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Shahjahanpur News: तिलहर स्टेशन पर ट्रेनों का अभाव, यात्री सुविधाएं भी मुहैया नहीं
Sat, 25 May 2024 04:31 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
Updated Sat, 25 May 2024 04:31 AM IST
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इस फुट ओवर ब्रिज को लंबा करने की मांग की जा रही है। संवाद
तिलहर। तिलहर रेलवे स्टेशन की प्रतिमाह लगभग 10 से 15 लाख रुपये की कमाई है फिर भी यात्रियों को सुविधाएं मुहैया नहीं हो रहीं। इसके अलावा कई महत्वपूर्ण ट्रेनों के स्टॉपेज नहीं होने के कारण यात्री परेशान हैं। इस भीषण गर्मी में दोनों प्लेटफार्म पर पेयजल की किल्लत है।
तिलहर रेलवे स्टेशन के दोनों प्लेटफार्म पर वाटर लाइन सप्लाई की सुविधा नहीं है। एक नंबर प्लेटफार्म पर प्रतीक्षालय के समीप कोने में शीतल जल की मशीन लगी हुई है। थोड़ी देर के ट्रेन के स्टॉपेज के कारण यात्रियों को यहां से पानी लेना सुविधाजनक नहीं है। सफाईकर्मियों की कमी होने से शौचालय गंदगी से भरे पड़े हैं। रोशनी के लिए लगे स्टैंड पोस्ट के लिए बिजली की सप्लाई तिलहर नगर फीडर से होती है। सप्लाई बाधित रहने पर लाइट नहीं जल पाती है, जिससे रात के समय प्लेटफार्म पर अंधेरा छाया रहता है।
तिलहर रेलवे स्टेशन से प्रति माह यात्रियों से लगभग 10 से 15 लख रुपए की आमदनी होती है। इसके बावजूद यहां सुविधाओं का टोटा बना हुआ है। यहां पर बरेली-रोजा पैसेंजर, बरेली प्रयागराज, बरेली वाराणसी, जम्मूतवी-कोलकाता, ऋषिकेश-हावड़ा और नई दिल्ली वाराणसी एक्सप्रेस का स्टॉपेज है। बरसों पहले से चलाई जा रही चार-पांच ट्रेनों का ही स्टाॅपेज है। तहसील मुख्यालय होने के बावजूद नगरवासी लंबे अरसे से त्रिवेणी एक्सप्रेस, जनता एक्सप्रेस और दिल्ली जाने वाली ट्रेनों के स्टॉपेज की लंबे समय से मांग करते रहे हैं। इस पर ध्यान नहीं दिया जा रहा। जनप्रतिनिधियों से भी मांग की गई लेकिन सुनवाई नहीं हुई।
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रेलवे ट्रैक पार करना मजबूरी
तिलहर नगर की आबादी रेलवे स्टेशन के दक्षिण दिशा में है, जबकि प्लेटफार्म पूर्वी दिशा में है। ऐसे में यात्रियों को ट्रेन से उतरने के बाद रेलवे नियमों का उल्लंघन करते हुए रेलवे ट्रैक से गुजरना पड़ता है। नगरवासी पुल नंबर एक से नंबर दो प्लेटफार्म को जोड़ने वाले इस पुल के विस्तारीकरण की मांग कर चुके हैं लेकिन आज तक कोई सुनवाई नहीं हुई है।
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लंबे समय से यात्री कर रहे मांग
यात्री विवेक सक्सेना ने बताया कि रात 12 बजे के बाद से दिन के समय कोई भी ट्रेन दिल्ली के लिए नहीं है। प्लेटफार्म एक पर लगा आरओ चोक हो गया है। गंदा पानी यात्रियों को मिल रहा है। दोनों प्लेटफार्म पर गंदगी फैली है। त्रिवेणी और इलाहाबाद-हरिद्वार ट्रेन के स्टॉपेज होने चाहिए। वहीं व्यापारी आदेश कुमार ने बताया कि दोनों प्लेटफार्म पर शेड की कमी है। यात्री बरसात और गर्मी में परेशान होते हैं। पेयजल की व्यवस्था के लिए ओवरहेड टैंक बनना चाहिए। प्लेटफॉर्म पर ओवरब्रिज की लंबाई बढ़ाने की मांग वर्षों से की जा रही है।
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तिलहर रेलवे स्टेशन पर प्रतिमाह लगभग 10 लाख से ऊपर की आमदनी है। मुझे जो भी शिकायती पत्र यहां मिलते हैं, मैं उन्हें उच्च अधिकारियों को भेज देता हूं।
दीपक नंदन, स्टेशन अधीक्षक तिलहर।
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तिलहर रेलवे स्टेशन के दोनों प्लेटफार्म पर वाटर लाइन सप्लाई की सुविधा नहीं है। एक नंबर प्लेटफार्म पर प्रतीक्षालय के समीप कोने में शीतल जल की मशीन लगी हुई है। थोड़ी देर के ट्रेन के स्टॉपेज के कारण यात्रियों को यहां से पानी लेना सुविधाजनक नहीं है। सफाईकर्मियों की कमी होने से शौचालय गंदगी से भरे पड़े हैं। रोशनी के लिए लगे स्टैंड पोस्ट के लिए बिजली की सप्लाई तिलहर नगर फीडर से होती है। सप्लाई बाधित रहने पर लाइट नहीं जल पाती है, जिससे रात के समय प्लेटफार्म पर अंधेरा छाया रहता है।
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तिलहर रेलवे स्टेशन से प्रति माह यात्रियों से लगभग 10 से 15 लख रुपए की आमदनी होती है। इसके बावजूद यहां सुविधाओं का टोटा बना हुआ है। यहां पर बरेली-रोजा पैसेंजर, बरेली प्रयागराज, बरेली वाराणसी, जम्मूतवी-कोलकाता, ऋषिकेश-हावड़ा और नई दिल्ली वाराणसी एक्सप्रेस का स्टॉपेज है। बरसों पहले से चलाई जा रही चार-पांच ट्रेनों का ही स्टाॅपेज है। तहसील मुख्यालय होने के बावजूद नगरवासी लंबे अरसे से त्रिवेणी एक्सप्रेस, जनता एक्सप्रेस और दिल्ली जाने वाली ट्रेनों के स्टॉपेज की लंबे समय से मांग करते रहे हैं। इस पर ध्यान नहीं दिया जा रहा। जनप्रतिनिधियों से भी मांग की गई लेकिन सुनवाई नहीं हुई।
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रेलवे ट्रैक पार करना मजबूरी
तिलहर नगर की आबादी रेलवे स्टेशन के दक्षिण दिशा में है, जबकि प्लेटफार्म पूर्वी दिशा में है। ऐसे में यात्रियों को ट्रेन से उतरने के बाद रेलवे नियमों का उल्लंघन करते हुए रेलवे ट्रैक से गुजरना पड़ता है। नगरवासी पुल नंबर एक से नंबर दो प्लेटफार्म को जोड़ने वाले इस पुल के विस्तारीकरण की मांग कर चुके हैं लेकिन आज तक कोई सुनवाई नहीं हुई है।
लंबे समय से यात्री कर रहे मांग
यात्री विवेक सक्सेना ने बताया कि रात 12 बजे के बाद से दिन के समय कोई भी ट्रेन दिल्ली के लिए नहीं है। प्लेटफार्म एक पर लगा आरओ चोक हो गया है। गंदा पानी यात्रियों को मिल रहा है। दोनों प्लेटफार्म पर गंदगी फैली है। त्रिवेणी और इलाहाबाद-हरिद्वार ट्रेन के स्टॉपेज होने चाहिए। वहीं व्यापारी आदेश कुमार ने बताया कि दोनों प्लेटफार्म पर शेड की कमी है। यात्री बरसात और गर्मी में परेशान होते हैं। पेयजल की व्यवस्था के लिए ओवरहेड टैंक बनना चाहिए। प्लेटफॉर्म पर ओवरब्रिज की लंबाई बढ़ाने की मांग वर्षों से की जा रही है।
तिलहर रेलवे स्टेशन पर प्रतिमाह लगभग 10 लाख से ऊपर की आमदनी है। मुझे जो भी शिकायती पत्र यहां मिलते हैं, मैं उन्हें उच्च अधिकारियों को भेज देता हूं।
दीपक नंदन, स्टेशन अधीक्षक तिलहर।