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Shahjahanpur News: पिता-पुत्र को दस-दस वर्ष का कारावास
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शाहजहांपुर। अपर सत्र न्यायाधीश चंद्रमोहन चतुर्वेदी ने गंभीर चोट पहुंचाने के एक मुकदमे में पिता-पुत्र को दस-दस वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। दोषी पत्नी को तीन वर्ष के कारावास की सजा सुनाई गई।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, मीरानपुर कटरा थाना क्षेत्र के गांव बतलैया निवासी मान सिंह ने 20 सितंबर 2008 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने पुलिस को बताया था कि उसके गांव के रामकुमार के कुत्ते को लेकर उसका विवाद हो गया था। रामकुमार ने उनके खिलाफ पुलिस में झूठा मुकदमा दर्ज करा दिया था।
20 सितंबर को सुबह सात बजे रामकुमार, उनकी पत्नी गंगाश्री और बेटा धर्मवीर उनके घर के सामने से जा रहे थे। उनकी मां सदावती ने रामकुमार को रोककर पूछा कि उनके बेटे के खिलाफ मुकदमा क्यों दर्ज कराया है। इस पर रामकुमार गालियां देने लगा और उसकी मां के सिर पर बांका मार दिया।
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धर्मवीर ने मां पर डंडे से वार किया। अदालत में मुकदमा चलने के दौरान गवाहों के बयानात और सरकारी वकील के तर्कों को सुनने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश ने रामकुमार और उसके बेटे धर्मवीर को दस-दस वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। गंगाश्री को विशेष परिस्थिति का लाभ देते हुए तीन वर्ष के कारावास की सजा सुनाई गई।
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अभियोजन पक्ष के अनुसार, मीरानपुर कटरा थाना क्षेत्र के गांव बतलैया निवासी मान सिंह ने 20 सितंबर 2008 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने पुलिस को बताया था कि उसके गांव के रामकुमार के कुत्ते को लेकर उसका विवाद हो गया था। रामकुमार ने उनके खिलाफ पुलिस में झूठा मुकदमा दर्ज करा दिया था।
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20 सितंबर को सुबह सात बजे रामकुमार, उनकी पत्नी गंगाश्री और बेटा धर्मवीर उनके घर के सामने से जा रहे थे। उनकी मां सदावती ने रामकुमार को रोककर पूछा कि उनके बेटे के खिलाफ मुकदमा क्यों दर्ज कराया है। इस पर रामकुमार गालियां देने लगा और उसकी मां के सिर पर बांका मार दिया।
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धर्मवीर ने मां पर डंडे से वार किया। अदालत में मुकदमा चलने के दौरान गवाहों के बयानात और सरकारी वकील के तर्कों को सुनने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश ने रामकुमार और उसके बेटे धर्मवीर को दस-दस वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। गंगाश्री को विशेष परिस्थिति का लाभ देते हुए तीन वर्ष के कारावास की सजा सुनाई गई।