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Shahjahanpur News: बादल छाने और बूंदाबांदी होने से बढ़ी किसानों की चिंता

Fri, 17 Mar 2023 12:29 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर Updated Fri, 17 Mar 2023 12:29 AM IST
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Due to cloudy and drizzling, the concern of the farmers increased
शाहजहांपुर में शुक्रवार को दिन भर आसमान में छाए रहे बादल । संवाद
शाहजहांपुर। वायुदाब में भारी गिरावट के कारण बुधवार शाम से मौसम का मिजाज बिगड़ने लगा। बृहस्पतिवार सुबह घने बादल छा गए। हवा चलने के साथ कुछ देर बूंदाबांदी होने से अधिकतम तापमान तीन डिग्री घटकर 30 डिग्री सेल्सियस हो गया। बूंदाबंदी होने से खेतों में पकने को तैयार गेहूं समेत लाही-सरसों और मसूर की फसल पर खतरे के बादल मंडराने लगे हैं। इससे किसानों की चिंता बढ़ गई है।
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बृहस्पतिवार सुबह रोजाना की तरह धूप निकली, लेकिन दिन में दस बजे से बादलों ने आसमान ढक लिया। इसी के साथ रुक-रुककर बूंदाबांदी होने लगी। बादल छाए रहने के साथ शाम चार बजे से तेज हवा चलने से बारिश जैसे आसार बन गए। हालांकि, गन्ना शोध परिषद के मौसम विश्लेषक सुरेंद्र सिंह का कहना है कि सुबह की तुलना में शाम को बैरोमीटर सूचकांक चार अंक बढ़ गया। इसे देखते हुए अगले 24 घंटे तक बादल छाए रहने के बावजूद तेज बारिश की संभावना कम है।
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बारिश के साथ तेज हवा चलने से होगा फसलों को ज्यादा नुकसान
कृषि विभाग के अधिकारियों के अनुसार मौसम में मामूली बदलाव से खेतों में पक रही गेहूं की फसल को कोई नुकसान नहीं होगा, लेकिन कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार तेज हवा के साथ बारिश होने की दशा में गेहूं की फसल खेत मेें गिरने और सरसों, मसूर की कटाई प्रभावित होने की आशंका बढ़ जाएगी। कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी अधिकारी एवं वरिष्ठ शस्य वैज्ञानिक डॉ. एनसी त्रिपाठी का कहना है कि अगैती प्रजाति के गेहूं का दाना अब परिपक्व होने लगा है। इसलिए मामूली बूंदाबांदी से उसमें थोड़ी नमी आ जाएगी, लेकिन जिन किसानोंं ने पिछैती प्रजातियां बोई हैं, उन्हें खेत में नमी देने के लिए सिंचाई के खर्च में बचत होगी। पकी सरसों और मसूर भीगने की दशा में किसानों को उसकी कटाई एक-दो दिन रोकनी पड़ सकती है, लेकिन बारिश ज्यादा होने और साथ में तेज हवा चलने पर गेहूं समेत रबी की अन्य फसलें खेतों में गिरकर खराब हो सकती हैं।
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