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Shahjahanpur News: जूठन के बीच खाना, दूल्हे ने पिलाया पानी
Thu, 12 Dec 2024 12:39 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
Updated Thu, 12 Dec 2024 12:39 PM IST
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सीन दो : जूठी पत्तलों के पास जमीन में बैठकर खाना खाते वर-वधू के परिजन। संवाद
पुवायां। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह कार्यक्रम में बुधवार को मंत्रियों के जाते ही अव्यवस्था फैल गई। वर और वधू पक्ष के लोगों ने जूठन के बीच जमीन पर बैठकर खाना खाया। एक दूल्हे ने तो खुद ही वाटर कूलर उठाकर अपने पक्ष के लोगों को पानी पिलाया। इस बीच कर्मचारी इधर-उधर बातों में ही मशगूल रहे।
कार्यक्रम स्थल पर मंच पर अच्छी कुर्सियां डलवाई गई थीं। सामने सोफे पड़े थे। बरातियों व जनातियों के बैठने के लिए प्लास्टिक की कुर्सियों की व्यवस्था की गई थी। मंत्रियों के रहने तक सब कुछ ठीकठाक चलता रहा। विवाह कार्यक्रम संपन्न होने के बाद उनके जाते ही लोग भोजन करने पहुंचे तो अव्यवस्था शुरू हो गई। लोगों को जमीन पर बैठकर भोजन करना पड़ा, जबकि सैकड़ों कुर्सियां पास में ही ढेर के रूप में रखी रहीं।
आयोजन स्थल पर पानी के लिए भी मारामारी रही। एक स्थान पर तो दूल्हे राजा खुद ही वाटर कूलर उठाकर लोगों को पानी पिलाते देखे गए। भोजन के बाद मौके पर ही प्लेट, गिलास आदि डाल दिए जाने से भारी गंदगी हो गई। इससे जूठन के बीच ही लोगों को बैठकर भोजन करना पड़ा।
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आयोजन स्थल पर घूमते रहे छुट्टा पशु
गांव से लेकर हाईवे तक घूम रहे छुट्टा पशुओं का कार्यक्रम स्थल पर भी डेरा रहा। पशु कई बार पंडाल में घुस आए और जूठी पत्तलों के पास पड़ा भोजन खाने के साथ ही खाना खा रहे लोगों के पास तक जा पहुंचे। वेदी के पास भी पशु पहुंचते रहे। वर और वधू पक्ष के लोग ही पशुओं को भगाते देखे गए। कई बार पशु बच्चों और महिलाओं पर दौड़े, लेकिन लोगों ने पशुओं को किसी तरह से भगाया। यह हाल तब रहा, जब मौके पर पुलिस और अन्य कर्मचारी मौजूद थे।
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लखनऊ के दूल्हे ने कराया कई घंटे तक इंतजार
लखनऊ के राजकिशोर के साथ पुवायां के मोहल्ला देवस्थान निवासी पल्लवी की शादी तय हुई। सामूहिक विवाह समारोह में विवाह होना था। दिन में साढ़े तीन बजे तक राजकिशोर बरात लेकर पुवायां नहीं पहुंचे। कई बार कॉल करने के बाद भी वर पक्ष के लोग सही जवाब नहीं दे रहे थे। काफी इंतजार के बाद परेशान होकर नगर पालिकाकर्मी उपहार का सामान नगर पालिका कार्यालय उठा ले गए। देर शाम राजकिशोर के पुवायां पहुंचने पर पालिका कार्यालय में ही विवाह की रस्में संपन्न कराई गईं।
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कार्यक्रम स्थल पर मंच पर अच्छी कुर्सियां डलवाई गई थीं। सामने सोफे पड़े थे। बरातियों व जनातियों के बैठने के लिए प्लास्टिक की कुर्सियों की व्यवस्था की गई थी। मंत्रियों के रहने तक सब कुछ ठीकठाक चलता रहा। विवाह कार्यक्रम संपन्न होने के बाद उनके जाते ही लोग भोजन करने पहुंचे तो अव्यवस्था शुरू हो गई। लोगों को जमीन पर बैठकर भोजन करना पड़ा, जबकि सैकड़ों कुर्सियां पास में ही ढेर के रूप में रखी रहीं।
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आयोजन स्थल पर पानी के लिए भी मारामारी रही। एक स्थान पर तो दूल्हे राजा खुद ही वाटर कूलर उठाकर लोगों को पानी पिलाते देखे गए। भोजन के बाद मौके पर ही प्लेट, गिलास आदि डाल दिए जाने से भारी गंदगी हो गई। इससे जूठन के बीच ही लोगों को बैठकर भोजन करना पड़ा।
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आयोजन स्थल पर घूमते रहे छुट्टा पशु
गांव से लेकर हाईवे तक घूम रहे छुट्टा पशुओं का कार्यक्रम स्थल पर भी डेरा रहा। पशु कई बार पंडाल में घुस आए और जूठी पत्तलों के पास पड़ा भोजन खाने के साथ ही खाना खा रहे लोगों के पास तक जा पहुंचे। वेदी के पास भी पशु पहुंचते रहे। वर और वधू पक्ष के लोग ही पशुओं को भगाते देखे गए। कई बार पशु बच्चों और महिलाओं पर दौड़े, लेकिन लोगों ने पशुओं को किसी तरह से भगाया। यह हाल तब रहा, जब मौके पर पुलिस और अन्य कर्मचारी मौजूद थे।
लखनऊ के दूल्हे ने कराया कई घंटे तक इंतजार
लखनऊ के राजकिशोर के साथ पुवायां के मोहल्ला देवस्थान निवासी पल्लवी की शादी तय हुई। सामूहिक विवाह समारोह में विवाह होना था। दिन में साढ़े तीन बजे तक राजकिशोर बरात लेकर पुवायां नहीं पहुंचे। कई बार कॉल करने के बाद भी वर पक्ष के लोग सही जवाब नहीं दे रहे थे। काफी इंतजार के बाद परेशान होकर नगर पालिकाकर्मी उपहार का सामान नगर पालिका कार्यालय उठा ले गए। देर शाम राजकिशोर के पुवायां पहुंचने पर पालिका कार्यालय में ही विवाह की रस्में संपन्न कराई गईं।

सीन दो : जूठी पत्तलों के पास जमीन में बैठकर खाना खाते वर-वधू के परिजन। संवाद

सीन दो : जूठी पत्तलों के पास जमीन में बैठकर खाना खाते वर-वधू के परिजन। संवाद