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मूल्यांकन बहिष्कार कर रहे शिक्षकों ने मांगी भीख
शाहजहांपुर।
Updated Mon, 06 Apr 2015 11:52 PM IST
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राजकीय इंटर कॉलेज केंद्र पर मूल्यांकन कर रहे परीक्षकों से वित्तविहीन शिक्षकों ने बहिष्कार में साथ देने की गुहार लगाई। बाद में उन्हीं से भीख मांग कर आंदोलन जारी रखा। इससे पूर्व सीओ सिटी ने जीआईसी पहुंचकर बहिष्कार कर रहे शिक्षकों से आंदोलन के बारे में जानकारी ली। बहिष्कार के बीच छुटपुट मूल्यांकन भी जारी रहा।
जीआईसी, एबी रिच इंटर कॉलेज और इस्लामिया इंटर कॉलेज में कहने भर को मूल्यांकन जारी है। अधिकांश कमरे खाली पड़े हैं, सीटों पर जमा धूल खुद मूल्यांकन की दास्तां सुना रही है। कुछ कमरों में टोलियों के नाम पर गिने-चुने शिक्षक मूल्यांकन निपटाने की कोशिश करते देखे जा सकते हैं। कोई भी टोली शिक्षकों से पूर्ण दिखाई नहीं देेती। जो मूल्यांकन केंद्र सैकड़ों परीक्षकों से भरे रहने चाहिए थे, वह अभी तक सन्नाटे में हैं। फिलहाल इस्लामियां कॉलेज में हाई स्कूल 15 फीसदी मूल्यांकन हो चुका है। यानी बचे हुए लगभग एक सप्ताह में 85 फीसदी काम अभी और निपटाना है। इसी तरह जीआईसी में 886 के सापेक्ष मात्र 227 परीक्षक ही उत्तरपुस्तिकाओं को जांचने में अपना योगदान दे रहे हैं। एबी रिच में भी परीक्षकों की भारी कमी है। इस कमी के पीछे सिर्फ एक ही कारण है, और वह यह कि वित्तविहीन शिक्षकों ने मूल्यांकन का बहिष्कार कर रखा है।
इधर, आंदोलनकारी वित्तविहीन शिक्षकों ने मूल्यांकन कर राजकीय और सहायता प्राप्त शिक्षकों से बहिष्कार में साथ देने की मांग की, जब बात नहीं बनी तो उन्होंने दोने लेकर सभी से भीख मांगी। इस दौरान शिक्षक काली पट्टी बांधे मूल्यांकन बंद करो-शर्म करो, शर्म करो के नारे लगाते रहे। प्रदर्शन में उमेश पांडेय, संजीव मिश्रा, पंकज मिश्रा, असलम खान, महेश, विपिन कुमार, धर्मवीर, सरोज कुमार, संत कुमार सिंह, श्याम बिहारी, कमलेश सिंह, धीरपाल सिंह, वाजिद अली, द्रोणपाल, चंद्रभाल, वीरेश कुमार, आसिफ, सुनील कुमार, जयवीर सिंह, मुनेश चंद्र आदि शामिल रहे।
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...तो होगा जेल भरो आंदोलन
‘मुख्यमंत्री ने प्रांतीय नेतृत्व को वार्ता के लिए बुलाया है, यदि जीविकोपार्जन मानदेय के लिए कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला, तो संघ जेल भरो आंदोलन शुरू कर देगा। सरकार अभी तक वादा खिलाफी करती आ रही है, इसलिए ही मूल्यांकन का बहिष्कार करने का निर्णय लिया गया। अब सरकार से आर-पार की लड़ाई होगी’।
- नरेंद्र सिंह यादव, कार्यवाहक जिलाध्यक्ष, वित्तविहीन शिक्षक महासभा
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जीआईसी, एबी रिच इंटर कॉलेज और इस्लामिया इंटर कॉलेज में कहने भर को मूल्यांकन जारी है। अधिकांश कमरे खाली पड़े हैं, सीटों पर जमा धूल खुद मूल्यांकन की दास्तां सुना रही है। कुछ कमरों में टोलियों के नाम पर गिने-चुने शिक्षक मूल्यांकन निपटाने की कोशिश करते देखे जा सकते हैं। कोई भी टोली शिक्षकों से पूर्ण दिखाई नहीं देेती। जो मूल्यांकन केंद्र सैकड़ों परीक्षकों से भरे रहने चाहिए थे, वह अभी तक सन्नाटे में हैं। फिलहाल इस्लामियां कॉलेज में हाई स्कूल 15 फीसदी मूल्यांकन हो चुका है। यानी बचे हुए लगभग एक सप्ताह में 85 फीसदी काम अभी और निपटाना है। इसी तरह जीआईसी में 886 के सापेक्ष मात्र 227 परीक्षक ही उत्तरपुस्तिकाओं को जांचने में अपना योगदान दे रहे हैं। एबी रिच में भी परीक्षकों की भारी कमी है। इस कमी के पीछे सिर्फ एक ही कारण है, और वह यह कि वित्तविहीन शिक्षकों ने मूल्यांकन का बहिष्कार कर रखा है।
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इधर, आंदोलनकारी वित्तविहीन शिक्षकों ने मूल्यांकन कर राजकीय और सहायता प्राप्त शिक्षकों से बहिष्कार में साथ देने की मांग की, जब बात नहीं बनी तो उन्होंने दोने लेकर सभी से भीख मांगी। इस दौरान शिक्षक काली पट्टी बांधे मूल्यांकन बंद करो-शर्म करो, शर्म करो के नारे लगाते रहे। प्रदर्शन में उमेश पांडेय, संजीव मिश्रा, पंकज मिश्रा, असलम खान, महेश, विपिन कुमार, धर्मवीर, सरोज कुमार, संत कुमार सिंह, श्याम बिहारी, कमलेश सिंह, धीरपाल सिंह, वाजिद अली, द्रोणपाल, चंद्रभाल, वीरेश कुमार, आसिफ, सुनील कुमार, जयवीर सिंह, मुनेश चंद्र आदि शामिल रहे।
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...तो होगा जेल भरो आंदोलन
‘मुख्यमंत्री ने प्रांतीय नेतृत्व को वार्ता के लिए बुलाया है, यदि जीविकोपार्जन मानदेय के लिए कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला, तो संघ जेल भरो आंदोलन शुरू कर देगा। सरकार अभी तक वादा खिलाफी करती आ रही है, इसलिए ही मूल्यांकन का बहिष्कार करने का निर्णय लिया गया। अब सरकार से आर-पार की लड़ाई होगी’।
- नरेंद्र सिंह यादव, कार्यवाहक जिलाध्यक्ष, वित्तविहीन शिक्षक महासभा