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30 जून से शुरू होंगे गुप्त नवरात्र, बन रहे छह महासंयोग
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अरुण कुमार शुक्ला
- फोटो : SHAHJAHANPUR
शाहजहांपुर। आषाढ़ शुक्ल पक्ष प्रतिपदा के साथ गुप्त नवरात्र का आरंभ 30 जून से हो रहा है। इसका नौ जुलाई को दशमी तिथि के साथ समापन होगा। कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त सुबह 5:26 बजे से 6:43 बजे तक रहेगा। 58 साल के बाद गुप्त नवरात्र पर छह महासंयोग बन रहे हैं, जो साधकों की मनोकामना पूरी कराएंगे।
दुर्गा माता मंदिर के पुजारी अरुण कुमार शुक्ला ने बताया कि इस बार गुप्त नवरात्र के पहले दिन यानी 30 जून को विशेष संयोग बन रहा है। इस दिन एक साथ गुरु पुष्य योग, सर्वार्थ सिद्धि योग, अमृत सिद्धि योग, अडाल योग और विडाल योग बन रहे हैं। इसके साथ ही पुष्य नक्षत्र का भी संयोग बन रहा है। एक साथ इतने शुभ मुहूर्त बनना बेहद फलदायी माना जाता है। मान्यता है कि इस शुभ मुहूर्त में यदि आप कोई भी कार्य शुरू करते हैं तो उसमें अवश्य सफलता मिलती है। उन्होंने बताया कि राशि के अनुसार गुप्त नवरात्र में मंत्रों का जाप करके सुख, शांति और समृद्धि प्राप्त कर सकते हैं।
राशि के अनुसार करें पूजा
मेष : राशि के व्यक्ति मां भगवती के स्वरूप स्कंदमाता की पूजा करें।
वृषभ : मां दुर्गा के महागौरी स्वरूप की पूजा करें।
मिथुन : मां दुर्गा ब्रह्मचारिणी स्वरूप की पूजा करें।
कर्क : मां दुर्गा के शैलपुत्री स्वरूप की पूजा करें।
सिंह : मां दुर्गा के कुष्मांडा देवी स्वरूप की पूजा करें।
कन्या : मां भवानी के ब्रह्मचारिणी स्वरूप की पूजा करें।
तुला : मां भगवती के महागौरी स्वरूप की पूजा करें।
वृश्चिक : मां दुर्गा के मां कालरात्रि स्वरूप की पूजा करें।
धनु : मां चंद्रघंटा स्वरूप की पूजा करें और श्रीराम रक्षा स्तोत्र का पाठ करें।
मकर : स्कंदमाता देवी का पूजन करना चाहिए।
कुंभ : स्कंदमाता देवी का पूजन करना चाहिए।
मीन : सिद्धिदात्री मां का पूजन करें।
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दुर्गा माता मंदिर के पुजारी अरुण कुमार शुक्ला ने बताया कि इस बार गुप्त नवरात्र के पहले दिन यानी 30 जून को विशेष संयोग बन रहा है। इस दिन एक साथ गुरु पुष्य योग, सर्वार्थ सिद्धि योग, अमृत सिद्धि योग, अडाल योग और विडाल योग बन रहे हैं। इसके साथ ही पुष्य नक्षत्र का भी संयोग बन रहा है। एक साथ इतने शुभ मुहूर्त बनना बेहद फलदायी माना जाता है। मान्यता है कि इस शुभ मुहूर्त में यदि आप कोई भी कार्य शुरू करते हैं तो उसमें अवश्य सफलता मिलती है। उन्होंने बताया कि राशि के अनुसार गुप्त नवरात्र में मंत्रों का जाप करके सुख, शांति और समृद्धि प्राप्त कर सकते हैं।
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राशि के अनुसार करें पूजा
मेष : राशि के व्यक्ति मां भगवती के स्वरूप स्कंदमाता की पूजा करें।
वृषभ : मां दुर्गा के महागौरी स्वरूप की पूजा करें।
मिथुन : मां दुर्गा ब्रह्मचारिणी स्वरूप की पूजा करें।
कर्क : मां दुर्गा के शैलपुत्री स्वरूप की पूजा करें।
सिंह : मां दुर्गा के कुष्मांडा देवी स्वरूप की पूजा करें।
कन्या : मां भवानी के ब्रह्मचारिणी स्वरूप की पूजा करें।
तुला : मां भगवती के महागौरी स्वरूप की पूजा करें।
वृश्चिक : मां दुर्गा के मां कालरात्रि स्वरूप की पूजा करें।
धनु : मां चंद्रघंटा स्वरूप की पूजा करें और श्रीराम रक्षा स्तोत्र का पाठ करें।
मकर : स्कंदमाता देवी का पूजन करना चाहिए।
कुंभ : स्कंदमाता देवी का पूजन करना चाहिए।
मीन : सिद्धिदात्री मां का पूजन करें।