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कलान की महिला की फर्रुखाबाद में डेंगू से मौत
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रूपा का फाइल फोटो।
- फोटो : SHAHJAHANPUR
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शाहजहांपुर। डेंगू का डंक जानलेवा हो चुका है। बृहस्पतिवार रात को कलान की एक महिला की फर्रुखाबाद में डेंगू से मौत हो गई। अब तक जिले में 363 मरीज मिल चुके हैं। मुरादाबाद-फर्रखाबाद स्टेट हाईवे पर कलान में दीपक गुप्ता मोबाइल कारोबारी हैं। तीन पहले पत्नी रूपा को बुखार आया था। स्थानीय स्तर पर इलाज कराया, लेकिन राहत न मिलने पर बृहस्पतिवार को रूपा को फर्रुखाबाद के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। जांच में डेंगू के लक्षण बताए गए। देर रात रूपा की मौत हो गई। परिजन डेंगू से मौत होना बता रहे हैं। रूपा के चार छोटे बच्चे हैं।
डेंगू के 363 और मलेरिया के 86 मरीज
मच्छरों के काटने से मलेरिया और डेंगू जैसी गंभीर बीमारियों के मरीज बढ़ गए हैं। राजकीय मेडिकल कॉलेज में प्रतिदिन आने वाले मरीजों की संख्या में वायरल बुखार के मरीज अधिक हैं। पिछले दो महीने के दौरान राजकीय मेडिकल कॉलेज में डेंगू की 1981 जांचे की गईं। इनमें 363 मरीज पॉजिटिव मिले। 2607 मलेरिया की जांचे की गईं इसमें 86 मरीज पॉजिटिव मिले।
राजकीय मेडिकल कॉलेज में मलेरिया और डेंगू के मरीजों को भर्ती करने के लिए एक अलग से वार्ड बनाया गया है। इसमें प्रतिदिन पांच-छह मरीज भर्ती रहते हैं। प्राचार्य डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि डेंगू के मरीजों की संख्या कुछ दिन से बढ़ गई है। बुखार के मरीजों की जांच के बाद मरीज के अंदर डेंगू या मलेरिया के लक्षण मिलते हैं तो उनको अलग वार्ड में शिफ्ट कर इलाज किया जाता है।
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सीएमओ डॉ. एसपी गौतम ने बताया कि बदलते मौसम और असमय हुई बारिश से सभी को सावधानी बरतने की जरूरत है। हर बुखार डेंगू नहीं होता है। डेंगू की जांच कराते समय सावधान रहने की जरूरत है। एलाइजा जांच की रिपोर्ट आने के बाद ही डेंगू की प्रामाणिक पुष्टि होती है। अन्य लैब से रैपिड टेस्ट में पॉजिटिव पाए गए केस में पांच-छह प्रतिशत लोगों में ही डेंगू की पुष्टि होती है।
जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. पीके श्रीवास्तव का कहना है कि बुखार और बदन दर्द अन्य रोग में भी हो सकता है। सभी को डेंगू बताना उचित नहीं है। बेमौसम बारिश के कारण सामान्य बुखार, सिर दर्द और बदन दर्द के मरीज मिल रहे हैं। मच्छरों से फैलने वाले डेंगू के भय से मरीज सरकारी और निजी पैथालॉजी लैब में अपना रक्त परीक्षण करा रहे हैं। इन प्रयोगशालाओं में परीक्षण के नाम पर रैपिड टेस्ट किया जा रहा है। जो सामान्यता एक कार्ड परीक्षण है। इसमें पॉजिटिव मरीजों को ही एलाइजा के लिए भेजा जाता है।
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डेंगू के 363 और मलेरिया के 86 मरीज
मच्छरों के काटने से मलेरिया और डेंगू जैसी गंभीर बीमारियों के मरीज बढ़ गए हैं। राजकीय मेडिकल कॉलेज में प्रतिदिन आने वाले मरीजों की संख्या में वायरल बुखार के मरीज अधिक हैं। पिछले दो महीने के दौरान राजकीय मेडिकल कॉलेज में डेंगू की 1981 जांचे की गईं। इनमें 363 मरीज पॉजिटिव मिले। 2607 मलेरिया की जांचे की गईं इसमें 86 मरीज पॉजिटिव मिले।
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राजकीय मेडिकल कॉलेज में मलेरिया और डेंगू के मरीजों को भर्ती करने के लिए एक अलग से वार्ड बनाया गया है। इसमें प्रतिदिन पांच-छह मरीज भर्ती रहते हैं। प्राचार्य डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि डेंगू के मरीजों की संख्या कुछ दिन से बढ़ गई है। बुखार के मरीजों की जांच के बाद मरीज के अंदर डेंगू या मलेरिया के लक्षण मिलते हैं तो उनको अलग वार्ड में शिफ्ट कर इलाज किया जाता है।
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सीएमओ डॉ. एसपी गौतम ने बताया कि बदलते मौसम और असमय हुई बारिश से सभी को सावधानी बरतने की जरूरत है। हर बुखार डेंगू नहीं होता है। डेंगू की जांच कराते समय सावधान रहने की जरूरत है। एलाइजा जांच की रिपोर्ट आने के बाद ही डेंगू की प्रामाणिक पुष्टि होती है। अन्य लैब से रैपिड टेस्ट में पॉजिटिव पाए गए केस में पांच-छह प्रतिशत लोगों में ही डेंगू की पुष्टि होती है।
जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. पीके श्रीवास्तव का कहना है कि बुखार और बदन दर्द अन्य रोग में भी हो सकता है। सभी को डेंगू बताना उचित नहीं है। बेमौसम बारिश के कारण सामान्य बुखार, सिर दर्द और बदन दर्द के मरीज मिल रहे हैं। मच्छरों से फैलने वाले डेंगू के भय से मरीज सरकारी और निजी पैथालॉजी लैब में अपना रक्त परीक्षण करा रहे हैं। इन प्रयोगशालाओं में परीक्षण के नाम पर रैपिड टेस्ट किया जा रहा है। जो सामान्यता एक कार्ड परीक्षण है। इसमें पॉजिटिव मरीजों को ही एलाइजा के लिए भेजा जाता है।