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Shahjahanpur News: हादसे में महिला की मौत पर विद्युत निगम पर पांच लाख का जुर्माना
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शाहजहांपुर। दुर्घटना में महिला की मौत के मामले में स्थायी लोक अदालत ने विद्युत निगम को पीड़ित परिवार को पांच लाख रुपये क्षतिपूर्ति देने का आदेश दिया है। अदालत ने क्षतिपूर्ति राशि पर वाद दायर करने की तिथि से भुगतान की तिथि तक छह प्रतिशत वार्षिक ब्याज देने का भी आदेश दिया है।
मामला सिंधौली क्षेत्र के गांव सिंगरहा-मीरनपुर मजरा बिलहैया का है। गांव निवासी रामपाल ने अपनी पत्नी भगवती की विद्युत दुर्घटना में मौत के बाद विद्युत निगम के खिलाफ क्षतिपूर्ति का वाद दायर किया था। रामपाल ने बताया था कि 25 जुलाई 2019 को भगवती छत पर कपड़े फैलाने गई थीं। कपड़े फैलाते समय फेज केबल में लगे कट में कपड़ा छू जाने से उन्हें करंट लग गया।
करंट लगने से वह छत से गली में आकर गिर गईं। उनकी मौत हो गई। स्थायी लोक अदालत के अध्यक्ष अबुल कैश एवं सदस्य एएमओ सलीम असकरी और सदस्य सचिव एपी दीपक कुमार वर्मा ने मामले की सुनवाई की। अदालत के समक्ष विद्युत सुरक्षा रिपोर्ट में पाया गया कि फेज केबल रामपाल की छत के ऊपर से गई थी। फेज केबल में कट लगाकर रामपाल के घर में विद्युत कनेक्शन दिया गया था। इसी केबल के कट वाले स्थान से स्ट्रीट लाइट को भी विद्युत कनेक्शन दिया गया था।
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अदालत के अनुसार विद्युत निगम ने फेज केबल के कट वाले स्थान को कवर नहीं किया था। इसी कारण भगवती के साथ दुर्घटना हुई। अदालत ने अपने फैसले में सुप्रीम कोर्ट के एक मामले का हवाला देते हुए कहा कि विद्युत दुर्घटनाओं के मामलों में कठोर दायित्व का सिद्धांत प्रभावी होता है। अदालत ने माना कि भगवती की मौत विद्युत निगम की लापरवाही से हुई। इसके आधार पर स्थायी लोक अदालत ने विपक्षी विद्युत निगम को वादी रामपाल को पांच लाख रुपये क्षतिपूर्ति देने का आदेश दिया।
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मामला सिंधौली क्षेत्र के गांव सिंगरहा-मीरनपुर मजरा बिलहैया का है। गांव निवासी रामपाल ने अपनी पत्नी भगवती की विद्युत दुर्घटना में मौत के बाद विद्युत निगम के खिलाफ क्षतिपूर्ति का वाद दायर किया था। रामपाल ने बताया था कि 25 जुलाई 2019 को भगवती छत पर कपड़े फैलाने गई थीं। कपड़े फैलाते समय फेज केबल में लगे कट में कपड़ा छू जाने से उन्हें करंट लग गया।
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करंट लगने से वह छत से गली में आकर गिर गईं। उनकी मौत हो गई। स्थायी लोक अदालत के अध्यक्ष अबुल कैश एवं सदस्य एएमओ सलीम असकरी और सदस्य सचिव एपी दीपक कुमार वर्मा ने मामले की सुनवाई की। अदालत के समक्ष विद्युत सुरक्षा रिपोर्ट में पाया गया कि फेज केबल रामपाल की छत के ऊपर से गई थी। फेज केबल में कट लगाकर रामपाल के घर में विद्युत कनेक्शन दिया गया था। इसी केबल के कट वाले स्थान से स्ट्रीट लाइट को भी विद्युत कनेक्शन दिया गया था।
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अदालत के अनुसार विद्युत निगम ने फेज केबल के कट वाले स्थान को कवर नहीं किया था। इसी कारण भगवती के साथ दुर्घटना हुई। अदालत ने अपने फैसले में सुप्रीम कोर्ट के एक मामले का हवाला देते हुए कहा कि विद्युत दुर्घटनाओं के मामलों में कठोर दायित्व का सिद्धांत प्रभावी होता है। अदालत ने माना कि भगवती की मौत विद्युत निगम की लापरवाही से हुई। इसके आधार पर स्थायी लोक अदालत ने विपक्षी विद्युत निगम को वादी रामपाल को पांच लाख रुपये क्षतिपूर्ति देने का आदेश दिया।