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Shahjahanpur News: सिमटने लगी गंगा... रामगंगा अब भी दिखा रही राैद्र रूप
Fri, 30 Aug 2024 04:54 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
Updated Fri, 30 Aug 2024 04:54 AM IST
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शाहजहांपुर/मिर्जापुर/परौर। नरौरा बैराज से पानी की निकासी लगातार कम होने से गंगा सिमटने लगी है। कलान के भैंसार बांध पर बृहस्पतिवार सुबह गंगा 10 सेमी. घट गई। इससे फर्रुखाबाद जिले की सीमा में पांच दिन से जलमग्न शमशाबाद-फर्रुखाबाद स्टेट हाईवे पर पानी घटने लगा है, लेकिन मिर्जापुर क्षेत्र में करीब छह तटीय गांव अब भी बाढ़ से घिरे हैं।
बैराजों से निकले पानी और हाल में हुई बारिश से रामगंगा में उफान बढ़ने के साथ परौर क्षेत्र में कई गांवों के आसपास भूमि कटान होने लगा है। बाढ़ नियंत्रण कक्ष के अनुसार नरौरा बैराज से बृहस्पतिवार को पानी की निकासी 19 हजार 556 क्यूसेक कम कर दी गई है। अब वहां से गंगा में 57 हजार 677 क्यूसेक पानी निकाला जा रहा है।
इस कारण भैंसार बांध पर बीते दो दिन में गंगा का जलस्तर 20 सेमी. घटकर 143.20 मीटर हो गया है। अन्य कई बैराजों से रामगंगा में 11 हजार 552 क्यूसेक पानी निकल रहा है। बताया गया कि चौबारी घाट पर रामगंगा दूसरे दिन 35 सेमी. घट गई है। दो दिन में रामगंगा में 44 सेमी. पानी कम हुआ, लेकिन दो दिन पहले बैराजों से निकला पानी यहां पहुंचने और बीते दिन हुई बारिश से जिले में रामगंगा बढ़ गई।
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इससे परौर क्षेत्र में नारायणनगर पश्चिमी, मोहनपुर और बिचपुरी गांव के पास किनारे की जमीनें फिर कटने लगी हैं। कटान से गांवों को बचाने के लिए लगाई गईं जिओ ट्यूब की ठोकरों का अस्तित्व भी खतरे में है। नारायणनगर से परौर की तरफ जाने वाला पगडंडी का रास्ता सुबह तक कट गया।
बीते दिन शाम तक ग्रामीण इसी पगडंडी से आवाजाही करते रहे। बिचपुरी निवासी मुलायम कुशवाहा का खेत कटान के दायरे में आ गया है। अगर कटान नहीं थमा तो लगभग 10-12 किसानों को अपनी जमीनों से हाथ धोना पड़ सकता है। मोहनपुर से तौले वाली बगिया तक सिंचाई विभाग द्वारा पक्की ठोकरे बनवा दिए जाने से वहां कटान थमा है, लेकिन नारायणनगर को कटान से बचाने के कोई प्रयास नहीं किए गए।
उधर, मिर्जापुर क्षेत्र में गंगा किनारे पैलानी उत्तरी, इस्लामनगर, आजादनगर, कमथरी, चितार, नगला बसोला आदि गांवों के बाहरी हिस्से अभी बाढ़ से घिरे हैं।
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बैराजों से निकले पानी और हाल में हुई बारिश से रामगंगा में उफान बढ़ने के साथ परौर क्षेत्र में कई गांवों के आसपास भूमि कटान होने लगा है। बाढ़ नियंत्रण कक्ष के अनुसार नरौरा बैराज से बृहस्पतिवार को पानी की निकासी 19 हजार 556 क्यूसेक कम कर दी गई है। अब वहां से गंगा में 57 हजार 677 क्यूसेक पानी निकाला जा रहा है।
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इस कारण भैंसार बांध पर बीते दो दिन में गंगा का जलस्तर 20 सेमी. घटकर 143.20 मीटर हो गया है। अन्य कई बैराजों से रामगंगा में 11 हजार 552 क्यूसेक पानी निकल रहा है। बताया गया कि चौबारी घाट पर रामगंगा दूसरे दिन 35 सेमी. घट गई है। दो दिन में रामगंगा में 44 सेमी. पानी कम हुआ, लेकिन दो दिन पहले बैराजों से निकला पानी यहां पहुंचने और बीते दिन हुई बारिश से जिले में रामगंगा बढ़ गई।
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इससे परौर क्षेत्र में नारायणनगर पश्चिमी, मोहनपुर और बिचपुरी गांव के पास किनारे की जमीनें फिर कटने लगी हैं। कटान से गांवों को बचाने के लिए लगाई गईं जिओ ट्यूब की ठोकरों का अस्तित्व भी खतरे में है। नारायणनगर से परौर की तरफ जाने वाला पगडंडी का रास्ता सुबह तक कट गया।
बीते दिन शाम तक ग्रामीण इसी पगडंडी से आवाजाही करते रहे। बिचपुरी निवासी मुलायम कुशवाहा का खेत कटान के दायरे में आ गया है। अगर कटान नहीं थमा तो लगभग 10-12 किसानों को अपनी जमीनों से हाथ धोना पड़ सकता है। मोहनपुर से तौले वाली बगिया तक सिंचाई विभाग द्वारा पक्की ठोकरे बनवा दिए जाने से वहां कटान थमा है, लेकिन नारायणनगर को कटान से बचाने के कोई प्रयास नहीं किए गए।
उधर, मिर्जापुर क्षेत्र में गंगा किनारे पैलानी उत्तरी, इस्लामनगर, आजादनगर, कमथरी, चितार, नगला बसोला आदि गांवों के बाहरी हिस्से अभी बाढ़ से घिरे हैं।