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Shahjahanpur News: पनप रहे अवैध अस्पताल... कार्रवाई के लिए जान जाने का इंतजार
Sun, 09 Feb 2025 12:43 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
Updated Sun, 09 Feb 2025 12:43 AM IST
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शाहजहांपुर। जिले में हर गली-चौराहे पर अस्पताल संचालित हो रहे हैं। इसके बावजूद चेकिंग अभियान नहीं चल रहा है। स्वास्थ्य विभाग के नरम रवैये से अवैध अस्पताल पनप रहे हैं। बिना मानक के संचालित अस्पताल मरीजों की जान से खेल रहे हैं, लेकिन विभागीय अफसर किसी की जान जाने के बाद ही कार्रवाई करते हैं।
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों में वर्तमान में जिले में 119 अस्पताल पंजीकृत हैं। वहीं, हर ब्लॉक में बड़े पैमाने पर अस्पतालों का संचालन हो रहा है। अवैध रूप से संचालित अस्पतालों के बाहर डॉक्टर के नाम का बोर्ड और डिग्री जरूर लिखी है, लेकिन डॉक्टर का अता-पता नहीं है। यहां पर अप्रशिक्षित डाॅक्टर उपचार करते मिल जाएंगे।
इन अस्पतालों में गर्भवती महिलाओं के ऑपरेशन के केस सबसे ज्यादा लिए जाते हैं। मोटी रकम तय करने के बाद डॉक्टरों को बुलाते हैं। वहीं, डॉक्टर ऑपरेशन और एनेस्थीजिया का इंजेक्शन तक देता है। निगोही के धन्वतरि अस्पताल में जच्चा-बच्चा की मौत इसका उदाहरण है। कोई हादसा होने के बाद क्षेत्र के प्रभावशाली लोग सक्रिय होकर अस्पताल संचालक व तीमारदारों के बीच समझौता करा देते हैं। इतने बड़े पैमाने पर अस्पतालों के चलने के बावजूद स्वास्थ्य विभाग कार्रवाई नहीं कर रहा है। शहर में करीब 50 वैध अस्पताल हैं।
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अभियान चलने पर रजिस्ट्रेशन कराने वालों की संख्या बढ़ी
-नोडल अधिकारी रहे डॉ. आसिफ को सत्तापक्ष के नेताओं की शिकायत के बाद चार्ज से हटा दिया गया था। इसके बाद प्रत्येक सीएचसी प्रभारी को अपने क्षेत्र में अभियान चलाने के निर्देश दिए थे। उस समय 106 अस्पताल पंजीकृत थे। शुरुआत में सीएचसी प्रभारियों ने सख्त रुख अपनाया तो 15 से अधिक अस्पताल सील किए गए थे। वर्तमान में 119 अस्पताल पंजीकृत हैं। इसमें सबसे ज्यादा सदर तहसील में हैं। अभियान बंद होने के बाद अवैध अस्पताल संचालक फिर से सक्रिय हो गए हैं।
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ये हैं पंजीकृत अस्पताल
पुवायां-कृष्णा नर्सिंग होम, सतीश चंद्र मेमोरियल नर्सिंग होम, सावित्री हाॅस्पिटल, गुरुनानक हॉस्पिटल, बरगदिया, न्यू लाइफ हॉस्पिटल, रतन द मेडिसिटी हॉस्पिटल, आरएमएल लाइफ केयर अस्पताल, काइनेटिक इंस्टीट्यूट एंड हॉस्पिटल पीरु महुआ पाठक, शीतल हॉस्पिटल मोहम्मदी रोड, किलकारी न्यूबार्न एंड चाइल्ड केयर नर्सिंग होम, गायत्री हॉस्पिटल , हेल्पलाइन हॉस्पिटल, राधा सत्य हॉस्पिटल गंगसरा, एमएस हॉस्पिटल, साईं कनक हॉस्पिटल, अनुपम हॉस्पिटल कहमरा रोड, जीवनदीप हॉस्पिटल।
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मदनापुर : जीवन अनमोल हॉस्पिटल
तिलहर : बीके नर्सिग होम, अग्रवाल जनरल अस्पताल, कुंवरगंज, मनोज अस्पताल मौजमपुर, सिटी अस्पताल, श्री हरि चिकित्सालय तहसील रोड, जय बाला जी हॉस्पिटल दोदराजपुर, सेंट्रल हॉस्पिटल, ऑक्सीन हॉस्पिटल, शिफा हॉस्पिटल, मेडिकेयर हॉस्पिटल, मौजमपुर
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बंडा : दशमेश आई हॉस्पिटल, लक्ष्मी हॉस्पिटल, जीवन रेखा हॉस्पिटल, न्यू उन्नति हॉस्पिटल
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जलालाबाद : शिव हाॅस्पिटल, श्रीकृष्ण हॉस्पिटल याकूबपुर तिराहा, लाइफ लाइन हॉस्पिटल, राधे कृष्ण हॉस्पिटल बरेली रोड
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खुटार : जीवन ज्योति हॉस्पिटल तिकुनिया, नंदलाल हॉस्पिटल, हेल्थ केयर हॉस्पिटल गोला रोड, गीता मेमोरियल हॉस्पिटल, अपोलो हॉस्पिटल एंड अल्ट्रासाउंड सेंटर, लाइफ केयर हॉस्पिटल।
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अल्हागंज : ओमशिव हॉस्पिटल, राममूर्ति हॉस्पिटल,
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कलान : जीआरएस हॉस्पिटल, परौर रोड
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मिर्जापुर : सुमनलता संतनपाल सिंह हॉस्पिटल।
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निगोही : साईं हॉस्पिटल, बीसलपुर रोड, विनायक हॉस्पिटल बीसलपुर रोड, सीताराम हॉस्पिटल।
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ददरौल : राजपूत हॉस्पिटल भरगवां
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कांट : क्लासिक हेल्थ सेंटर मोहल्ला पट्टी, न्यू श्री बाला जी हॉस्पिटल
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खुदागंज : न्यू लाइफ केयर हॉस्पिटल
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कटरा : निदान हॉस्पिटल, रहमान मेमोरियल जनरल एंड आर्थोपैडिक हॉस्पिटल
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सिंधौली : रीना हॉस्पिटल, जनसेवा हॉस्पिटल, अपोलो हॉस्पिटल
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अवैध अस्पतालों की जांच वे स्वयं कराएंगे। बिना पंजीकृत अस्पतालों को चलने नहीं दिया जाएगा। प्रत्येक सीएचसी प्रभारी को अभियान चलाने के लिए निर्देशित किया है।
डॉ. अंसार अली, सीएमओ
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स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों में वर्तमान में जिले में 119 अस्पताल पंजीकृत हैं। वहीं, हर ब्लॉक में बड़े पैमाने पर अस्पतालों का संचालन हो रहा है। अवैध रूप से संचालित अस्पतालों के बाहर डॉक्टर के नाम का बोर्ड और डिग्री जरूर लिखी है, लेकिन डॉक्टर का अता-पता नहीं है। यहां पर अप्रशिक्षित डाॅक्टर उपचार करते मिल जाएंगे।
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इन अस्पतालों में गर्भवती महिलाओं के ऑपरेशन के केस सबसे ज्यादा लिए जाते हैं। मोटी रकम तय करने के बाद डॉक्टरों को बुलाते हैं। वहीं, डॉक्टर ऑपरेशन और एनेस्थीजिया का इंजेक्शन तक देता है। निगोही के धन्वतरि अस्पताल में जच्चा-बच्चा की मौत इसका उदाहरण है। कोई हादसा होने के बाद क्षेत्र के प्रभावशाली लोग सक्रिय होकर अस्पताल संचालक व तीमारदारों के बीच समझौता करा देते हैं। इतने बड़े पैमाने पर अस्पतालों के चलने के बावजूद स्वास्थ्य विभाग कार्रवाई नहीं कर रहा है। शहर में करीब 50 वैध अस्पताल हैं।
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अभियान चलने पर रजिस्ट्रेशन कराने वालों की संख्या बढ़ी
-नोडल अधिकारी रहे डॉ. आसिफ को सत्तापक्ष के नेताओं की शिकायत के बाद चार्ज से हटा दिया गया था। इसके बाद प्रत्येक सीएचसी प्रभारी को अपने क्षेत्र में अभियान चलाने के निर्देश दिए थे। उस समय 106 अस्पताल पंजीकृत थे। शुरुआत में सीएचसी प्रभारियों ने सख्त रुख अपनाया तो 15 से अधिक अस्पताल सील किए गए थे। वर्तमान में 119 अस्पताल पंजीकृत हैं। इसमें सबसे ज्यादा सदर तहसील में हैं। अभियान बंद होने के बाद अवैध अस्पताल संचालक फिर से सक्रिय हो गए हैं।
ये हैं पंजीकृत अस्पताल
पुवायां-कृष्णा नर्सिंग होम, सतीश चंद्र मेमोरियल नर्सिंग होम, सावित्री हाॅस्पिटल, गुरुनानक हॉस्पिटल, बरगदिया, न्यू लाइफ हॉस्पिटल, रतन द मेडिसिटी हॉस्पिटल, आरएमएल लाइफ केयर अस्पताल, काइनेटिक इंस्टीट्यूट एंड हॉस्पिटल पीरु महुआ पाठक, शीतल हॉस्पिटल मोहम्मदी रोड, किलकारी न्यूबार्न एंड चाइल्ड केयर नर्सिंग होम, गायत्री हॉस्पिटल , हेल्पलाइन हॉस्पिटल, राधा सत्य हॉस्पिटल गंगसरा, एमएस हॉस्पिटल, साईं कनक हॉस्पिटल, अनुपम हॉस्पिटल कहमरा रोड, जीवनदीप हॉस्पिटल।
मदनापुर : जीवन अनमोल हॉस्पिटल
तिलहर : बीके नर्सिग होम, अग्रवाल जनरल अस्पताल, कुंवरगंज, मनोज अस्पताल मौजमपुर, सिटी अस्पताल, श्री हरि चिकित्सालय तहसील रोड, जय बाला जी हॉस्पिटल दोदराजपुर, सेंट्रल हॉस्पिटल, ऑक्सीन हॉस्पिटल, शिफा हॉस्पिटल, मेडिकेयर हॉस्पिटल, मौजमपुर
बंडा : दशमेश आई हॉस्पिटल, लक्ष्मी हॉस्पिटल, जीवन रेखा हॉस्पिटल, न्यू उन्नति हॉस्पिटल
जलालाबाद : शिव हाॅस्पिटल, श्रीकृष्ण हॉस्पिटल याकूबपुर तिराहा, लाइफ लाइन हॉस्पिटल, राधे कृष्ण हॉस्पिटल बरेली रोड
खुटार : जीवन ज्योति हॉस्पिटल तिकुनिया, नंदलाल हॉस्पिटल, हेल्थ केयर हॉस्पिटल गोला रोड, गीता मेमोरियल हॉस्पिटल, अपोलो हॉस्पिटल एंड अल्ट्रासाउंड सेंटर, लाइफ केयर हॉस्पिटल।
अल्हागंज : ओमशिव हॉस्पिटल, राममूर्ति हॉस्पिटल,
कलान : जीआरएस हॉस्पिटल, परौर रोड
मिर्जापुर : सुमनलता संतनपाल सिंह हॉस्पिटल।
निगोही : साईं हॉस्पिटल, बीसलपुर रोड, विनायक हॉस्पिटल बीसलपुर रोड, सीताराम हॉस्पिटल।
ददरौल : राजपूत हॉस्पिटल भरगवां
कांट : क्लासिक हेल्थ सेंटर मोहल्ला पट्टी, न्यू श्री बाला जी हॉस्पिटल
खुदागंज : न्यू लाइफ केयर हॉस्पिटल
कटरा : निदान हॉस्पिटल, रहमान मेमोरियल जनरल एंड आर्थोपैडिक हॉस्पिटल
सिंधौली : रीना हॉस्पिटल, जनसेवा हॉस्पिटल, अपोलो हॉस्पिटल
अवैध अस्पतालों की जांच वे स्वयं कराएंगे। बिना पंजीकृत अस्पतालों को चलने नहीं दिया जाएगा। प्रत्येक सीएचसी प्रभारी को अभियान चलाने के लिए निर्देशित किया है।
डॉ. अंसार अली, सीएमओ