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गोद लेकर भूल गए, विकास में पिछड़े बैवहा और अकबरपुर गांव

Mon, 11 Jul 2022 12:52 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Mon, 11 Jul 2022 12:52 AM IST
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Forgot by adoption, backward in development, Akbarpur village
शाहजहांपुर के विकास खंड खुदागंज के अकबरपुर गांव में सड़क पर पसरी नालियों की गंदगी। संवाद - फोटो : SHAHJAHANPUR
शाहजहांपुर। वर्ष 2017 में अधिकारियों ने भी कई पिछड़े गांवों में विकास की गंगा बहाने के लिए उन्हें गोद लिया था। उस वक्त खुदागंज ब्लॉक के गांव बैवहा और अकबरपुर तत्कालीन मुख्य विकास अधिकारी ने गोद लिए थे। उम्मीद थी कि विकास विभाग के मुखिया का संरक्षण पाकर इन दोनों गांवों में तरक्की की बयार तेजी से बहेगी, लेकिन ऐसा हो नहीं सका। पांच वर्ष बीतने के बाद भी इन दोनों गांवों के बाशिंदे तमाम अभावों के बीच जीने को अभिशप्त हैं। दोनों गावों में सफाई व्यवस्था लड़खड़ाई हुई है और उनके कई गलियारे अभी तक खड़ंजा और इंटरलॉकिंग को तरस रहे हैं। पेयजल और पथ प्रकाश व्यवस्था के नाम पर भी ग्रामीणों को लाभ नहीं मिल रहा।
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अकबरपुर में सड़कों पर भरा बरसाती पानी
खुदागंज। क्षेत्र के अकबरपुर गांव को किसी कोण से देखकर ऐसा नहीं लगता कि वहां बीते पांच वर्ष में विकास के कोई अतिरिक्त प्रयास किए गए हों। हालांकि, इस दौरान अपवाद के तौर पर गांव में नया पंचायत घर बन गया और कई इंडिया मार्क हैंडपंप लगाने के साथ खराब पड़े हैंडपंप रिबोर कराए गए। शुरुआत में तत्कालीन सीडीओ ने गांव का दौरा किया और उनके साथ विकास विभाग के अन्य तमाम अधिकारी भी पहुंचे, लेकिन बाद में अकबरपुर के लोगों को उनके हाल पर छोड़ दिया गया। पंचायत घर गंदगी से घिरा है और गांव के रास्तों पर जहां-तहां कूड़े के ढेर लगे हैं। नाली सफाई नहीं होने से हल्की बरसात में ही ग्रामीणों की मुसीबतें बढ़ जाती हैं। नालियां चोक होने के कारण बरसात का पानी गांव से बाहर नहीं निकल पाता और गांव की गलियों में ही फैला रहता है। ऐसे में ग्रामीणों को वहां कीचड़ व जलभराव के कारण संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा सता रहा है। संवाद
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बैवहा के बाशिंदों को अच्छे दिनों का इंतजार
मीरानपुर कटरा। बैवहा गांव में सड़कों पर लगे कूड़े के ढेर और गंदगी से बजबजाती नालियां गांव बदहाली की दास्तां बयां कर रही हैं। बता दें कि बैवहा को आदर्श ग्राम पंचायत घोषित किए जाने पर पिछली भाजपा सरकार में जिले के सीडीओ ने गोद लिया था। उसके बाद तत्कालीन सीडीओ एक दो बार गांव जरूर आए, लेकिन गांव के विकास कार्यों के लिए कोई धनराशि मुहैया नहीं कराई गई। इस कारण गांव में समस्याओं की भरमार है। गांव का संपर्क मार्ग ही जर्जर हो चुका है और अन्य सड़कों का हाल उससे भी खराब है। गांव के खड़ंजे उखड़ रहे हैं और उन पर जगह-जगह गड्ढे हो गए हैं। बैवहा को जोड़ने वाले भमौरी मार्ग पर हर वक्त जलभराव की समस्या बनी रहती है।लोगों को कीचड़ भरे रास्ते से होकर गांव पहुंचना पड़ता है। ग्रामीणों के अनुसार गांव में बमुश्किल आठ से दस घंटे ही बिजली मिल पाती है और आपूर्ति के दौरान लो वोल्टेज की समस्या बनी रहती है। गलियों में जगह-जगह कूड़े के ढ़ेर लगे हैं और नालियां गंदगी से पटी हैं। संवाद
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सफाई व्यवस्था, खराब हैंडपंपों की मरम्मत आदि मामूली कामों के लिए ग्राम पंचायतें स्वयं सक्षम हैं और उन्हें ग्राम निधि मद से यह सभी कार्य कराने को अधिकृत किया है। बृहस्पतिवार को गांवों में विकास कार्यों की समीक्षा बैठक बुलाई है। उसमें आदर्श ग्राम पंचायतों की मौजूदा स्थिति का आकलन किया जाएगा और उसी के अनुसार वहां जरूरी कार्य कराए जाएंगे। -श्याम बहादुर सिंह, मुख्य विकास अधिकारी

शाहजहांपुर के विकास खंड खुदागंज के बैवहा गांव खस्ताहाल नालियों के गंदे पानी से सड़क पर हुआ जलभरा?

शाहजहांपुर के विकास खंड खुदागंज के बैवहा गांव खस्ताहाल नालियों के गंदे पानी से सड़क पर हुआ जलभरा?- फोटो : SHAHJAHANPUR

 

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