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Shahjahanpur News: बाढ़ पीड़ित लगाए हैं मदद की आस, प्रशासन करा रहा सर्वे
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बाढ़ पीड़ित, रिजवान अहमद।संवाद
शाहजहांपुर/ मिर्जापुर। बाढ़ से निपटने के इंतजाम को लेकर तमाम तैयारियों के दावे आपदा आने पर खोखले साबित हो रहे हैं। हालत यह हैं कि अब तक बाढ़ पीड़ितों के लिए राहत सामग्री तक नहीं पहुंच पा रही है। प्रशासन अभी बाढ़ पीड़ितों का सर्वे कराने में ही व्यस्त है।
बाढ़ से ग्राम पंचायत भरतापुर और गुटेटी उत्तर के मजरे भी जलमग्न होने लगे हैं। बाढ़ क्षेत्र के आठ प्राथमिक स्कूल बंद किए जा चुके हैं। स्कूल के शिक्षकों को दूसरे स्कूलों में अस्थायी तौर पर भेजने की तैयारी अफसरों ने शुरू कर दी है। गंगा के खादर में बसी ग्राम पंचायत भरतपुर के प्रधान प्रतिनिधि संतोष सिंह ने बताया कि लगभग 15 सौ की आबादी वाली ग्राम पंचायत के मजरा पकड़िया नगला, धोबियन नगला और भरतपुर के लगभग 50 घरों में बाढ़ का पानी पहुंच गया है। क्षेत्रीय राजस्व निरीक्षक सुखवीर सिंह और लेखपाल प्रद्युम्न सिंह, आदर्श कुमार बाढ़ पीड़ितों की सूची बना ले गए हैं। अभी तक किसी बाढ़ पीडि़त को कोई सहायता नहीं मिली है।
गुटेटी उत्तर ग्राम पंचायत के प्रधान के प्रतिनिधि अलवर सिंह यादव ने कहा कि लगभग चार हजार की आबादी वाली ग्राम पंचायत के मजरा मोहकमपुर, महोलिया, धीयरपुरा की आधी आबादी जलमग्न है। फसलें तो पूरी तरह डूब गईं हैं। सरकार से बाढ़ पीड़ितों को कोई मदद नहीं दी गई है। हालांकि लेखपाल सर्वे कर बाढ़ पीड़ितों की सूची बना ले गए हैं।
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बीईओ अरविंद सिंह ने बताया कि गंगा की बाढ़ से पंखिया नगला, कटैला नगला, अभिचारपुर, पैलानी उत्तर प्रथम, रामदयाल नगला, भरतपुर, धींयरपुरा व बीघापुर के स्कूल जलमग्न हो गए हैं या फिर रास्ते गहरे जलभराव से बंद हो गए हैं।
जलालाबाद-ढाईघाट, शमशाबाद, वेबर, मैनपुरी स्टेट हाईवे पर गंगा की बाढ़ का पानी और बढ़ जाने से ग्राम चौंरा, साधू नगला, समेचीपुर, चितार आदि गांवों का रास्ता पूरी तरह बंद हो गया है। स्टेट हाईवे पर चार फिट से भी अधिक गहराई में तेजी से बाढ़ का पानी चलने से लोग ट्रैक्टर-ट्रॉली निकालने में भी खतरा महसूस कर रहे हैं।
इस्लामनगर निवासी मोहम्मद रफी ने बताया कि बृहस्पतिवार शाम चौंरा-इस्लामनगर संपर्क मार्ग पर एक बाइक पानी के तेज बहाव में बह गई। जिसे आजाद नगर के तैराकों ने बमुश्किल निकाल पाया।
पेयजल की किल्लत
बाढ़पीडि़तों के आश्रय स्थल चौंरा-बांसखेड़ा संपर्क मार्ग पर पेयजल की सबसे बड़ी समस्या है। पीड़ितों को एक किलोमीटर दूर ग्राम इस्लामनगर से पानी लाकर प्यास बुझानी पड़ रही है।
- समीर खां, आजाद नगर
लोगों को राशन किट का इंतजार
जिन लोगों को सरकारी राशन किट मिल गई है। उनके चूल्हे तो जल रहे हैं। जिन्हें नहीं मिला, वे प्रशासन की ओर टकटकी लगाए राशन किट का इंतजार कर रहे हैं। बहुत दिक्कत हो रही है।
रिजवान अहमद, ग्राम इस्लामनगर
जानवर चारे के लिए परेशान
बाढ़ पीड़ितों के खाने पीने की समस्या के साथ ही पशुओं के चारे की विकट दिक्कत है। बाढ़ से डूबी मक्का की फसल जिनके भुट्टे टूट गए हैं, उन्हें काटकर लाया जा रहा है। बाढ़ पीड़ितों का कोई ध्यान नहीं रख रहा है।
-तवारक अली, आजाद नगर
जनप्रतिनिधि भी झांकने नहीं आए
चुनाव के समय सभी समाजसेवी बनकर वोट लेने आ जाते हैं। आज संकट के समय में वोट लेने वाले भी गांव की ओर देख तक नहीं रहे हैं। ऐसे समाजसेवियों को चुनाव में सबक सिखाएंगे।
- मो. रफी, ग्राम इस्लामनगर
गंगा स्थित, रामगंगा नदी का जलस्तर घटा
शाहजहांपुर- शारदा नहर खंड से जारी रिपोर्ट के मुताबिक बृहस्पतिवार को गंगा का जलस्तर 143.44 था जो की शुक्रवार को 143.48 हो गया है। रामगंगा का जलस्तर बृहस्पतिवार को 160.110 था जोकि शुक्रवार को घट गया। गर्रा के जलस्तर में मामूली बढ़ोतरी हुई है, जबकि खन्नौत का जलस्तर घट गया है। गंगा में शुक्रवार 2,02528 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। रामगंगा में अनेक बैराजों से 11,727 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।
250 राशन किट की और भेजी गई है डिमांड
किसी भी बाढ़ पीड़ित परिवार को राशन से वंचित नहीं रखा जाएगा। पहले 120 बाढ़ पीड़ितों के लिए राशन किट की डिमांड भेजी गई थी। इनमें 40 राशन किट का वितरण हो चुका है। आज भी राशन किट आईं हैं। उन्हें भी वितरित करवाया जा रहा है। 250 राशन किट की और डिमांड भेजी गई है।
- महेश कुमार कैथिल, एसडीएम कलान
बाढ़ग्रस्त गांवों में फंसे लोगों को राहत शिविरों में पहुंचाया जा रहा है। बाढ़ राहत सामग्री मुहैया कराई जा रही है। जो क्षेत्र प्रभावित हैं, वहां नाव लगा दी गईं हैं। फसल को जो नुकसान हो रहा है, शासन से निर्देश आते ही उसका आकलन कराया जाएगा।
-संजय कुमार पांडेय, एडीएम प्रशासन, बाढ़ प्रभारी
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बाढ़ से ग्राम पंचायत भरतापुर और गुटेटी उत्तर के मजरे भी जलमग्न होने लगे हैं। बाढ़ क्षेत्र के आठ प्राथमिक स्कूल बंद किए जा चुके हैं। स्कूल के शिक्षकों को दूसरे स्कूलों में अस्थायी तौर पर भेजने की तैयारी अफसरों ने शुरू कर दी है। गंगा के खादर में बसी ग्राम पंचायत भरतपुर के प्रधान प्रतिनिधि संतोष सिंह ने बताया कि लगभग 15 सौ की आबादी वाली ग्राम पंचायत के मजरा पकड़िया नगला, धोबियन नगला और भरतपुर के लगभग 50 घरों में बाढ़ का पानी पहुंच गया है। क्षेत्रीय राजस्व निरीक्षक सुखवीर सिंह और लेखपाल प्रद्युम्न सिंह, आदर्श कुमार बाढ़ पीड़ितों की सूची बना ले गए हैं। अभी तक किसी बाढ़ पीडि़त को कोई सहायता नहीं मिली है।
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गुटेटी उत्तर ग्राम पंचायत के प्रधान के प्रतिनिधि अलवर सिंह यादव ने कहा कि लगभग चार हजार की आबादी वाली ग्राम पंचायत के मजरा मोहकमपुर, महोलिया, धीयरपुरा की आधी आबादी जलमग्न है। फसलें तो पूरी तरह डूब गईं हैं। सरकार से बाढ़ पीड़ितों को कोई मदद नहीं दी गई है। हालांकि लेखपाल सर्वे कर बाढ़ पीड़ितों की सूची बना ले गए हैं।
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बीईओ अरविंद सिंह ने बताया कि गंगा की बाढ़ से पंखिया नगला, कटैला नगला, अभिचारपुर, पैलानी उत्तर प्रथम, रामदयाल नगला, भरतपुर, धींयरपुरा व बीघापुर के स्कूल जलमग्न हो गए हैं या फिर रास्ते गहरे जलभराव से बंद हो गए हैं।
जलालाबाद-ढाईघाट, शमशाबाद, वेबर, मैनपुरी स्टेट हाईवे पर गंगा की बाढ़ का पानी और बढ़ जाने से ग्राम चौंरा, साधू नगला, समेचीपुर, चितार आदि गांवों का रास्ता पूरी तरह बंद हो गया है। स्टेट हाईवे पर चार फिट से भी अधिक गहराई में तेजी से बाढ़ का पानी चलने से लोग ट्रैक्टर-ट्रॉली निकालने में भी खतरा महसूस कर रहे हैं।
इस्लामनगर निवासी मोहम्मद रफी ने बताया कि बृहस्पतिवार शाम चौंरा-इस्लामनगर संपर्क मार्ग पर एक बाइक पानी के तेज बहाव में बह गई। जिसे आजाद नगर के तैराकों ने बमुश्किल निकाल पाया।
पेयजल की किल्लत
बाढ़पीडि़तों के आश्रय स्थल चौंरा-बांसखेड़ा संपर्क मार्ग पर पेयजल की सबसे बड़ी समस्या है। पीड़ितों को एक किलोमीटर दूर ग्राम इस्लामनगर से पानी लाकर प्यास बुझानी पड़ रही है।
- समीर खां, आजाद नगर
लोगों को राशन किट का इंतजार
जिन लोगों को सरकारी राशन किट मिल गई है। उनके चूल्हे तो जल रहे हैं। जिन्हें नहीं मिला, वे प्रशासन की ओर टकटकी लगाए राशन किट का इंतजार कर रहे हैं। बहुत दिक्कत हो रही है।
रिजवान अहमद, ग्राम इस्लामनगर
जानवर चारे के लिए परेशान
बाढ़ पीड़ितों के खाने पीने की समस्या के साथ ही पशुओं के चारे की विकट दिक्कत है। बाढ़ से डूबी मक्का की फसल जिनके भुट्टे टूट गए हैं, उन्हें काटकर लाया जा रहा है। बाढ़ पीड़ितों का कोई ध्यान नहीं रख रहा है।
-तवारक अली, आजाद नगर
जनप्रतिनिधि भी झांकने नहीं आए
चुनाव के समय सभी समाजसेवी बनकर वोट लेने आ जाते हैं। आज संकट के समय में वोट लेने वाले भी गांव की ओर देख तक नहीं रहे हैं। ऐसे समाजसेवियों को चुनाव में सबक सिखाएंगे।
- मो. रफी, ग्राम इस्लामनगर
गंगा स्थित, रामगंगा नदी का जलस्तर घटा
शाहजहांपुर- शारदा नहर खंड से जारी रिपोर्ट के मुताबिक बृहस्पतिवार को गंगा का जलस्तर 143.44 था जो की शुक्रवार को 143.48 हो गया है। रामगंगा का जलस्तर बृहस्पतिवार को 160.110 था जोकि शुक्रवार को घट गया। गर्रा के जलस्तर में मामूली बढ़ोतरी हुई है, जबकि खन्नौत का जलस्तर घट गया है। गंगा में शुक्रवार 2,02528 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। रामगंगा में अनेक बैराजों से 11,727 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।
250 राशन किट की और भेजी गई है डिमांड
किसी भी बाढ़ पीड़ित परिवार को राशन से वंचित नहीं रखा जाएगा। पहले 120 बाढ़ पीड़ितों के लिए राशन किट की डिमांड भेजी गई थी। इनमें 40 राशन किट का वितरण हो चुका है। आज भी राशन किट आईं हैं। उन्हें भी वितरित करवाया जा रहा है। 250 राशन किट की और डिमांड भेजी गई है।
- महेश कुमार कैथिल, एसडीएम कलान
बाढ़ग्रस्त गांवों में फंसे लोगों को राहत शिविरों में पहुंचाया जा रहा है। बाढ़ राहत सामग्री मुहैया कराई जा रही है। जो क्षेत्र प्रभावित हैं, वहां नाव लगा दी गईं हैं। फसल को जो नुकसान हो रहा है, शासन से निर्देश आते ही उसका आकलन कराया जाएगा।
-संजय कुमार पांडेय, एडीएम प्रशासन, बाढ़ प्रभारी

बाढ़ पीड़ित, रिजवान अहमद।संवाद

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