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सूखा पड़ने पर कर्ज लेकर तैयार की धान की फसल...बारिश के साथ डूब गए अरमान
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खुटार। पहले सूखा पड़ने पर कर्ज लेकर फसल तैयार की और फसल कटने का समय आया तो बारिश ने फसल को भारी नुकसान पहुंचाया है। ऐसे में कोई किसान कर्ज को लेकर आहत है तो कोई बच्चों की फीस, इलाज को लेकर परेशान है।
बारिश से धान, तिल्ली की फसल में बड़ा नुकसान हुआ है लेकिन पुवायां, बंडा और खुटार में गोमती नदी में आई बाढ़ ने तमाम किसानों की फसल पूरी तरह से नष्ट कर दी है। बंडा में इंदलपुर, अलमापुर, मानपुर, ददिउरी, खुटार के गांव टाह खुर्द कलां, लक्ष्मीपुर, चमराबोझी, महमूदपुर सैंजनिया, औरंगाबाद, पुवायां के गांव पकड़िया हकीम सहित कई गांवों के किसानों की नदी के किनारे खड़ी धान और तिल्ली की फसल पूरी तरह से नष्ट हो गई है।
बच्चों की फीस जमा करने की चिंता
पांच बीघा धान की फसल अच्छी थी। इससे बच्चों की फीस जमा करनी थी। फसल तैयार करने के लिए साहूकार से कर्ज लिया था, लेकिन सारी फसल गोमती नदी की बाढ़ के पानी में डूब गई। - रमेश कुमार, लक्ष्मीपुर खुटार
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कर्ज चुकाने का नहीं मिल रहा रास्ता
चार बीघा धान की फसल थी। बारिश हुई ही नहीं। सिंचाई का साधन केवल पंपिंग सेट होने के कारण धान को तैयार करने में कर्ज लेना पड़ा। खाद, दवाएं, कीटनाशक, खरपतवार नाशक भी उधार लेना पड़ा। अब फसल पूरी तरह से डूब कर नष्ट हो गई है। समझ नहीं आता कि कर्ज कैसे उतरेगा। - बांकेलाल, गांव लक्ष्मीपुर खुटार
साढ़े पांच लाख कर्ज में डूबा हूं
मेरे छह एकड़ धान गोमती में बाढ़ आने से डूब गए हैं। पिछले वर्ष बहन की शादी की थी, जिसका काफी रुपया देना है। गंगसरा बैंक से साढ़े पांच लाख रुपये का कर्ज भी ले रखा है। आलू भी बोना था, लेकिन बाढ़ ने भारी नुकसान कर दिया है। - हरजिंदर सिंह, निवासी महमदपुर सैंजनियां
बैंक वालों को जो फसल दिखाई वो नष्ट हो गई
एक्सिस बैंक खुटार से 11 लाख रुपये का कर्ज ले रखा है। साढ़े चार एकड़ अपने खेत में धान था और तीन बीघा ठेके पर ले रखा था। बारिश से पहले बैंक के लोग आए थे तो फसल दिखाकर जल्द ही कर्ज उतार देने की बात कही थी, लेकिन बाढ़ से पांच एकड़ धान नष्ट हो गया। - मंजीत सिंह, शिवपुरी पुवायां
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बारिश से धान, तिल्ली की फसल में बड़ा नुकसान हुआ है लेकिन पुवायां, बंडा और खुटार में गोमती नदी में आई बाढ़ ने तमाम किसानों की फसल पूरी तरह से नष्ट कर दी है। बंडा में इंदलपुर, अलमापुर, मानपुर, ददिउरी, खुटार के गांव टाह खुर्द कलां, लक्ष्मीपुर, चमराबोझी, महमूदपुर सैंजनिया, औरंगाबाद, पुवायां के गांव पकड़िया हकीम सहित कई गांवों के किसानों की नदी के किनारे खड़ी धान और तिल्ली की फसल पूरी तरह से नष्ट हो गई है।
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बच्चों की फीस जमा करने की चिंता
पांच बीघा धान की फसल अच्छी थी। इससे बच्चों की फीस जमा करनी थी। फसल तैयार करने के लिए साहूकार से कर्ज लिया था, लेकिन सारी फसल गोमती नदी की बाढ़ के पानी में डूब गई। - रमेश कुमार, लक्ष्मीपुर खुटार
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कर्ज चुकाने का नहीं मिल रहा रास्ता
चार बीघा धान की फसल थी। बारिश हुई ही नहीं। सिंचाई का साधन केवल पंपिंग सेट होने के कारण धान को तैयार करने में कर्ज लेना पड़ा। खाद, दवाएं, कीटनाशक, खरपतवार नाशक भी उधार लेना पड़ा। अब फसल पूरी तरह से डूब कर नष्ट हो गई है। समझ नहीं आता कि कर्ज कैसे उतरेगा। - बांकेलाल, गांव लक्ष्मीपुर खुटार
साढ़े पांच लाख कर्ज में डूबा हूं
मेरे छह एकड़ धान गोमती में बाढ़ आने से डूब गए हैं। पिछले वर्ष बहन की शादी की थी, जिसका काफी रुपया देना है। गंगसरा बैंक से साढ़े पांच लाख रुपये का कर्ज भी ले रखा है। आलू भी बोना था, लेकिन बाढ़ ने भारी नुकसान कर दिया है। - हरजिंदर सिंह, निवासी महमदपुर सैंजनियां
बैंक वालों को जो फसल दिखाई वो नष्ट हो गई
एक्सिस बैंक खुटार से 11 लाख रुपये का कर्ज ले रखा है। साढ़े चार एकड़ अपने खेत में धान था और तीन बीघा ठेके पर ले रखा था। बारिश से पहले बैंक के लोग आए थे तो फसल दिखाकर जल्द ही कर्ज उतार देने की बात कही थी, लेकिन बाढ़ से पांच एकड़ धान नष्ट हो गया। - मंजीत सिंह, शिवपुरी पुवायां