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Shahjahanpur News: जिले के पांच राजकीय हाईस्कूल तैयार...अनुमति का इंतजार
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शाहजहांपुर। जिले के पांच राजकीय स्कूल बनकर तैयार हो गए हैं। इनमें पद सृजन और कक्षा संचालन के लिए शिक्षा विभाग ने शिक्षा निदेशक को पत्र भेजा है। संभावना है कि जल्द ही अनुमति मिलने के बाद जुलाई में कक्षाओं का संचालन शुरू हो जाएगा।
राजकीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के तहत खुटार ब्लॉक के महोलिया, भावलखेड़ा के सुजातपुर और गुलड़ा उर्फ नौगवां, मदनापुर के बौरी व कटरा-खुदागंज ब्लॉक के रमापुर उत्तरी गांव में राजकीय हाईस्कूल का निर्माण कराया गया था।
प्रत्येक विद्यालय पर 79.51 लाख रुपये खर्च किए गए थे। विद्यालयों को बनाकर तैयार कर दिया गया। कार्यदायी संस्था ने स्कूलों को शिक्षा विभाग के सुपुर्द कर दिया।
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विभाग के अधीन स्कूल आने के बाद जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय से कक्षा संचालन और पद सृजन के लिए शिक्षा निदेशक को पत्र भेजकर अनुमति मांगी है। स्कूल अंडर में आने के बाद जल्द ही कक्षाओं का संचालन शुरू होने की उम्मीद जागी है। स्कूल शुरू होने से गांवों के सैकड़ों बच्चों को लाभ मिलेगा।
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पांच से सात पद सृजित होंगे
जिले के माध्यमिक स्कूल पहले से ही शिक्षकों की कमी से जूझ रहे हैं। ऐसे में नए विद्यालयों के लिए शिक्षकों को नियुक्त करनी होगी। शिक्षकों के अनुसार, प्रत्येक स्कूल में पांच से सात पद सृजित होने का मानक है। शिक्षा निदेशक से पत्र आने के बाद ही शिक्षकाें की स्थिति के बारे में पता चल सकेगा।
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राजकीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के तहत खुटार ब्लॉक के महोलिया, भावलखेड़ा के सुजातपुर और गुलड़ा उर्फ नौगवां, मदनापुर के बौरी व कटरा-खुदागंज ब्लॉक के रमापुर उत्तरी गांव में राजकीय हाईस्कूल का निर्माण कराया गया था।
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प्रत्येक विद्यालय पर 79.51 लाख रुपये खर्च किए गए थे। विद्यालयों को बनाकर तैयार कर दिया गया। कार्यदायी संस्था ने स्कूलों को शिक्षा विभाग के सुपुर्द कर दिया।
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विभाग के अधीन स्कूल आने के बाद जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय से कक्षा संचालन और पद सृजन के लिए शिक्षा निदेशक को पत्र भेजकर अनुमति मांगी है। स्कूल अंडर में आने के बाद जल्द ही कक्षाओं का संचालन शुरू होने की उम्मीद जागी है। स्कूल शुरू होने से गांवों के सैकड़ों बच्चों को लाभ मिलेगा।
पांच से सात पद सृजित होंगे
जिले के माध्यमिक स्कूल पहले से ही शिक्षकों की कमी से जूझ रहे हैं। ऐसे में नए विद्यालयों के लिए शिक्षकों को नियुक्त करनी होगी। शिक्षकों के अनुसार, प्रत्येक स्कूल में पांच से सात पद सृजित होने का मानक है। शिक्षा निदेशक से पत्र आने के बाद ही शिक्षकाें की स्थिति के बारे में पता चल सकेगा।