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Shahjahanpur News: सुस्त सिस्टम में फंसी 2.89 लाख की फार्मर रजिस्ट्री, रात में आ रहा ओटीपी
Tue, 07 Jan 2025 12:24 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
Updated Tue, 07 Jan 2025 12:24 AM IST
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स्वदेश मिश्र, कुर्रिया कलां।
शाहजहांपुर। सुस्त सिस्टम में जिले के 2,89,232 किसानों की फार्मर रजिस्ट्री फंस गई है। वेबसाइट पर प्रक्रिया पूरी करने के बाद दिन में मोबाइल नंबर पर ओटीपी भेजा जा रहा है, लेकिन वह कई बार रात में पहुंच रहा है। अंतिम तिथि 31 जनवरी नजदीक आ रही है। ऐसे में किसानों को डर है कि कहीं उन्हें मिलने वाली सम्मान निधि पर संकट न आ जाए।
प्रत्येक सीएससी पर रोजाना 150 किसानों की फार्मर रजिस्ट्री कराने का लक्ष्य प्रशासन ने रखा है। यहां प्रत्येक आवेदन के लिए 50 रुपये किसानों से लिए जाते हैं। ऐसे में ठंड के बीच सुबह जल्दी ही किसान कॉमन सर्विस सेंटर या जनसुविधा केंद्र पहुंच जाते हैं, लेकिन पोर्टल की सुस्ती के कारण 10-15 रजिस्ट्री ही बड़ी मुश्किल से हो पाती हैं। काम न होने पर उन्हें लौटना पड़ता है।
किसान को अपना मोबाइल नंबर या ईमेल आईडी पोर्टल पर दर्ज करानी होती है। अधिकतर किसान मोबाइल नंबर डालते हैं। इसके बाद ओटीपी काफी देर तक नहीं आता है। इससे किसान सीएससी पर ही खड़े रहते हैं। कई बार ओटीपी तब आता है, जब किसान रात में खेत पर अपनी फसल की रखवाली कर रहे होते हैं। इस वजह से फार्मर रजिस्ट्री का काम भी पिछड़ रहा है।
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पढ़े-लिखे किसान खुद ही अपनी रजिस्ट्री का आवेदन कर लेते हैं। बाकी लोग जानकारी के अभाव या अनपढ़ होने की वजह से आवेदन नहीं कर पा रहे हैं। जनसुविधा केंद्र के संचालक नौशाद खां बताते हैं कि दिन में वेबसाइट धीमी चलती है। रात में जो किसान ओटीपी बता पा रहे हैं, उनकी रजिस्ट्री हो जाती है।
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फरवरी में आनी है सम्मान निधि की किस्त
-फार्मर रजिस्ट्री न हो पाने की दशा में सम्मान निधि का लाभ न मिलने की आशंका से किसान परेशान हैं। इसकी अगली किस्त फरवरी में आनी है। वहीं, अब तक 20 प्रतिशत किसानों की फार्मर रजिस्ट्री भी पूरी नहीं हो सकी है। किसानों ने मांग उठाई कि सरकार को इस बार की सम्मान निधि के लिए फार्मर रजिस्ट्री की अनिवार्यता को खत्म करना चाहिए। समयसीमा को भी आगे बढ़ाना चाहिए।
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ऐसे कराएं फार्मर रजिस्ट्री
-किसान घर बैठे ऑनलाइन फार्मर रजिस्ट्री कर सकते हैं। इसके लिए एग्री स्टैक की वेबसाइट पर लॉग इन करें। मांगी गई जानकारी अपडेट करते जाएं और जरूरी दस्तावेज अपलोड करें। सीएससी या जनसुविधा केंद्र जाकर भी प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। कृषि विभाग गांव-गांव शिविर लगाकर रजिस्ट्री बनाने का काम कर रहा है।
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ये है स्थिति
- जिले में किसानों की संख्या- 365232
- 76,000 किसानों की हुई फार्मर रजिस्ट्री
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इतने लोग काम में जुटे
- 60 कृषि विभाग के कर्मचारी।
-400 लेखपाल।
-1000 सीएससी पर हो रहा काम।
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सीएससी पर भीड़ रहती है। चार-पांच बार जनसेवा केंद्र जा चुके हैं, लेकिन फार्मर रजिस्ट्री नहीं हो पाई। केंद्र संचालक के मुताबिक साइट धीमी चल रही है।
- स्वदेश मिश्र, कुर्रिया कलां
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अभी किसी ने फार्मर रजिस्ट्री बनवाने के बारे में जानकारी नहीं दी। गांव की सीएचसी पर जाकर रजिस्ट्री बनवा लेंगे। इससे किसान सम्मान निधि का लाभ मिल पाएगा।
- देवेंद्र सिंह, बासखेड़ा
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आठ दिन से रोज सीएससी आते हैं, लेकिन पंजीकरण नहीं हो पा रहा है। रात में गेहूं की रखवाली को चले जाते हैं। इस वजह से नींद भी पूरी नहीं हो पा रही।
मेवाराम, मीरपुर
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कई दिनों से चक्कर काट रहे हैं। सीएससी संचालक बताते हैं कि वेबसाइट रात में चल जाती है। अब रात में तो फसल की रखवाली करनी पड़ती है। सरकार समय सीमा बढ़ाए।
राकेश, वंड़ियाकला
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फार्मर रजिस्ट्री का काम तेजी करने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है। कई सीएससी बहुत अच्छा काम कर रही हैं। कुछ जगह दिक्कत आ रही है। प्रयास किए जा रहे हैं कि समय से काम पूरा कर लिया जाए। समय सीमा के संबंध में सरकार फैसला लेगी।
- धीरेंद्र सिंह, उप कृषि निदेशक
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प्रत्येक सीएससी पर रोजाना 150 किसानों की फार्मर रजिस्ट्री कराने का लक्ष्य प्रशासन ने रखा है। यहां प्रत्येक आवेदन के लिए 50 रुपये किसानों से लिए जाते हैं। ऐसे में ठंड के बीच सुबह जल्दी ही किसान कॉमन सर्विस सेंटर या जनसुविधा केंद्र पहुंच जाते हैं, लेकिन पोर्टल की सुस्ती के कारण 10-15 रजिस्ट्री ही बड़ी मुश्किल से हो पाती हैं। काम न होने पर उन्हें लौटना पड़ता है।
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किसान को अपना मोबाइल नंबर या ईमेल आईडी पोर्टल पर दर्ज करानी होती है। अधिकतर किसान मोबाइल नंबर डालते हैं। इसके बाद ओटीपी काफी देर तक नहीं आता है। इससे किसान सीएससी पर ही खड़े रहते हैं। कई बार ओटीपी तब आता है, जब किसान रात में खेत पर अपनी फसल की रखवाली कर रहे होते हैं। इस वजह से फार्मर रजिस्ट्री का काम भी पिछड़ रहा है।
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पढ़े-लिखे किसान खुद ही अपनी रजिस्ट्री का आवेदन कर लेते हैं। बाकी लोग जानकारी के अभाव या अनपढ़ होने की वजह से आवेदन नहीं कर पा रहे हैं। जनसुविधा केंद्र के संचालक नौशाद खां बताते हैं कि दिन में वेबसाइट धीमी चलती है। रात में जो किसान ओटीपी बता पा रहे हैं, उनकी रजिस्ट्री हो जाती है।
फरवरी में आनी है सम्मान निधि की किस्त
-फार्मर रजिस्ट्री न हो पाने की दशा में सम्मान निधि का लाभ न मिलने की आशंका से किसान परेशान हैं। इसकी अगली किस्त फरवरी में आनी है। वहीं, अब तक 20 प्रतिशत किसानों की फार्मर रजिस्ट्री भी पूरी नहीं हो सकी है। किसानों ने मांग उठाई कि सरकार को इस बार की सम्मान निधि के लिए फार्मर रजिस्ट्री की अनिवार्यता को खत्म करना चाहिए। समयसीमा को भी आगे बढ़ाना चाहिए।
ऐसे कराएं फार्मर रजिस्ट्री
-किसान घर बैठे ऑनलाइन फार्मर रजिस्ट्री कर सकते हैं। इसके लिए एग्री स्टैक की वेबसाइट पर लॉग इन करें। मांगी गई जानकारी अपडेट करते जाएं और जरूरी दस्तावेज अपलोड करें। सीएससी या जनसुविधा केंद्र जाकर भी प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। कृषि विभाग गांव-गांव शिविर लगाकर रजिस्ट्री बनाने का काम कर रहा है।
ये है स्थिति
- जिले में किसानों की संख्या- 365232
- 76,000 किसानों की हुई फार्मर रजिस्ट्री
इतने लोग काम में जुटे
- 60 कृषि विभाग के कर्मचारी।
-400 लेखपाल।
-1000 सीएससी पर हो रहा काम।
सीएससी पर भीड़ रहती है। चार-पांच बार जनसेवा केंद्र जा चुके हैं, लेकिन फार्मर रजिस्ट्री नहीं हो पाई। केंद्र संचालक के मुताबिक साइट धीमी चल रही है।
- स्वदेश मिश्र, कुर्रिया कलां
अभी किसी ने फार्मर रजिस्ट्री बनवाने के बारे में जानकारी नहीं दी। गांव की सीएचसी पर जाकर रजिस्ट्री बनवा लेंगे। इससे किसान सम्मान निधि का लाभ मिल पाएगा।
- देवेंद्र सिंह, बासखेड़ा
आठ दिन से रोज सीएससी आते हैं, लेकिन पंजीकरण नहीं हो पा रहा है। रात में गेहूं की रखवाली को चले जाते हैं। इस वजह से नींद भी पूरी नहीं हो पा रही।
मेवाराम, मीरपुर
कई दिनों से चक्कर काट रहे हैं। सीएससी संचालक बताते हैं कि वेबसाइट रात में चल जाती है। अब रात में तो फसल की रखवाली करनी पड़ती है। सरकार समय सीमा बढ़ाए।
राकेश, वंड़ियाकला
फार्मर रजिस्ट्री का काम तेजी करने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है। कई सीएससी बहुत अच्छा काम कर रही हैं। कुछ जगह दिक्कत आ रही है। प्रयास किए जा रहे हैं कि समय से काम पूरा कर लिया जाए। समय सीमा के संबंध में सरकार फैसला लेगी।
- धीरेंद्र सिंह, उप कृषि निदेशक

स्वदेश मिश्र, कुर्रिया कलां।

स्वदेश मिश्र, कुर्रिया कलां।

स्वदेश मिश्र, कुर्रिया कलां।

स्वदेश मिश्र, कुर्रिया कलां।