{"_id":"61ed520a9ba46212276f56f4","slug":"ganna-mafia-take-ganna-slip-from-farmers-shahjahanpur-news-bly473351091","type":"story","status":"publish","title_hn":"अपना मोबाइल दर्ज कराकर दूसरे किसानों की गन्ना पर्चियां हड़प रहे माफिया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अपना मोबाइल दर्ज कराकर दूसरे किसानों की गन्ना पर्चियां हड़प रहे माफिया
विज्ञापन
शाहजहांपुर। गन्ना की खरीद में माफिया का हस्तक्षेप रोकने के लिये प्रदेश के अपर मुख्य सचिव (गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग) संजय आर भूसरेड्डी ने एक ही मोबाइल नंबर पर दस से अधिक पर्चियों के एसएमएस जारी होने के मामलों की जांच के निदेश दिए हैं। इसके अनुपालन में गन्ना विभाग ऐसे किसानों को चिह्नित करने में जुटा है, जिन्हें कैलेंडर से ज्यादा पर्चियां जारी हुई हैं। खास यह है कि अपर मुख्य सचिव का आदेश जारी होने से पहले ही इस तरह की धोखाधड़ी के तमाम मामले जनपद में पकड़े जा चुके हैं। ऐसे करीब 400 सट्टा बंद करके उनसे संबंधित लोगों के गन्ना की मिलों को आपूर्ति पर रोक लगाई जा चुकी है और अब नए सिरे से एक ही नाम वाले दो अथवा से अधिक सट्टों की दोबारा जांच शुरू कर दी गई है।
पेराई सत्र 2021-22 में जिले में एक लाख 60 हजार 661 गन्ना किसानों के सट्टे संचालित हैं, लेकिन गत माह के दूसरे सप्ताह तक केवल एक लाख छह हजार 315 किसानों ने ही घोषणा पत्र भरे थे। लगातार समय सीमा बढ़ाने के बाद भी तमाम किसान घोषणा पत्र भरने से कतराते रहे। हालांकि, शासन ने लगातार चौथी बार घोषणा पत्र भरकर जमा करने की अंतिम तिथि 25 दिसंबर तक बढ़ाई और बाद में शेेष घोषणा पत्र जमा भी हो गए, लेकिन जिन लोगों ने इस कार्य में देरी की, वह संदेह के दायरे में आ गए। बाद में जमा किए गए घोषणा पत्रों की जांच करने पर ऐसे करीब चार सौ सट्टे पाए गए, जिन पर दूसरे किसानों का रकबा भी दर्ज मिला।
इस साजिश में वह माफिया शामिल रहे जो छोटे किसानों का गन्ना हड़पने के फेर में रहते हैं। जांच में पता चला कि कई किसानों को माफिया ने बरगलाकर उनके सट्टों पर अपने मोबाइल नंबर दर्ज करा रखे हैं। गन्ना की डिजिटल पर्ची माफिया के मोबाइल पर मिलते ही वह किसानों का गन्ना पर्ची दिखाकर मिल को खुद सप्लाई करते रहे और वास्तविक किसान को औने-पौने दाम देकर समर्थन मूल्य खुद हड़प लेते थे। खास यह है कि शासन ने किसानों को केवल अपने परिवार के सदस्यों को ही एक मोबाइल नंबर पर पर्चियां मंगाने की छूट दी है, लेकिन उसकी आड़ में गन्ना माफिया अपना खेल कर रहे हैं।
विज्ञापन
गन्ना की पर्चियां जारी करने से लेकर सेंटरों पर तौल कार्य मेें किसी भी तरह की अनियमितता रोकने के लिए पहले से सतर्कता बरती जा रही है। तौल लिपिकों को भी निर्देश दिए गए हैं कि पर्ची के बगैर गन्ना लेकर आने वालों के खिलाफ विधिक कार्रवाई करेें। करीब चार सौ सट्टे निरस्त किए जा चुके हैं। अपर मुख्य सचिव के आदेश पर संदिग्ध सट्टों की दोबारा जांच शुरू कर दी गई है, लेकिन अब जो मामले मिल रहे हैं, उनमें बाहरी व्यक्ति के बजाय परिवार के सदस्यों के नाम सामने आए हैं। यदि कोई गड़बड़ी मिली तो संबधित किसानों की समिति सदस्यता रद्द मिल को दिए गए गन्ना का भुगतान रोक दिया जाएगा।
-डॉ. खुशीराम भार्गव, जिला गन्ना अधिकारी
विज्ञापन
पेराई सत्र 2021-22 में जिले में एक लाख 60 हजार 661 गन्ना किसानों के सट्टे संचालित हैं, लेकिन गत माह के दूसरे सप्ताह तक केवल एक लाख छह हजार 315 किसानों ने ही घोषणा पत्र भरे थे। लगातार समय सीमा बढ़ाने के बाद भी तमाम किसान घोषणा पत्र भरने से कतराते रहे। हालांकि, शासन ने लगातार चौथी बार घोषणा पत्र भरकर जमा करने की अंतिम तिथि 25 दिसंबर तक बढ़ाई और बाद में शेेष घोषणा पत्र जमा भी हो गए, लेकिन जिन लोगों ने इस कार्य में देरी की, वह संदेह के दायरे में आ गए। बाद में जमा किए गए घोषणा पत्रों की जांच करने पर ऐसे करीब चार सौ सट्टे पाए गए, जिन पर दूसरे किसानों का रकबा भी दर्ज मिला।
विज्ञापन
इस साजिश में वह माफिया शामिल रहे जो छोटे किसानों का गन्ना हड़पने के फेर में रहते हैं। जांच में पता चला कि कई किसानों को माफिया ने बरगलाकर उनके सट्टों पर अपने मोबाइल नंबर दर्ज करा रखे हैं। गन्ना की डिजिटल पर्ची माफिया के मोबाइल पर मिलते ही वह किसानों का गन्ना पर्ची दिखाकर मिल को खुद सप्लाई करते रहे और वास्तविक किसान को औने-पौने दाम देकर समर्थन मूल्य खुद हड़प लेते थे। खास यह है कि शासन ने किसानों को केवल अपने परिवार के सदस्यों को ही एक मोबाइल नंबर पर पर्चियां मंगाने की छूट दी है, लेकिन उसकी आड़ में गन्ना माफिया अपना खेल कर रहे हैं।
विज्ञापन
गन्ना की पर्चियां जारी करने से लेकर सेंटरों पर तौल कार्य मेें किसी भी तरह की अनियमितता रोकने के लिए पहले से सतर्कता बरती जा रही है। तौल लिपिकों को भी निर्देश दिए गए हैं कि पर्ची के बगैर गन्ना लेकर आने वालों के खिलाफ विधिक कार्रवाई करेें। करीब चार सौ सट्टे निरस्त किए जा चुके हैं। अपर मुख्य सचिव के आदेश पर संदिग्ध सट्टों की दोबारा जांच शुरू कर दी गई है, लेकिन अब जो मामले मिल रहे हैं, उनमें बाहरी व्यक्ति के बजाय परिवार के सदस्यों के नाम सामने आए हैं। यदि कोई गड़बड़ी मिली तो संबधित किसानों की समिति सदस्यता रद्द मिल को दिए गए गन्ना का भुगतान रोक दिया जाएगा।
-डॉ. खुशीराम भार्गव, जिला गन्ना अधिकारी