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Shahjahanpur News: डिजिटल अरेस्ट कर 13 लाख की ठगी की जांच शुरू
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शाहजहांपुर। थाना सदर बाजार के मोहल्ला तारीन जलालनगर निवासी होम्योपैथ परामर्शदाता अजय सक्सेना को 16 दिन हाउस अरेस्ट कर 13 लाख रुपये साइबर ठगी की जांच शुरू कर दी गई। साइबर पुलिस ने जिन खातों में रुपये ट्रांसफर किए। उनकी तलाश कर रहे हैं, साथ ही कॉल की लोकेशन भी ट्रेस की जा रही है।
होम्योपैथ परामर्शदाता अजय सक्सेना के साथ इस वर्ष चार फरवरी को सुबह उनके घर में डिजिटल अरेस्ट की शुरुआत हुई थी। उन्हें एक लड़की ने कॉल कर घोटाले में शामिल होने की बात कहकर 16 दिन तक व्हाट्सएप काॅल के जरिये निगाह बनाए रखी। पीड़ित के अनुसार, नहाने और खाना खाने तक के लिए विजय खन्ना नामक दरोगा से अनुमति लेना पड़ती थी।
उनसे कई बार में 13 लाख रुपये ठग लिए। वारदात के बाद अजय सक्सेना रिपोर्ट दर्ज कराने का प्रयास करते रहे, लेकिन कामयाबी नहीं मिली। एसपी से मुलाकात के बाद 19 जून को साइबर थाने में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई। केस दर्ज हाेने के बाद पुलिस ने मोबाइल नंबरों को तलाशना शुरू कर दिया, जिनसे कॉल आई थी। इसमें मुंबई के आसपास की लोकेशन निकली है। उन खातों की डिटेल भी निकलवाई है, जिसमें रुपये ट्रांसफर किए गए हैं।
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यह बरतें सावधानी
-पुलिस, सीबीआई, ईडी समेत कोई भी जांच अधिकारी व्हाट्सएप कॉल गिरफ्तारी नहीं करती है।
-ऐसी कोई कॉल आने पर तुरंत ही नजदीकी थाने में संपर्क करें, वहां पूरी स्थिति से अवगत कराएं।
-किसी अन्जान नंबर से ऑडियो-वीडियो कॉल न रिसीव करें।
संदिग्ध लिंक, अंजान ई-मेल या मेसेज पर क्लिक नहीं करें।
- मोहन देव, प्रभारी-मीडिया सेल
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-रिपोर्ट दर्ज कर ली गई। लोगों को साइबर ठगी की घटनाओं से बचाने के लिए अभियान भी चल रहा है।
राजेश द्विवेदी, एसपी
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होम्योपैथ परामर्शदाता अजय सक्सेना के साथ इस वर्ष चार फरवरी को सुबह उनके घर में डिजिटल अरेस्ट की शुरुआत हुई थी। उन्हें एक लड़की ने कॉल कर घोटाले में शामिल होने की बात कहकर 16 दिन तक व्हाट्सएप काॅल के जरिये निगाह बनाए रखी। पीड़ित के अनुसार, नहाने और खाना खाने तक के लिए विजय खन्ना नामक दरोगा से अनुमति लेना पड़ती थी।
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उनसे कई बार में 13 लाख रुपये ठग लिए। वारदात के बाद अजय सक्सेना रिपोर्ट दर्ज कराने का प्रयास करते रहे, लेकिन कामयाबी नहीं मिली। एसपी से मुलाकात के बाद 19 जून को साइबर थाने में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई। केस दर्ज हाेने के बाद पुलिस ने मोबाइल नंबरों को तलाशना शुरू कर दिया, जिनसे कॉल आई थी। इसमें मुंबई के आसपास की लोकेशन निकली है। उन खातों की डिटेल भी निकलवाई है, जिसमें रुपये ट्रांसफर किए गए हैं।
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यह बरतें सावधानी
-पुलिस, सीबीआई, ईडी समेत कोई भी जांच अधिकारी व्हाट्सएप कॉल गिरफ्तारी नहीं करती है।
-ऐसी कोई कॉल आने पर तुरंत ही नजदीकी थाने में संपर्क करें, वहां पूरी स्थिति से अवगत कराएं।
-किसी अन्जान नंबर से ऑडियो-वीडियो कॉल न रिसीव करें।
संदिग्ध लिंक, अंजान ई-मेल या मेसेज पर क्लिक नहीं करें।
- मोहन देव, प्रभारी-मीडिया सेल
-रिपोर्ट दर्ज कर ली गई। लोगों को साइबर ठगी की घटनाओं से बचाने के लिए अभियान भी चल रहा है।
राजेश द्विवेदी, एसपी