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किसान सहकारी चीनी मिल प्रदेश में दूसरे स्थान पर
हरिओम त्रिवेदी/पुवायां।
Updated Fri, 25 Dec 2015 11:00 PM IST
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कई वर्ष बंद रहने के बाद मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के प्रयास से शुरू हुई पुवायां की किसान सहकारी चीनी मिल वर्तमान पेराई सत्र में चीनी परता के मामले में प्रदेश की सहकारी चीनी मिलों में नंबर दो की पोजीशन पर है। मिल की इस उपलब्धि पर अधिकारी, कर्मचारी खासे प्रसन्न हैं।
वर्तमान पेराई सत्र में चीनी परता के मामले में बिजनौर की सहकारी चीनी मिल प्रदेश भर में नंबर एक पर है। बिजनौर मिल का चीनी परता 10.95 है। इसके बाद पुवायां की किसान सहकारी चीनी मिल है। पुवायां मिल का चीनी परता 10.25 है। इसके बाद गजरौला की मिल का चीनी परता 10.12, मुजफ्फरनगर की मोडना मिल का चीनी परता 10.05 है।
पुवायां की किसान सहकारी चीनी मिल की प्रदेश भर में चीनी परता में दूसरे नंबर की उपलब्धि इसलिए भी खास है कि यह मिल पूर्व के कुप्रबंधन के कारण भारी घाटे में चली गई और अंतत: इसे बंद कर देना पड़ा। तमाम वर्ष बंद रहने के बाद मिल वर्ष 2013 में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के प्रयासों से फिर से शुरू हो पाई। वर्ष 2014 में वीके अग्रवाल मिल के प्रधान प्रबंधक बने और उन्होंने मिल की बेहद खराब हालत में जर्जर मशीनरी से मिल को सुचारू चलाने के लिए कर्मचारियों को उत्साहित किया और खुद मिल के सभी मामलों में रुचि लेकर पेराई सत्र को सुचारू कराया। इसी का नतीजा है कि मिल वर्तमान पेराई सत्र में लगातार चल रही है और अब तक 5.4 हजार क्विंटल गन्ने की पेराई भी कर चुकी है। मिल पर किसानों को गत सत्र का गन्ना खरीद का कोई बकाया शेष नहीं है। वर्तमान सत्र में सरकार के रेट तय नहीं करने के कारण भुगतान नहीं हो सका है।
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बजाज ग्रुप में मकसूदासपुर मिल नंबर एक
मकसूदापुर/बंडा। बजाज ग्रुप की चीनी मिलों में बंडा क्षेत्र की मकसूदापुर स्थित चीनी मिल परता के मामले में अव्वल नंबर पर है। मिल 11.20 का चीनी परता दे रही है। मिल अभी तक 12.54 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई कर चुकी है। छह से 12 मार्च तक का पुराना गन्ना बकाया 6.5 करोड़ रुपया किसानों के खाते में भेज दिया गया है। अब गत वर्ष का दो दिन का बकाया गन्ना मूल्य लगभग 70 लाख रुपया भुगतान करना शेष रह गया है।
मिल के सभी अधिकारी और कर्मचारी मिल को चलाने में पूरी रूचि लेकर मेहनत कर रहे हैं। गन्ने को जूस को सही तरह से निकालकर भट्ठियों तक पहुंचाने पर विशेष ध्यान दिया गया। किसानों ने भी बढ़िया प्रजाति का गन्ना पैदा किया है। इस कारण चीनी परता में सहकारी चीनी मिलों में पुवायां की मिल बिजनौर के बाद दूसरे स्थान पर है। चीनी परता में मिल को नंबर एक पर ले जाने का प्रयास किया जाएगा।
- वीके अग्रवाल, प्रधान प्रबंधक किसान सहकारी चीनी मिल पुवायां
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वर्तमान पेराई सत्र में चीनी परता के मामले में बिजनौर की सहकारी चीनी मिल प्रदेश भर में नंबर एक पर है। बिजनौर मिल का चीनी परता 10.95 है। इसके बाद पुवायां की किसान सहकारी चीनी मिल है। पुवायां मिल का चीनी परता 10.25 है। इसके बाद गजरौला की मिल का चीनी परता 10.12, मुजफ्फरनगर की मोडना मिल का चीनी परता 10.05 है।
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पुवायां की किसान सहकारी चीनी मिल की प्रदेश भर में चीनी परता में दूसरे नंबर की उपलब्धि इसलिए भी खास है कि यह मिल पूर्व के कुप्रबंधन के कारण भारी घाटे में चली गई और अंतत: इसे बंद कर देना पड़ा। तमाम वर्ष बंद रहने के बाद मिल वर्ष 2013 में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के प्रयासों से फिर से शुरू हो पाई। वर्ष 2014 में वीके अग्रवाल मिल के प्रधान प्रबंधक बने और उन्होंने मिल की बेहद खराब हालत में जर्जर मशीनरी से मिल को सुचारू चलाने के लिए कर्मचारियों को उत्साहित किया और खुद मिल के सभी मामलों में रुचि लेकर पेराई सत्र को सुचारू कराया। इसी का नतीजा है कि मिल वर्तमान पेराई सत्र में लगातार चल रही है और अब तक 5.4 हजार क्विंटल गन्ने की पेराई भी कर चुकी है। मिल पर किसानों को गत सत्र का गन्ना खरीद का कोई बकाया शेष नहीं है। वर्तमान सत्र में सरकार के रेट तय नहीं करने के कारण भुगतान नहीं हो सका है।
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बजाज ग्रुप में मकसूदासपुर मिल नंबर एक
मकसूदापुर/बंडा। बजाज ग्रुप की चीनी मिलों में बंडा क्षेत्र की मकसूदापुर स्थित चीनी मिल परता के मामले में अव्वल नंबर पर है। मिल 11.20 का चीनी परता दे रही है। मिल अभी तक 12.54 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई कर चुकी है। छह से 12 मार्च तक का पुराना गन्ना बकाया 6.5 करोड़ रुपया किसानों के खाते में भेज दिया गया है। अब गत वर्ष का दो दिन का बकाया गन्ना मूल्य लगभग 70 लाख रुपया भुगतान करना शेष रह गया है।
मिल के सभी अधिकारी और कर्मचारी मिल को चलाने में पूरी रूचि लेकर मेहनत कर रहे हैं। गन्ने को जूस को सही तरह से निकालकर भट्ठियों तक पहुंचाने पर विशेष ध्यान दिया गया। किसानों ने भी बढ़िया प्रजाति का गन्ना पैदा किया है। इस कारण चीनी परता में सहकारी चीनी मिलों में पुवायां की मिल बिजनौर के बाद दूसरे स्थान पर है। चीनी परता में मिल को नंबर एक पर ले जाने का प्रयास किया जाएगा।
- वीके अग्रवाल, प्रधान प्रबंधक किसान सहकारी चीनी मिल पुवायां