{"_id":"632226534c1a346a4c2a8abb","slug":"eye-operations-started-with-phaco-machine-in-medical-college-shahjahanpur-news-bly4976008160","type":"story","status":"publish","title_hn":"आधुनिक फेको मशीन से बिना चीरा लगाए शुरू हुए आंख के ऑपरेशन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आधुनिक फेको मशीन से बिना चीरा लगाए शुरू हुए आंख के ऑपरेशन
सार
राजकीय मेडिकल कॉलेज का नेत्र रोग विभाग अपडेट हो रहा है।प्राचार्य डॉ. राजेश कुमार ने मरीजों को राहत देने के लिए आधुनिक फेको मशीन उपलब्ध कराई है।
विज्ञापन
विस्तार
शाहजहांपुर। राजकीय मेडिकल कॉलेज का नेत्र रोग विभाग अपडेट हो रहा है। अस्पताल में अब मोतियाबिंद के मरीजों का ऑपरेशन अब चीरा और टांका के आधुनिक फेको मशीन से किए जाने लगे हैं। मशीन पर अस्पताल प्रशासन ने करीब 30 लाख रुपये खर्च किए हैं। इससे मरीजों को बड़ी राहत मिली है।
मोतियाबिंद से परेशान मरीजों को अभी ऑपरेशन कराने के लिए दिक्कतें झेलनी पड़ती थीं। राजकीय मेडिकल कॉलेज में ऑपरेशन के लिए पुराने तौर-तरीकों को आजमाया जाता था। आंख को सुन्न करने के बाद चीरा और टांका लगाकर मरीजों का राहत दी जाती थी। मेडिकल कॉलेज बनने के बाद हर विभाग को अपडेट करने की प्रक्रिया चल रही है। इसी कड़ी में नेत्र रोग विभाग में सुविधाएं बढ़ाई गई हैं। प्राचार्य डॉ. राजेश कुमार ने मरीजों को राहत देने के लिए आधुनिक फेको मशीन उपलब्ध कराई है। मशीन लगने से सुन्न करने के लिए इंजेक्शन लगाने की जरूरत नहीं हो रही। चीरा व टांकों की आवश्यकता भी नहीं होती है। नेत्र रोग विभाग के अध्यक्ष डॉ. अमित सूद ने बताया कि फेको मशीन आने के बाद छोटे से छेद के माध्यम से दूरबीन के जरिये मरीज का सफल ऑपरेशन कर दिया जाता है।
ये हैं मोतियाबिंद के लक्षण
कम दिखाई देना
आंख से धुंधला दिखना
दोहरा या डबल दिखाई देना।
चमकीले गोले भी दिखाई देने लगते हैं।
यह है ऑपरेशन की प्रक्रिया
ऑपरेशन के लिए आधार कार्ड लाना होगा।
मरीज की जांच कराने के बाद ऑपरेशन की तिथि मिल जाएगी।
सप्ताह में मंगलवार, बृहस्पतिवार और शनिवार को ऑपरेशन होते हैं।
यह आधुनिक फेको मशीन राजकीय मेडिकल कॉलेज में आई है। इसके जरिये दूरबीन विधि से आसानी से मोतियाबिंद का ऑपरेशन किया जाता है। - डॉ. अमित सूद, विभागाध्यक्ष नेत्र विभाग, राजकीय मेडिकल कॉलेज
विज्ञापन
विज्ञापन
मोतियाबिंद से परेशान मरीजों को अभी ऑपरेशन कराने के लिए दिक्कतें झेलनी पड़ती थीं। राजकीय मेडिकल कॉलेज में ऑपरेशन के लिए पुराने तौर-तरीकों को आजमाया जाता था। आंख को सुन्न करने के बाद चीरा और टांका लगाकर मरीजों का राहत दी जाती थी। मेडिकल कॉलेज बनने के बाद हर विभाग को अपडेट करने की प्रक्रिया चल रही है। इसी कड़ी में नेत्र रोग विभाग में सुविधाएं बढ़ाई गई हैं। प्राचार्य डॉ. राजेश कुमार ने मरीजों को राहत देने के लिए आधुनिक फेको मशीन उपलब्ध कराई है। मशीन लगने से सुन्न करने के लिए इंजेक्शन लगाने की जरूरत नहीं हो रही। चीरा व टांकों की आवश्यकता भी नहीं होती है। नेत्र रोग विभाग के अध्यक्ष डॉ. अमित सूद ने बताया कि फेको मशीन आने के बाद छोटे से छेद के माध्यम से दूरबीन के जरिये मरीज का सफल ऑपरेशन कर दिया जाता है।
विज्ञापन
ये हैं मोतियाबिंद के लक्षण
कम दिखाई देना
आंख से धुंधला दिखना
दोहरा या डबल दिखाई देना।
चमकीले गोले भी दिखाई देने लगते हैं।
यह है ऑपरेशन की प्रक्रिया
ऑपरेशन के लिए आधार कार्ड लाना होगा।
मरीज की जांच कराने के बाद ऑपरेशन की तिथि मिल जाएगी।
सप्ताह में मंगलवार, बृहस्पतिवार और शनिवार को ऑपरेशन होते हैं।
यह आधुनिक फेको मशीन राजकीय मेडिकल कॉलेज में आई है। इसके जरिये दूरबीन विधि से आसानी से मोतियाबिंद का ऑपरेशन किया जाता है। - डॉ. अमित सूद, विभागाध्यक्ष नेत्र विभाग, राजकीय मेडिकल कॉलेज
विज्ञापन