{"_id":"2aa14697df0c1b4e8e00032fa400466a","slug":"educational-hindi-news-40","type":"story","status":"publish","title_hn":"‘न्यायपरक हो विधि शिक्षा का उद्देश्य’","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
‘न्यायपरक हो विधि शिक्षा का उद्देश्य’
शाहजहांपुर
Updated Mon, 02 Mar 2015 11:24 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एसएस कॉलेज के स्वर्ण जयंती समारोह विधि महाविद्यालय की ओर से राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय रांची के कुलपति प्रोफेसर बीसी निर्मल ने वर्तमान सामाजिक परिदृश्य में विधि शिक्षा की भूमिका पर कहा कि विधि शिक्षा का उद्देश्य भारतीय संविधान के अनुरूप न्यायपरक होना चाहिए।
प्रोफेसर निर्मल ने कहा कि बढ़ते औद्योगिकीकरण के कारण आने वाली समस्याओं एवं उनके समाधान के अनुरूप उद्देश्यपरक विधि शिक्षा की आवश्यकता है। विधि शोध इस रूप में होना चाहिए कि बदलती हुई सामाजिक एवं औद्योगिक परिस्थितियों में क्रियात्मक ज्ञान छात्रों को मिल सके। वैश्वीकरण ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर विधि व्यवसाय को बदल दिया है। आज विधि शिक्षा का संबंध विधिक व्यवसाय से जुड़ा हुआ है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए मुमुक्षु शिक्षा संकुल के अधिष्ठाता स्वामी चिन्मयानंद सरस्वती जी ने कहा कि विधि शिक्षा विज्ञान की तरह पढ़ते हुए ’विधि विज्ञान’ के रुप में समझने की जरूरत है। विद्यार्थियों का कैंपस प्लेसमेंट हो, इस उद्देश्य से विधि शिक्षा को केंद्रित करते हुए विद्यार्थियों को परिपक्व बनना चाहिए। बरेली कॉलेज बरेली के डॉ. डीके सिंह कहा कि हमारी विधिक व्यवस्था एवं शिक्षा व्यवस्था अपने उद्देश्य से भटक चुकी है। शिक्षा का व्यवसायीकरण हो चुका है। अध्यापक का उद्देश्य व्यवसायपरक हो चुका है, इसलिए प्रारंभिक शिक्षा से उच्च शिक्षा को कर्तव्य परक बनाना होगा।
विज्ञापन
इस अवसर पर डॉ. एसपी सिंह, डॉ. अवनीश मिश्र आदि ने भी विचार रखे। कार्यक्रम में शोधपत्र प्रस्तुत करने वाले लगभग 150 विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। इससे पूर्व विषय प्रवर्तन हरिचरण यादव ने तथा संचालन पवन कुमार गुप्ता ने किया, डॉ. अनिरुद्ध राम ने स्वागत किया। इस मौके पर डॉ. जयशंकर ओझा, अनिल कुमार, अशोक कुमार, प्रमोद कुशवाहा, नलनीश चंद्र सिंह, रंजना खंडेलवाल, अमित यादव, डॉ. रघुवीर सिंह मौजूद आदि रहे। प्राचार्य डॉ. संजय बरनवाल ने आभार व्यक्त किया।
स्थगित हुए कार्यक्रम
भारी बरसात के चलते मुमुक्षु महोत्सव में मंगलवार को होने वाला कवि सम्मेलन, एसएस लॉ कॉलेज के नवीन भवन का उद्घाटन, एसएसएमवी का वार्षिकोत्सव और संस्कृत विद्वानों के सम्मान का कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया है। संयोजक डॉ. अनुराग अग्रवाल ने बताया कि इन कार्यक्रमों की तिथियां शीघ्र ही घोषित की जाएंगी। भागवत कथा का समापन मंगलवार को किया जाएगा।
विज्ञापन
प्रोफेसर निर्मल ने कहा कि बढ़ते औद्योगिकीकरण के कारण आने वाली समस्याओं एवं उनके समाधान के अनुरूप उद्देश्यपरक विधि शिक्षा की आवश्यकता है। विधि शोध इस रूप में होना चाहिए कि बदलती हुई सामाजिक एवं औद्योगिक परिस्थितियों में क्रियात्मक ज्ञान छात्रों को मिल सके। वैश्वीकरण ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर विधि व्यवसाय को बदल दिया है। आज विधि शिक्षा का संबंध विधिक व्यवसाय से जुड़ा हुआ है।
विज्ञापन
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए मुमुक्षु शिक्षा संकुल के अधिष्ठाता स्वामी चिन्मयानंद सरस्वती जी ने कहा कि विधि शिक्षा विज्ञान की तरह पढ़ते हुए ’विधि विज्ञान’ के रुप में समझने की जरूरत है। विद्यार्थियों का कैंपस प्लेसमेंट हो, इस उद्देश्य से विधि शिक्षा को केंद्रित करते हुए विद्यार्थियों को परिपक्व बनना चाहिए। बरेली कॉलेज बरेली के डॉ. डीके सिंह कहा कि हमारी विधिक व्यवस्था एवं शिक्षा व्यवस्था अपने उद्देश्य से भटक चुकी है। शिक्षा का व्यवसायीकरण हो चुका है। अध्यापक का उद्देश्य व्यवसायपरक हो चुका है, इसलिए प्रारंभिक शिक्षा से उच्च शिक्षा को कर्तव्य परक बनाना होगा।
विज्ञापन
इस अवसर पर डॉ. एसपी सिंह, डॉ. अवनीश मिश्र आदि ने भी विचार रखे। कार्यक्रम में शोधपत्र प्रस्तुत करने वाले लगभग 150 विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। इससे पूर्व विषय प्रवर्तन हरिचरण यादव ने तथा संचालन पवन कुमार गुप्ता ने किया, डॉ. अनिरुद्ध राम ने स्वागत किया। इस मौके पर डॉ. जयशंकर ओझा, अनिल कुमार, अशोक कुमार, प्रमोद कुशवाहा, नलनीश चंद्र सिंह, रंजना खंडेलवाल, अमित यादव, डॉ. रघुवीर सिंह मौजूद आदि रहे। प्राचार्य डॉ. संजय बरनवाल ने आभार व्यक्त किया।
स्थगित हुए कार्यक्रम
भारी बरसात के चलते मुमुक्षु महोत्सव में मंगलवार को होने वाला कवि सम्मेलन, एसएस लॉ कॉलेज के नवीन भवन का उद्घाटन, एसएसएमवी का वार्षिकोत्सव और संस्कृत विद्वानों के सम्मान का कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया है। संयोजक डॉ. अनुराग अग्रवाल ने बताया कि इन कार्यक्रमों की तिथियां शीघ्र ही घोषित की जाएंगी। भागवत कथा का समापन मंगलवार को किया जाएगा।