धरती के भगवान नहीं ये जल्लाद हैं: डॉक्टर ने दूसरे समुदाय को दे दी नवजात बच्ची, फिर हुई हिंदू संगठनों की एंट्री
हिंदू संगठनों तक मामला पहुंचने के बाद हंगामा हो गया। इसके बाद विहिप नेता और पिता की ओर से थाने में तहरीर दी गई है। इसके बाद शाम को बच्ची को लौटा दिया गया। सीएमओ के निर्देश पर एसीएमओ ने अस्पताल को सील कर दिया है।
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शाहजहांपुर-पीलीभीत रोड पर थाने के सामने स्थित नवजीवन अस्पताल में आर्थिक रूप से कमजोर त्रिलोकपुर गांव निवासी संगीता की नवजात बच्ची को डॉक्टर ने फीस वसूलने के लिए दूसरे समुदाय के व्यक्ति को दे दी। हिंदू संगठनों तक मामला पहुंचने के बाद हंगामा हो गया। विहिप नेता और पिता की ओर से थाने में तहरीर दी गई है। इसके बाद शाम को बच्ची को लौटा दिया गया। सीएमओ के निर्देश पर एसीएमओ ने अस्पताल को सील कर दिया है।
थाने में तहरीर देकर रमाकांत ने बताया कि उसकी पहले से पांच बेटियां हैं। उसकी गर्भवती पत्नी संगीता को प्रसव पीड़ा होने पर बुधवार को आशा कार्यकर्ता राजेश्वरी उसे लेकर सीएचसी पहुंची। यहां से उसे राजकीय मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर कर दिया गया। रमाकांत पत्नी को प्राइवेट हॉस्पिटल नवजीवन में ले गया। यहां डॉ. अशोक राठौर ने उसकी जांच कराने के बाद कहा कि प्रसव कराने में 12 हजार रुपये का खर्च आएगा।
आरोप है कि डॉक्टर ने संगीता से कहा कि उसकी पहली से पांच पुत्रियां हैं। यदि बेटी हो तो किसी को गोद दे देना। डॉक्टर ने कस्बे के नईम के नाम का गोदनामा भी लिखवा लिया। दोपहर दो बजे संगीता ने बेटी को जन्म दिया तो उसे नईम को दे दिया गया। इधर, विश्व हिंदू परिषद के जिला मंत्री राजेश अवस्थी के संज्ञान में मामला आया तो वह तुरंत निगोही पहुंचे। दूसरे समुदाय के व्यक्ति को बच्चा बेचने का आरोप लगाते हुए अस्पताल में हंगामा किया। अस्पताल गेट के सामने पुतला दहन किया। आरोप है कि तोड़फोड़ भी की गई। विहिप नेता राजेश अवस्थी और रमाकांत की ओर से डॉक्टर के खिलाफ थाने में तहरीर दी गई। इसके बाद पुलिस सक्रिय हो गई। पुलिस ने बच्ची को दंपती को लौटा दिया। दूसरी तरफ सीएमओ के पास शिकायत पहुंचने पर डिप्टी एसीएमओ डॉ. रोहिताश ने पहुंचकर अस्पताल की जांच की और अवैध रूप से संचालित होने की बात कहते हुए सील कर दिया है।
बच्ची को दूसरे परिवार को देने का मामला संज्ञान में है। तहरीर थाने पर आई। मामले की जांच की जा रही है। -संजय कुमार, एसपी सिटी
डॉक्टर का लाइसेंस निलंबित हो। उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई होना चाहिए। जब तक मांगे पूरी न होंगी, आंदोलन जारी रहेगा। -राजेश अवस्थी, जिला मंत्री विहिप
बच्ची को गोद देने का फैसला आपसी सहमति पर लिया था। उन पर लग रहे सारे आरोप बेबुनियाद हैं। -डॉ. अशोक राठौर, संचालक नवजीवन अस्पताल