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बिचौलियों के लिए त्योहारी छुट्टियां बनीं वरदान, खूब खरीदा सस्ता धान
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तिलहर। दीपावली, गोवर्धन पूजा और भैयादूज की सरकारी छुट्टियां धान खरीद को मंडी में सक्रिय बिचौलियों के लिए वरदान साबित हुईं। मंडी परिसर में ही उन्होंने धान की औने-पौने दामों में खूब खरीद की। छुट्टी के कारण मंडी का गेट फ्री रहा और कोई भी कर्मचारी ड्यूटी पर मौजूद न रहने से वहां आने-जाने वाले धान की कोई लिखा-पढ़ी नहीं हो सकी। पूरी मंडी में धान से भरे हुए बोरों के ऊंचे चट्टे लगे हुए हैं। त्योहार पर पैसे की जरूरत के कारण कई किसानों ने आढ़तों पर अपना धान बेचा।
एक अक्तूबर से सरकारी धान की खरीद को लेकर मंडी परिसर में विभिन्न एजेंसियों के 19 धान खरीद केंद्र खोले गए हैं। इन पर अभी तक मात्र सात हजार क्विंटल खरीद दर्शायी गई है। वही मंडी गेट की आवक 75,000 क्विंटल बताई गई है। माना जा रहा है कि क्षेत्र में लगभग 80 प्रतिशत से अधिक धान की कटाई हो चुकी है। बिचौलिए औने-पौने दामों में किसानों का धान खरीद कर उसका भंडारण कर रहे हैं। बाद में यही धान सरकारी क्रय केंद्रों पर किसानों से आवक के रूप में दर्ज करने का खेल होगा। मंडी में गल्ला आढ़तों पर बृहस्पतिवार को 1620 रुपये में धान की खरीद की गई। मंडी गेट और उसके पास तौल कांटे पर कोई भी कर्मचारी मौजूद नहीं मिला। ड्यूटी पर मौजूद पीआरडी जवानों ने बताया कि सभी लोग त्योहार की छुट्टी पर हैं। इसलिए बिना लिखा-पढ़ी के धान आ रहा है।
मैंने मंडी में बिचौलए को बेचा धान
मैंने मंडी में खुले बाजार में 1570 रुपये क्विंटल में अपना धान बृहस्पतिवार को बेचा है। पहले सूखा और बाद में बारिश ने किसान की कमर तोड़ दी। सरकारी खरीद केंद्रों पर धान नहीं खरीदा जा रहा है। इसी वजह से मजबूरी में खुले बाजार में धान बेचना पड़ता है। बाजार में बिचौलिए हावी हैं। - राजेश मौर्य, गांव रुजवारी
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केंद्र पर नहीं लिया धान तो आढ़त पर बेचा
मैं मंडी कई बार जा चुका हूं। धान केंद्रों पर अपना धान का नमूना लेकर गया लेकिन वहां लेने से इन्कार कर दिया है। बाजार में मैंने अपना कुछ धान 1600 रुपये क्विंटल में अभी आढ़त पर बेचा है। बृहस्पतिवार को ही मंडी गया था। सेंटर बंद होने से लौटना पड़ा। - सुखदेव वर्मा, ग्राम मोहनपुर
त्योहार के कारण कर्मचारी छुट्टी पर हैं। मंडी गेट के तोल कांटे पर एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को लगाया गया है। मंडी के अंदर आने वाली आवक व्यापारियों द्वारा चढ़ाई जा रही है। उसका 6-आर प्रपत्र भी ऑनलाइन कट रहा है और उसके बाद गेट पास कटने की प्रक्रिया है। अब तक मंडी में 75000 क्विंटल तथा सरकारी खरीद केंद्रों पर 7000 क्विंटल धान की खरीद हो चुकी है। किसान अपनी सहमति से मंडी में धान बिक्री कर रहे हैं। -जगदीश प्रसाद वर्मा, सचिव, तिलहर मंडी समिति
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एक अक्तूबर से सरकारी धान की खरीद को लेकर मंडी परिसर में विभिन्न एजेंसियों के 19 धान खरीद केंद्र खोले गए हैं। इन पर अभी तक मात्र सात हजार क्विंटल खरीद दर्शायी गई है। वही मंडी गेट की आवक 75,000 क्विंटल बताई गई है। माना जा रहा है कि क्षेत्र में लगभग 80 प्रतिशत से अधिक धान की कटाई हो चुकी है। बिचौलिए औने-पौने दामों में किसानों का धान खरीद कर उसका भंडारण कर रहे हैं। बाद में यही धान सरकारी क्रय केंद्रों पर किसानों से आवक के रूप में दर्ज करने का खेल होगा। मंडी में गल्ला आढ़तों पर बृहस्पतिवार को 1620 रुपये में धान की खरीद की गई। मंडी गेट और उसके पास तौल कांटे पर कोई भी कर्मचारी मौजूद नहीं मिला। ड्यूटी पर मौजूद पीआरडी जवानों ने बताया कि सभी लोग त्योहार की छुट्टी पर हैं। इसलिए बिना लिखा-पढ़ी के धान आ रहा है।
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मैंने मंडी में बिचौलए को बेचा धान
मैंने मंडी में खुले बाजार में 1570 रुपये क्विंटल में अपना धान बृहस्पतिवार को बेचा है। पहले सूखा और बाद में बारिश ने किसान की कमर तोड़ दी। सरकारी खरीद केंद्रों पर धान नहीं खरीदा जा रहा है। इसी वजह से मजबूरी में खुले बाजार में धान बेचना पड़ता है। बाजार में बिचौलिए हावी हैं। - राजेश मौर्य, गांव रुजवारी
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केंद्र पर नहीं लिया धान तो आढ़त पर बेचा
मैं मंडी कई बार जा चुका हूं। धान केंद्रों पर अपना धान का नमूना लेकर गया लेकिन वहां लेने से इन्कार कर दिया है। बाजार में मैंने अपना कुछ धान 1600 रुपये क्विंटल में अभी आढ़त पर बेचा है। बृहस्पतिवार को ही मंडी गया था। सेंटर बंद होने से लौटना पड़ा। - सुखदेव वर्मा, ग्राम मोहनपुर
त्योहार के कारण कर्मचारी छुट्टी पर हैं। मंडी गेट के तोल कांटे पर एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को लगाया गया है। मंडी के अंदर आने वाली आवक व्यापारियों द्वारा चढ़ाई जा रही है। उसका 6-आर प्रपत्र भी ऑनलाइन कट रहा है और उसके बाद गेट पास कटने की प्रक्रिया है। अब तक मंडी में 75000 क्विंटल तथा सरकारी खरीद केंद्रों पर 7000 क्विंटल धान की खरीद हो चुकी है। किसान अपनी सहमति से मंडी में धान बिक्री कर रहे हैं। -जगदीश प्रसाद वर्मा, सचिव, तिलहर मंडी समिति