाद को शुद्ध रखने के लिए प्रशिक्षकों से प्रशिक्षण भी दिलाया जा सकता है। इसके अलावा बैंकों से ऋण लेने पर 25 प्रतिशत तक अनुदान भी मिल सकेगा।
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खुदागंज की खुरचन और तिलहर की लौज है मशहूर
जिले में खुदागंज की खुरचन और तिलहर की लौज काफी मशहूर है। स्थानीय स्तर से लेकर गैरजनपदों तक लोग अपनों के लिए लेकर जाते हैं। दोनों ही व्यंजनों के कारोबार से काफी लोग जुड़े हैं। इसके अलावा गन्ना बहुल क्षेत्र होने के कारण गुड़ का कारोबार भी बड़े पैमाने पर होता है। फास्टफूड में समोसा सर्वोत्तम व्यंजन माना जाता है।