फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shahjahanpur News ›   flood

टापू में बदले गांव, ब्लॉक और तहसील मुख्यालय से कटा संपर्क

Tue, 25 Aug 2020 01:18 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 25 Aug 2020 01:18 AM IST
विज्ञापन
flood
शाहजहांपुर(मिर्जापुर)। नदियों के जलग्रहण क्षेत्रों में हुई बारिश और पश्चिमी यूपी से लेकर उत्तराखंड के बैराजों से भारी मात्रा में अतिरिक्त पानी की निकासी होने से जिले की कलान तहसील के मिर्जापुर और परौर क्षेत्र में गंगा व रामगंगा में उफान सोमवार को भी जारी रहा। सिंचाई विभाग के सूत्रों के अनुसार कलान में भैंसार बांध पर गंगा चार सेमी बढ़कर 143.54 मीटर पर पहुंच गई, जबकि रामगंगा का जलस्तर आठ सेमी बढ़कर 159.67 मीटर पर पहुंच गया। टापू में बदले कई गांवों का ब्लॉक और तहसील मुख्यालय से संपर्क कट गया है। इन दोनों नदियों के तटवर्ती गांवों में रहने वाले सैकड़ों ग्रामीण बाढ़ की विपदा से बचने के लिए अपने घरों से पलायन कर ऊंचे स्थानों पर चले गए हैं।
विज्ञापन

बाढ़ नियंत्रण कक्ष को सोमवार सुबह मिली सूचनाओं के अनुसार नरौरा बैराज से सोमवार को गंगा में 147057 क्यूसेक पानी रिलीज किया गया है। पानी की यह मात्रा बीते दिन की तुलना में करीब 22000 क्यूसेक कम है लेकिन गंगा में उफान पहले से बरकरार है और इसे देखते मंगलवार को भी जलस्तर में वृद्धि जारी रहने का अनुमान है। इसी तरह कालागढ़, रामनगर, खो, हरेली, किच्छा आदि बैराजों से रामगंगा में रिलीज पानी की मात्रा 50 फीसदी घटकर 34640 क्यूसेक रह गई। सिंचाई विभाग के तार बाबू गिरिजा किशोर मिश्र का कहना है कि अगले 24 घंटे में रामगंगा के जलस्तर में थोड़ी कमी आ सकती है लेकिन गांवों के आसपास से पानी हटने में अभी वक्त लग सकता है।
विज्ञापन

सड़कों पर आया पानी, दूर से ही लौटे अफसर
गंगा का जलस्तर दो दिन से लगातार बढ़ रहा है और इससे कटरी क्षेत्र में बाढ़ के हालात एक बार फिर खराब हो गए हैं। सड़कों पर बाढ़ का पानी आ जाने से प्रभावित गांवों का ब्लॉक और तहसील मुख्यालय से संपर्क कट गया है। अधिकारी रोड से ही बाढ़ की स्थिति का जायजा लेकर लौट गए। बाढ़ प्रभावित ग्राम पंचायत पैलानी उत्तरी के ग्राम प्रधान फारुख अली के अनुसार पिछले दिनों से इस बार बाढ़ अधिक है। उन्होंने बताया कि ग्राम पंचायत के मजरा आजाद नगर, इस्लामनगर, मस्जिद नगला, पैलानी तथा फर्रुखाबाद जिले के सीमावर्ती गांव कमथरी, चितार, समैचीपुर आदि चौतरफा पानी से घिर गए हैं। इन मजरों के तमाम घरों तक पानी पहुंचने से बाढ़ पीड़ित अपनी गृहस्थी समेट कर चौंरा-बसोला मार्ग के ऊंचे स्थानों पर समय काटने आ रहे हैं। गांव के सपा नेता रिजवान अहमद का कहना है कि प्रशासन ने पिछली बाढ़ में सिर्फ आजादनगर के 108 बाशिंदों को बाढ़ पीड़ित मानते हुए शासन से अनुमन्य खाद्यान्न किट तथा मिट्टी का तेल बटवाया था लेकिन दोबारा बाढ़ में चौतरफा घिरे गांवों के बाशिंदों को अभी तक कोई मदद नहीं मिल सकी।
विज्ञापन
विज्ञापन

बाढ़ में डूबकर भैंस की मौत
गंगा की बाढ़ से जलमग्न ग्राम आजादनगर निवासी गुफरान की दुधारू भैंस बाढ़ के झाबर में फंस गई। ग्रामीणों ने भैंस को जब तक झाबर से निकाला, उसकी डूबकर मौत हो गई। इस बारे मेें क्षेत्रीय लेखपाल को सूचित कर दिया गया है।
ढाई गांव में दिखावटी बनी बाढ़ चौकी
ढाई गांव में कागजों पर चल रही बाढ़ चौकी प्रभावित गांवों से लगभग सात किमी दूर होने के कारण पीड़ित परिवारों के लिए सिर्फ दिखावटी बनी हुई है। बाढ़ प्रभावित इश्हाक, नाजिम, बशीर, नसीर आदि का कहना है कि बाढ़ चौकी पर तैनात कर्मचारी बाढ़ क्षेत्र में जाना जान को जोखिम में डालने जैसा मानते हुए सिर्फ कागजों पर ही मदद का दिखावा कर रहे हैं।

गंगा मेें पानी बढ़ने की सूचना मिलने पर मिर्जापुर क्षेत्र मेें बाढ़ से घिरे पैलानी उत्तरी और उसके मजरों का दौरा कर उनमें रहने वाले परिवारों को जरूरत की चीजों वाली किट सोमवार को दोबारा बंटवाई हैं। पानी रामगंगा में भी बढ़ा है लेकिन परौर क्षेत्र के सभी तटीय गांव फिलहाल बाढ़ से सुरक्षित होने के कारण वहां अभी राहत सामग्री बांटने की जरूरत नहीं है।
-रमेश बाबू, एसडीएम कलान
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed