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जन्म से ही मनुष्य के साथ जुड़ जाते हैं मानवाधिकार : डॉ. प्रभात
Sun, 10 Dec 2023 12:59 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
Updated Sun, 10 Dec 2023 12:59 AM IST
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एसएस लॉ कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम में मंचासीन प्रवक्ता। संस्था
शाहजहांपुर। एसएस लॉ कॉलेज में मानवाधिकार दिवस पर अद्यतन विधिक समस्या विश्लेषण मंच की ओर से कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें वर्तमान अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य में मानवाधिकार की प्रासंगिकता पर वक्ताओं ने विचार रखे। मुख्य वक्ता डॉ. प्रभात शुक्ला ने कहा कि मानवाधिकार जन्म से ही मनुष्य के साथ जुड़ जाते हैं और इन्हें राज्य के द्वारा उपहार के रूप में नहीं समझा जा सकता।
डॉ. अवनीश मिश्रा ने कहा कि युद्ध सदैव मानवाधिकारों का उल्लंघन करता है। युद्ध पर विराम लगाना मानवता की भलाई के लिए जरूरी है। प्राचार्य डॉ. जयशंकर ओझा ने कहा कि भारतीय संविधान के भाग तीन में मौलिक अधिकारों के रूप में मानवाधिकारों को संजोया गया है और इनका उल्लंघन करने पर व्यक्ति सीधे उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटा सकता है और न्याय प्राप्त कर सकता है। इस मौके पर प्राध्यापक डॉ. पवन कुमार, डॉ. प्रेम सागर, विजय सिंह, रंजना खंडेलवाल, सुधीर, शिवा दुबे, अरुण मिश्रा, उत्कर्ष मिश्रा मौजूद रहे।
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डॉ. अवनीश मिश्रा ने कहा कि युद्ध सदैव मानवाधिकारों का उल्लंघन करता है। युद्ध पर विराम लगाना मानवता की भलाई के लिए जरूरी है। प्राचार्य डॉ. जयशंकर ओझा ने कहा कि भारतीय संविधान के भाग तीन में मौलिक अधिकारों के रूप में मानवाधिकारों को संजोया गया है और इनका उल्लंघन करने पर व्यक्ति सीधे उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटा सकता है और न्याय प्राप्त कर सकता है। इस मौके पर प्राध्यापक डॉ. पवन कुमार, डॉ. प्रेम सागर, विजय सिंह, रंजना खंडेलवाल, सुधीर, शिवा दुबे, अरुण मिश्रा, उत्कर्ष मिश्रा मौजूद रहे।
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