{"_id":"686d6aad344107f59a0ce844","slug":"lack-of-specialist-doctors-patients-are-not-getting-treatment-shahjahanpur-news-c-122-1-sbly1042-147620-2025-07-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shahjahanpur News: विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी, मरीजों को नहीं मिल पा रहा उपचार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shahjahanpur News: विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी, मरीजों को नहीं मिल पा रहा उपचार
विज्ञापन
शाहजहांपुर। जिले के लोगों को सरकारी अस्पतालों में बेहतर उपचार नहीं मिल पा रहा है। स्वास्थ्य विभाग के पास विशेषज्ञ डॉक्टरों की काफी कमी होने के चलते मरीजों को निजी अस्पतालों में उपचार के लिए जाना पड़ रहा है। विभाग के पास एक हड्डी रोग विशेषज्ञ और मात्र दो सर्जन हैं।
जिले में 15 सीएचसी व 39 पीएचसी हैं। इन अस्पतालों में मरीजों का सामान्य उपचार ही हो पा रहा है। गंभीर रोगियों को राजकीय मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया जाता है, अन्यथा निजी अस्पताल में लेकर जाने की सलाह दी जाती है। स्वास्थ्य विभाग के पास मात्र एक हड्डी रोग विशेषज्ञ डाॅ. सरोज कुमार हैं। नियम के अनुसार, प्रत्येक सीएचसी पर हड्डी के डॉक्टर की नियुक्ति होनी चाहिए लेकिन, डॉक्टर की तैनाती नहीं है।
इसके अलावा जिले में मात्र दो ही सर्जन तैनात हैं। इसमें एक तिलहर व दूसरा पुवायां में हैं। शेष सीएचसी पर सर्जन का पद रिक्त है। आंकड़ों पर नजर डालें तो स्वीकृत 195 पदों के सापेक्ष 71 ही पीएमएस से डॉक्टर तैनात हैं। नियम के हिसाब से 81 विशेषज्ञ की जरूरत है, जबकि विभाग के पास मात्र 13 ही उपलब्ध हैं। शेष पद रिक्त हैं।
विज्ञापन
इसके अलावा एनएचएम से संविदा पर 17, एमओसीएच आयुष के 12, संविदा पर आयुष के 17 , आयुष महिला के 10 ओर बीडीएस के 15 डॉक्टर हैं।
विभागीय कार्यों व झंझट के चलते आना नहीं चाहते डॉक्टर
लाखाें रुपये खर्च कर एमबीबीएस करने वाले डॉक्टर सरकारी सेवा में आने से कतराते हैं। विभागीय कार्य व स्थानीय दबाव के चलते डॉक्टर नौकरी से कन्नी काटने लगे हैं। विभाग ने पूर्व में कई बार विज्ञापन भी निकाला, लेकिन पद नहीं भरे जा सके। कमी की वजह से डॉक्टरों को अतिरिक्त जिम्मेदारी निभाना पड़ रही है।
नए आ नहीं रहे, पुराने मैदान छोड़ रहे
स्वास्थ्य विभाग को नए डॉक्टर नहीं मिल रहे हैं। वहीं, पुराने डॉक्टर नौकरी रास नहीं आने पर इस्तीफा दे रहे हैं। इस वर्ष दस मार्च को शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जलीकोठी की डॉ. ज्योति कुशवाहा ने त्यागपत्र दे दिया। उन्होंने पति का लखनऊ में ट्रांसफर होने के चलते साथ जाने की वजह बताई। इससे पहले हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर अजीजगंज में कार्यरत डॉ. रजत मिश्रा, पीएचसी सरायकाइयां से डॉ. अर्सलान, बाबूजई हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर की डॉ. सौम्या रस्तोगी ने दिसंबर में त्यागपत्र दिया था।
रिक्त पदाें के लिए डीजी को पत्राचार किया है। डॉक्टरों की कमी पूरी करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। - विवेक मिश्रा, सीएमओ
विज्ञापन
जिले में 15 सीएचसी व 39 पीएचसी हैं। इन अस्पतालों में मरीजों का सामान्य उपचार ही हो पा रहा है। गंभीर रोगियों को राजकीय मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया जाता है, अन्यथा निजी अस्पताल में लेकर जाने की सलाह दी जाती है। स्वास्थ्य विभाग के पास मात्र एक हड्डी रोग विशेषज्ञ डाॅ. सरोज कुमार हैं। नियम के अनुसार, प्रत्येक सीएचसी पर हड्डी के डॉक्टर की नियुक्ति होनी चाहिए लेकिन, डॉक्टर की तैनाती नहीं है।
विज्ञापन
इसके अलावा जिले में मात्र दो ही सर्जन तैनात हैं। इसमें एक तिलहर व दूसरा पुवायां में हैं। शेष सीएचसी पर सर्जन का पद रिक्त है। आंकड़ों पर नजर डालें तो स्वीकृत 195 पदों के सापेक्ष 71 ही पीएमएस से डॉक्टर तैनात हैं। नियम के हिसाब से 81 विशेषज्ञ की जरूरत है, जबकि विभाग के पास मात्र 13 ही उपलब्ध हैं। शेष पद रिक्त हैं।
विज्ञापन
इसके अलावा एनएचएम से संविदा पर 17, एमओसीएच आयुष के 12, संविदा पर आयुष के 17 , आयुष महिला के 10 ओर बीडीएस के 15 डॉक्टर हैं।
विभागीय कार्यों व झंझट के चलते आना नहीं चाहते डॉक्टर
लाखाें रुपये खर्च कर एमबीबीएस करने वाले डॉक्टर सरकारी सेवा में आने से कतराते हैं। विभागीय कार्य व स्थानीय दबाव के चलते डॉक्टर नौकरी से कन्नी काटने लगे हैं। विभाग ने पूर्व में कई बार विज्ञापन भी निकाला, लेकिन पद नहीं भरे जा सके। कमी की वजह से डॉक्टरों को अतिरिक्त जिम्मेदारी निभाना पड़ रही है।
नए आ नहीं रहे, पुराने मैदान छोड़ रहे
स्वास्थ्य विभाग को नए डॉक्टर नहीं मिल रहे हैं। वहीं, पुराने डॉक्टर नौकरी रास नहीं आने पर इस्तीफा दे रहे हैं। इस वर्ष दस मार्च को शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जलीकोठी की डॉ. ज्योति कुशवाहा ने त्यागपत्र दे दिया। उन्होंने पति का लखनऊ में ट्रांसफर होने के चलते साथ जाने की वजह बताई। इससे पहले हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर अजीजगंज में कार्यरत डॉ. रजत मिश्रा, पीएचसी सरायकाइयां से डॉ. अर्सलान, बाबूजई हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर की डॉ. सौम्या रस्तोगी ने दिसंबर में त्यागपत्र दिया था।
रिक्त पदाें के लिए डीजी को पत्राचार किया है। डॉक्टरों की कमी पूरी करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। - विवेक मिश्रा, सीएमओ