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जीएसटी : नई दरों से बाजार में असमंजस...खरीद से पहले भाव पूछने पहुंच रहे ग्राहक
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नितिन खण्डेलवाल, ग्राहक
- फोटो : credit
शाहजहांपुर। जीएसटी की नई दरें लागू होने के बाद अब तक दुकानदारों और ग्राहकों में स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है। कुछ बड़े दुकानदारों को छोड़कर अधिकतर दुकानदार पुराने स्लैब पर ही बिक्री कर रहे हैं। ऐसे में खरीदारी करने पहुंच रहे ग्राहक मायूस हो रहे हैं। हालांकि ग्राहक पहले कई दुकानों में पूछताछ के बाद ही सामान खरीद रहे हैं। नए स्लैब को लागू कराने के लिए अभी कोई निगरानी नहीं शुरू हो पाई है।
सरकार ने 28 प्रतिशत और 12 प्रतिशत का स्लैब खत्म कर दिया है। अब 18 प्रतिशत और पांच प्रतिशत जीएसटी का स्लैब बचा है। इसमें एलईडी, एसी, बाइक, कार, खाने-पीने की अधिकतर सामग्री के दाम घट गए हैं। सरकार ने पुराने स्लैब पर सामान न बिक्री किए जाने की घोषणा की है। हालांकि बड़े दुकानदार और शोरूम संचालक नए दरों पर सामान बेच रहे हैं।
वहीं कच्चा बिल बना रहे कुछ दुकानदार पुरानी जीएसटी लगाकर सामान बेच रहे हैं। कचहरी रोड स्थित एलजी कंपनी के शोरूम पर ग्राहक दिखाई दिए। पूछा-तो बोले कि फ्रिज खरीदने आए हैं। उन लोगों ने पहले फ्रिज देखा, इसके बाद बड़ी एलईडी के दामों की जानकारी ली। दुकानदार ने बताया कि 43 इंच से ऊपर की एलईडी सस्ती हो गईं हैं।
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दुकान पर काम करने वाले कर्मचारी ने बताया कि नए स्लैब के हिसाब से सोमवार से ही बिक्री शुरू कर दी थी। जब जो भी ग्राहक आ रहा है उसको नए स्लैब के हिसाब से सामान दिया जा रहा है।
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रोजमर्रा के वस्तुओं के घटे दाम, बाजार में असर नहीं
रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाले सामान जैसे पैक्ड दूध, पनीर, बटर, घी, नमकीन, बिस्कुट आदि 12 प्रतिशत के स्लैब से पांच प्रतिशत के स्लैब में आ गए हैं। किताबों, काॅपियों, पेंसिल, औषधि समेत अन्य वस्तुओं पर जीएसटी हटा दी गई। अभी बाजार में यह लागू नहीं हो पाई है। दुकानदार अब भी पुराने दामों पर बिक्री कर रहे हैं। मोबाइल और लैपटॉप जीएसटी के 18 प्रतिशत के स्लैब में था। इसको अब भी इसी स्लैब में रखा गया है। इन दोनों चीजों पर कोई असर नहीं पड़ा है, जबकि इसको लेकर दुकानदार और ग्राहक दोनों असमंजस की स्थिति में हैं। लोग त्योहार के सीजन में मोबाइल खरीदने के लिए उत्साहित दिख रहे हैं, लेकिन उनके दामों में कोई कमी नहीं आई है।
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कच्चे-पक्के बिल का खेल
छोटे दुकानदार आमतौर पर ग्राहकों को पक्का बिल नहीं देते। ग्राहक भी बिल नहीं मांगता। जिसका दुकानदार फायदा उठाते हैं। वे पुराने एमआरपी पर ही ग्राहक को सामान बेच रहे हैं। लोगों ने बताया कि नमकीन-बिस्कुट और अन्य घरेलू इस्तेमाल में आने वाले सामान की कीमतों को दुकानदारों ने कम नहीं किया है।
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पुराने माल को नए स्लैब पर बेचने में दुकानदार को कोई नुकसान नहीं है। उनका क्लेम जीएसटी रिटर्न हो जाएगा। इसके साथ दुकानदार टैक्स के रूप में भी फायदा लेगा, इसके लिए दुकानदारों को नए स्लैब पर सामान बेचना शुरू करना चाहिए। इसका लाभ दुकानदार और ग्राहक दोनों को होगा।
- प्रवेश तोमर, सहायक आयुक्त, राज्यकर विभाग
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अगर कोई भी दुकानदार एमआरपी से अधिक भाव में सामान बेचता है तो उसके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। कार्यालय में कोई शिकायत आती है तो उसका तुरंत समाधान कराया जाता है।
-अरविंद मिश्रा, बाट माप अधिकारी
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ग्राहकों ने कहा-नए कानून को लागू करने के लिए सरकार कदम उठाए
अभी तो रोजमर्रा का सामान पुराने स्लैब पर ही मिल रहा है। इससे ग्राहकों को नुकसान है, लेकिन मजबूरी है कि जरूरत का सामान खरीदना पड़ रहा है। जीएसटी के नए कानून को लागू कराने के लिए सरकार को कदम उठाने पड़ेंगे।
- शुभ्रा गंगवार
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फ्रिज पर आठ से नौ प्रतिशत जीएसटी की दरों में कमी आई है इसलिए बाजार में अभी भाव लेने आए हैं। दुकानदार नए स्लैब पर सामान बेच रहे हैं। बजट के हिसाब से खरीदारी की जाएगी।
- नितिन खंडेलवाल
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बड़ी एलईडी 28 प्रतिशत से 18 प्रतिशत के स्लैब में आ गई है। त्योहार के सीजन में इसकी खरीदारी करनी है। नए स्लैब पर इलेक्ट्रानिक उपकरण उपलब्ध होने लगे हैं।
- सजल
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अभी बिस्कुट, नमकीन समेत खान-पान की अन्य वस्तुएं पुराने स्लैब पर मिल रहीं हैं। दुकानदार से कहने पर उसने कहा कि पीछे से नए स्लैब पर सामान नहीं मिल पा रहा है।
- डॉ. स्वेतांक
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व्यापारियों से बातचीत
पैक्ड पनीर और घी को नए स्लैब में बेचना शुरू कर दिया है। इसमें अब पांच प्रतिशत की जीएसटी रह गई है। ग्राहक अब पहले से अधिक मात्रा में वस्तुओं को खरीदने लगे हैं।
- सचिन गुप्ता, प्रोपराइटर मदर डेयरी
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मोबाइल पर जीएसटी की नई दरें लागू नहीं हुई है, लेकिन ग्राहक इसका इंतजार कर रहे थे कि नई दरों में मोबाइल सस्ता हो जाएगा। कई ग्राहक नया मोबाइल खरीदने आ रहे हैं, लेकिन अभी तो पुराने भाव ही चल रहे हैं।
- यासीन मलिक, अलीबाबा टेलीकाॅम स्वामी
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सरकार ने 28 प्रतिशत और 12 प्रतिशत का स्लैब खत्म कर दिया है। अब 18 प्रतिशत और पांच प्रतिशत जीएसटी का स्लैब बचा है। इसमें एलईडी, एसी, बाइक, कार, खाने-पीने की अधिकतर सामग्री के दाम घट गए हैं। सरकार ने पुराने स्लैब पर सामान न बिक्री किए जाने की घोषणा की है। हालांकि बड़े दुकानदार और शोरूम संचालक नए दरों पर सामान बेच रहे हैं।
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वहीं कच्चा बिल बना रहे कुछ दुकानदार पुरानी जीएसटी लगाकर सामान बेच रहे हैं। कचहरी रोड स्थित एलजी कंपनी के शोरूम पर ग्राहक दिखाई दिए। पूछा-तो बोले कि फ्रिज खरीदने आए हैं। उन लोगों ने पहले फ्रिज देखा, इसके बाद बड़ी एलईडी के दामों की जानकारी ली। दुकानदार ने बताया कि 43 इंच से ऊपर की एलईडी सस्ती हो गईं हैं।
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दुकान पर काम करने वाले कर्मचारी ने बताया कि नए स्लैब के हिसाब से सोमवार से ही बिक्री शुरू कर दी थी। जब जो भी ग्राहक आ रहा है उसको नए स्लैब के हिसाब से सामान दिया जा रहा है।
रोजमर्रा के वस्तुओं के घटे दाम, बाजार में असर नहीं
रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाले सामान जैसे पैक्ड दूध, पनीर, बटर, घी, नमकीन, बिस्कुट आदि 12 प्रतिशत के स्लैब से पांच प्रतिशत के स्लैब में आ गए हैं। किताबों, काॅपियों, पेंसिल, औषधि समेत अन्य वस्तुओं पर जीएसटी हटा दी गई। अभी बाजार में यह लागू नहीं हो पाई है। दुकानदार अब भी पुराने दामों पर बिक्री कर रहे हैं। मोबाइल और लैपटॉप जीएसटी के 18 प्रतिशत के स्लैब में था। इसको अब भी इसी स्लैब में रखा गया है। इन दोनों चीजों पर कोई असर नहीं पड़ा है, जबकि इसको लेकर दुकानदार और ग्राहक दोनों असमंजस की स्थिति में हैं। लोग त्योहार के सीजन में मोबाइल खरीदने के लिए उत्साहित दिख रहे हैं, लेकिन उनके दामों में कोई कमी नहीं आई है।
कच्चे-पक्के बिल का खेल
छोटे दुकानदार आमतौर पर ग्राहकों को पक्का बिल नहीं देते। ग्राहक भी बिल नहीं मांगता। जिसका दुकानदार फायदा उठाते हैं। वे पुराने एमआरपी पर ही ग्राहक को सामान बेच रहे हैं। लोगों ने बताया कि नमकीन-बिस्कुट और अन्य घरेलू इस्तेमाल में आने वाले सामान की कीमतों को दुकानदारों ने कम नहीं किया है।
पुराने माल को नए स्लैब पर बेचने में दुकानदार को कोई नुकसान नहीं है। उनका क्लेम जीएसटी रिटर्न हो जाएगा। इसके साथ दुकानदार टैक्स के रूप में भी फायदा लेगा, इसके लिए दुकानदारों को नए स्लैब पर सामान बेचना शुरू करना चाहिए। इसका लाभ दुकानदार और ग्राहक दोनों को होगा।
- प्रवेश तोमर, सहायक आयुक्त, राज्यकर विभाग
अगर कोई भी दुकानदार एमआरपी से अधिक भाव में सामान बेचता है तो उसके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। कार्यालय में कोई शिकायत आती है तो उसका तुरंत समाधान कराया जाता है।
-अरविंद मिश्रा, बाट माप अधिकारी
ग्राहकों ने कहा-नए कानून को लागू करने के लिए सरकार कदम उठाए
अभी तो रोजमर्रा का सामान पुराने स्लैब पर ही मिल रहा है। इससे ग्राहकों को नुकसान है, लेकिन मजबूरी है कि जरूरत का सामान खरीदना पड़ रहा है। जीएसटी के नए कानून को लागू कराने के लिए सरकार को कदम उठाने पड़ेंगे।
- शुभ्रा गंगवार
फ्रिज पर आठ से नौ प्रतिशत जीएसटी की दरों में कमी आई है इसलिए बाजार में अभी भाव लेने आए हैं। दुकानदार नए स्लैब पर सामान बेच रहे हैं। बजट के हिसाब से खरीदारी की जाएगी।
- नितिन खंडेलवाल
बड़ी एलईडी 28 प्रतिशत से 18 प्रतिशत के स्लैब में आ गई है। त्योहार के सीजन में इसकी खरीदारी करनी है। नए स्लैब पर इलेक्ट्रानिक उपकरण उपलब्ध होने लगे हैं।
- सजल
अभी बिस्कुट, नमकीन समेत खान-पान की अन्य वस्तुएं पुराने स्लैब पर मिल रहीं हैं। दुकानदार से कहने पर उसने कहा कि पीछे से नए स्लैब पर सामान नहीं मिल पा रहा है।
- डॉ. स्वेतांक
व्यापारियों से बातचीत
पैक्ड पनीर और घी को नए स्लैब में बेचना शुरू कर दिया है। इसमें अब पांच प्रतिशत की जीएसटी रह गई है। ग्राहक अब पहले से अधिक मात्रा में वस्तुओं को खरीदने लगे हैं।
- सचिन गुप्ता, प्रोपराइटर मदर डेयरी
मोबाइल पर जीएसटी की नई दरें लागू नहीं हुई है, लेकिन ग्राहक इसका इंतजार कर रहे थे कि नई दरों में मोबाइल सस्ता हो जाएगा। कई ग्राहक नया मोबाइल खरीदने आ रहे हैं, लेकिन अभी तो पुराने भाव ही चल रहे हैं।
- यासीन मलिक, अलीबाबा टेलीकाॅम स्वामी

नितिन खण्डेलवाल, ग्राहक- फोटो : credit

नितिन खण्डेलवाल, ग्राहक- फोटो : credit

नितिन खण्डेलवाल, ग्राहक- फोटो : credit

नितिन खण्डेलवाल, ग्राहक- फोटो : credit

नितिन खण्डेलवाल, ग्राहक- फोटो : credit

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नितिन खण्डेलवाल, ग्राहक- फोटो : credit