{"_id":"5dd7cf318ebc3e55061a964c","slug":"fever-shahjahanpur-news-bly385023670","type":"story","status":"publish","title_hn":"खुटार क्षेत्र के कढ़ैया गांव में बुखार से दो सप्ताह में तीन लोगों की मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खुटार क्षेत्र के कढ़ैया गांव में बुखार से दो सप्ताह में तीन लोगों की मौत
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खुटार (शाहजहांपुर)। डीएम की सख्ती के बावजूद स्वास्थ्य विभाग सक्रिय नहीं हुआ। जबकि बुखार से मरने वालों की संख्या बढ़ती जा रही है। पुवायां तहसील के नरौठा गांव में पिछले महीने बुखार से पांच लोगों की मौत हुई थी। पड़ोसी गांव कढ़ैया में दो सप्ताह में तीन लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें एक युवक की मौत शुक्रवार को हुई। सूचना देने पर पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव पहुंचकर शिविर लगाया और मरीजों का चेकअप किया।
कढ़ैया गांव निवासी 35 वर्षीय तेजपाल को तीन दिन से बुखार आ रहा था। परिवार के लोग इधर-उधर उसका इलाज करा रहे थे। शुक्रवार को तेजपाल की मौत हो गई। चचेरे भाई ब्रजेश कुमार ने बताया है कि कुछ दिन पूर्व तेजपाल को बुखार आया था, उसका एक निजी अस्पताल से इलाज भी चल रहा था। डॉक्टर ने तेजपाल को डेंगू बताया था। शुक्रवार को उसकी मौत हो गई। गांव के लोगों ने बताया कि 15 दिन पूर्व गांव के फत्तेलाल की पत्नी शकुंतला देवी और 20 नवंबर को रूप सिंह की पत्नी नन्हीं देवी की भी बुखार से मौत हो चुकी है। डॉक्टर ने दोनों को डेंगू बताया था।
गांव के प्रकाश, संजय, संजय की पत्नी नेमवती, भगत, जयकरन की पत्नी आशा देवी, पुत्री संध्या सहित तमाम लोग बुखार से पीड़ित हैं। कुछ का खुटार के निजी अस्पताल और कुछ का गैर जनपद के निजी अस्पतालों में इलाज चल रहा है। प्रधान की सूचना पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव में कैंप लगाकर बुखार के रोगियों को दवाएं दी और कुछ लोगों का ब्लड सैंपल लिया गया है।
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रसवां कलां में भी तमाम लोग बीमार
खुटार। गांव रसवा कलां के सुल्तान सिंह, विजय कुमार, हीरालाल सहित तमाम लोग बुखार से पीड़ित हैं। बुखार पीड़ितों ने दवाएं ली थीं, लेकिन लाभ नहीं होने पर लोगों ने खुटार में निजी अस्पताल की शरण ली है। गांव के लोगों ने स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव भेजकर दवाएं वितरित कराए जाने की मांग की है।
खुटार में निजी अस्पताल डेंगू बताकर ऐंठ रहे रुपये
खुटार। डेंगू बुखार की जांच की सुविधा जिला मुख्यालय पर ही उपलब्ध है, लेकिन खुटार में एक निजी अस्पताल का स्वामी बुखार के रोगी पहुंचने पर उन्हें डेंगू बताकर भारी राशि ऐंठ रहा है और हालत बिगड़ने पर रोगी को बाहर ले जाने की सलाह देकर पल्ला झाड़ लेता है।
मेडिकल स्टोर वाले कर रहें इलाज
खुटार। गांव नरौठा देवीदास और बाबा चौराहे पर बिना लाइसेंस के कई मेडिकल स्टोर चल रहे हैं। विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत के चलते वह लोग सामान्य बुखार के अलावा डेंगू आदि गंभीर बीमारियों से ग्रसित लोगों को ठीक कर देने का झांसा देकर इलाज कर रहे हैं, जिससे कई लोगों की जान जा चुकी हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी इस ओर ध्यान देने को तैयार नहीं है।
गांव कढ़ैया में कैंप लगाकर दवाएं दी जा रही हैं। जो मौतें हुई हैं उनमें डेंगू की पुष्टि नहीं हुई हैं। गांव के लोगों से साफ सफाई रखने की अपील भी की गई है।
डॉ. संजीव कुमार, प्रभारी पीएचसी खुटार
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कढ़ैया गांव निवासी 35 वर्षीय तेजपाल को तीन दिन से बुखार आ रहा था। परिवार के लोग इधर-उधर उसका इलाज करा रहे थे। शुक्रवार को तेजपाल की मौत हो गई। चचेरे भाई ब्रजेश कुमार ने बताया है कि कुछ दिन पूर्व तेजपाल को बुखार आया था, उसका एक निजी अस्पताल से इलाज भी चल रहा था। डॉक्टर ने तेजपाल को डेंगू बताया था। शुक्रवार को उसकी मौत हो गई। गांव के लोगों ने बताया कि 15 दिन पूर्व गांव के फत्तेलाल की पत्नी शकुंतला देवी और 20 नवंबर को रूप सिंह की पत्नी नन्हीं देवी की भी बुखार से मौत हो चुकी है। डॉक्टर ने दोनों को डेंगू बताया था।
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गांव के प्रकाश, संजय, संजय की पत्नी नेमवती, भगत, जयकरन की पत्नी आशा देवी, पुत्री संध्या सहित तमाम लोग बुखार से पीड़ित हैं। कुछ का खुटार के निजी अस्पताल और कुछ का गैर जनपद के निजी अस्पतालों में इलाज चल रहा है। प्रधान की सूचना पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव में कैंप लगाकर बुखार के रोगियों को दवाएं दी और कुछ लोगों का ब्लड सैंपल लिया गया है।
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रसवां कलां में भी तमाम लोग बीमार
खुटार। गांव रसवा कलां के सुल्तान सिंह, विजय कुमार, हीरालाल सहित तमाम लोग बुखार से पीड़ित हैं। बुखार पीड़ितों ने दवाएं ली थीं, लेकिन लाभ नहीं होने पर लोगों ने खुटार में निजी अस्पताल की शरण ली है। गांव के लोगों ने स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव भेजकर दवाएं वितरित कराए जाने की मांग की है।
खुटार में निजी अस्पताल डेंगू बताकर ऐंठ रहे रुपये
खुटार। डेंगू बुखार की जांच की सुविधा जिला मुख्यालय पर ही उपलब्ध है, लेकिन खुटार में एक निजी अस्पताल का स्वामी बुखार के रोगी पहुंचने पर उन्हें डेंगू बताकर भारी राशि ऐंठ रहा है और हालत बिगड़ने पर रोगी को बाहर ले जाने की सलाह देकर पल्ला झाड़ लेता है।
मेडिकल स्टोर वाले कर रहें इलाज
खुटार। गांव नरौठा देवीदास और बाबा चौराहे पर बिना लाइसेंस के कई मेडिकल स्टोर चल रहे हैं। विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत के चलते वह लोग सामान्य बुखार के अलावा डेंगू आदि गंभीर बीमारियों से ग्रसित लोगों को ठीक कर देने का झांसा देकर इलाज कर रहे हैं, जिससे कई लोगों की जान जा चुकी हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी इस ओर ध्यान देने को तैयार नहीं है।
गांव कढ़ैया में कैंप लगाकर दवाएं दी जा रही हैं। जो मौतें हुई हैं उनमें डेंगू की पुष्टि नहीं हुई हैं। गांव के लोगों से साफ सफाई रखने की अपील भी की गई है।
डॉ. संजीव कुमार, प्रभारी पीएचसी खुटार