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Shahjahanpur News: महंगी लागत सस्ता दाम...गन्ना किसान निराश
Fri, 19 Jan 2024 03:27 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
Updated Fri, 19 Jan 2024 03:27 AM IST
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सचिन मिश्रा, तहसील महासचिव राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन पुवायां। संवाद
पुवायां। कैबिनेट में गन्ना मूल्य में 20 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि को मंजूरी मिली है। किसानों ने इसे नाकाफी बताया। कहा कि गन्ने का मूल्य प्रति क्विंटल चार सौ रुपये किया जाना चाहिए था। वहीं कुछ नेताओं और किसानों ने बढ़ोतरी को ठीक बताया।
किसानों का कहना है कि खाद, दवाएं, डीजल, श्रमिकों का खर्च बेहद बढ़ चुका है। बीते छह साल में लागत दोगुनी हो चुकी है। जबकि गन्ना मूल्य में केवल 55 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि हुई। सरकार को मूल्य को लेकर फिर से विचार करना चाहिए। अगर ऐसा ही चलता रहा तो किसान गन्ने की खेती छोड़कर अन्य फसलें उगाना शुरू कर देंगे। इसका प्रभाव हर वर्ग पर पड़ेगा।
गन्ने के मूल्य में 20 रुपये की बढ़ोतरी ठीक हुई है। सरकार की ओर से अगर ऐसे ही किसान हितों का ध्यान रखा जाए तो बेहतर रहेगा।
-अनिल सिंह यादव, तहसील अध्यक्ष, भाकियू टिकैत गुट, पुवायां
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गन्ना मूल्य में 20 रुपये की मामूली बढ़ोतरी कोई तोहफा नहीं बल्कि लोकसभा चुनावी वर्ष में किसानों के लिए एक झटका है। पंजाब सरकार ने गन्ना मूल्य 393 प्रति क्विंटल घोषित किया है। वहीं, उत्तर प्रदेश सरकार ने आधा सीजन व्यतीत हो जाने के बाद मात्र 20 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ाए। किसान बेहद निराश हैं।
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सचिन मिश्रा, तहसील महासचिव, राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन, पुवायां
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गन्ने का मूल्य और ज्यादा होना चाहिए। लागत भी ज्यादा आ रही है। भुगतान देर से मिलता है। इस कारण किसान परेशान रहते हैं।
-संजीव मिश्रा, गांव सतवां बुजुर्ग, पुवायां
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बीस रुपये प्रति क्विंटल की बढ़त बेहद कम है। चार सौ रुपये प्रति क्विंटल दाम होना चाहिए। सरकार को किसानों की दिक्कतों पर गौर करना चाहिए।
सत्यप्रकाश, सतवां बुजुर्ग, पुवायां
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किसानों का कहना है कि खाद, दवाएं, डीजल, श्रमिकों का खर्च बेहद बढ़ चुका है। बीते छह साल में लागत दोगुनी हो चुकी है। जबकि गन्ना मूल्य में केवल 55 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि हुई। सरकार को मूल्य को लेकर फिर से विचार करना चाहिए। अगर ऐसा ही चलता रहा तो किसान गन्ने की खेती छोड़कर अन्य फसलें उगाना शुरू कर देंगे। इसका प्रभाव हर वर्ग पर पड़ेगा।
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गन्ने के मूल्य में 20 रुपये की बढ़ोतरी ठीक हुई है। सरकार की ओर से अगर ऐसे ही किसान हितों का ध्यान रखा जाए तो बेहतर रहेगा।
-अनिल सिंह यादव, तहसील अध्यक्ष, भाकियू टिकैत गुट, पुवायां
गन्ना मूल्य में 20 रुपये की मामूली बढ़ोतरी कोई तोहफा नहीं बल्कि लोकसभा चुनावी वर्ष में किसानों के लिए एक झटका है। पंजाब सरकार ने गन्ना मूल्य 393 प्रति क्विंटल घोषित किया है। वहीं, उत्तर प्रदेश सरकार ने आधा सीजन व्यतीत हो जाने के बाद मात्र 20 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ाए। किसान बेहद निराश हैं।
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सचिन मिश्रा, तहसील महासचिव, राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन, पुवायां
गन्ने का मूल्य और ज्यादा होना चाहिए। लागत भी ज्यादा आ रही है। भुगतान देर से मिलता है। इस कारण किसान परेशान रहते हैं।
-संजीव मिश्रा, गांव सतवां बुजुर्ग, पुवायां
बीस रुपये प्रति क्विंटल की बढ़त बेहद कम है। चार सौ रुपये प्रति क्विंटल दाम होना चाहिए। सरकार को किसानों की दिक्कतों पर गौर करना चाहिए।
सत्यप्रकाश, सतवां बुजुर्ग, पुवायां

सचिन मिश्रा, तहसील महासचिव राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन पुवायां। संवाद

सचिन मिश्रा, तहसील महासचिव राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन पुवायां। संवाद

सचिन मिश्रा, तहसील महासचिव राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन पुवायां। संवाद