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Shahjahanpur News: हरियाणा सीमा पर डटे किसानों के समर्थन में प्रदर्शन
Sat, 21 Dec 2024 01:03 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
Updated Sat, 21 Dec 2024 01:03 AM IST
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शाहजहांपुर। भारतीय किसान यूनियन चढूनी के कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए कलक्ट्रेट परिसर में धरने पर बैठ गए। इसके बाद प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन नायब तहसीलदार को सौंपा। इसमें हरियाणा-पंजाब बॉर्डर पर चल रहे किसानों के आंदोलन की मांगों को निस्तारित करने की मांग की।
बताया कि पूर्व के आंदोलन की शेष रहीं मांगों सहित न्यूनतम समर्थन मूल्य को लेकर हरियाणा पंजाब बॉर्डर पर किसान आंदोलनरत हैं। इसमें सरदार जगजीत सिंह कई दिनों से अनशन पर हैं। उनकी हालत बहुत नाजुक है। मांग करते हुए कहा कि सरकार आंदोलनरत किसानों से फिर से बातचीत करे। कृषि विपणन नीति के नए मसौदे में मंडी के बाहर प्राइवेट स्थान को मंडी मानने की शर्त गलत है। प्राइवेट स्थल को मंडी बनाने से फसल के भाव को लेकर होने वाली व्यापारियों की प्रतिस्पर्धा खत्म हो जाएगी।
प्राइवेट स्थल पर केवल एक ही व्यापारी होता है। इससे किसानों को उनकी फसल का उचित दाम नहीं मिलता है। पंजाब और हरियाणा में क्रमशः 410 और 400 रुपये प्रति क्विंटल गन्ना मूल्य है। बेहतर चीनी परता के बावजूद उत्तर प्रदेश में गन्ना का मूल्य 370 रुपये प्रति क्विंटल है। इसे 450 रुपये किया जाना चाहिए। इसके अलावा बिजली के निजीकरण को रद्द किए जाने की मांग उठाई। ज्ञापन देने वालों में युवा जिलाध्यक्ष शैलेंद्र कुमार उर्फ सोनू मिश्रा, तरविंदर सिंह मोमी, लालाराम, सर्वेश त्रिवेदी, लक्ष्मण, रामकुमार वर्मा, गुरदीप सिंह, रामसागर, मोनू मिश्रा, सुमित कुमार, राकेश कुमार सहित कई किसान मौजूद रहे।
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बताया कि पूर्व के आंदोलन की शेष रहीं मांगों सहित न्यूनतम समर्थन मूल्य को लेकर हरियाणा पंजाब बॉर्डर पर किसान आंदोलनरत हैं। इसमें सरदार जगजीत सिंह कई दिनों से अनशन पर हैं। उनकी हालत बहुत नाजुक है। मांग करते हुए कहा कि सरकार आंदोलनरत किसानों से फिर से बातचीत करे। कृषि विपणन नीति के नए मसौदे में मंडी के बाहर प्राइवेट स्थान को मंडी मानने की शर्त गलत है। प्राइवेट स्थल को मंडी बनाने से फसल के भाव को लेकर होने वाली व्यापारियों की प्रतिस्पर्धा खत्म हो जाएगी।
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प्राइवेट स्थल पर केवल एक ही व्यापारी होता है। इससे किसानों को उनकी फसल का उचित दाम नहीं मिलता है। पंजाब और हरियाणा में क्रमशः 410 और 400 रुपये प्रति क्विंटल गन्ना मूल्य है। बेहतर चीनी परता के बावजूद उत्तर प्रदेश में गन्ना का मूल्य 370 रुपये प्रति क्विंटल है। इसे 450 रुपये किया जाना चाहिए। इसके अलावा बिजली के निजीकरण को रद्द किए जाने की मांग उठाई। ज्ञापन देने वालों में युवा जिलाध्यक्ष शैलेंद्र कुमार उर्फ सोनू मिश्रा, तरविंदर सिंह मोमी, लालाराम, सर्वेश त्रिवेदी, लक्ष्मण, रामकुमार वर्मा, गुरदीप सिंह, रामसागर, मोनू मिश्रा, सुमित कुमार, राकेश कुमार सहित कई किसान मौजूद रहे।
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