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Shahjahanpur News: प्रेस नोट में फर्जी सूचना देने पर थाना प्रभारी पर कार्रवाई की मांग
Thu, 03 Oct 2024 05:21 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
Updated Thu, 03 Oct 2024 05:21 AM IST
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पुवायां। कोर्ट के रोवकार (कोर्ट से जारी वारंट वापसी का आदेश) जारी करने से एक दिन पहले ही गिरफ्तारी और रोवकार दिखाने पर वारंटी को गिरफ्तार कर छोड़े जाने की कहानी गढ़ने पर थाना प्रभारी पर कार्रवाई की मांग की गई है। मामले में पीड़ित ने थाना प्रभारी पर जानबूझकर छवि धूमिल करने और मानहानि करने की शिकायत एसपी से की है।
29 सितंबर को पुवायां पुलिस ने सराहनीय कार्य का एक प्रेस नोट जारी किया था, जिसमें बताया गया था कि थाना प्रभारी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने दबिश देकर आठ वारंटियों को पकड़ा था, जिसमें छह के रोवकार दिखाने पर उनको छोड़ दिया गया था। प्रेस नोट में हिंदू जागरण मंच के संपर्क प्रमुख पुवायां के गांव मजीदापुर निवासी विवेक श्रीवास्तव को भी गिरफ्तार करना और रोवकार दिखाने पर छोड़ने की बात कही गई थी। विवेक का कहना था कि उनको कोर्ट के वारंट के बारे में कोई जानकारी नहीं थी और पुलिस भी उनसे नहीं मिली। अखबारों में खबर छपने के बाद उनको जानकारी हुई तो वह 30 सितंबर को कोर्ट में हाजिर हुए थे। इसके बाद कोर्ट से जारी वारंट को निरस्त किया गया था। वह 30 को कोर्ट में हाजिर हुए तो 29 सितंबर को उन्होंने रोवकार कैसे दिखा दिया?
बुधवार को विवेक श्रीवास्तव ने एसपी को भेजे पत्र में बताया कि उनके पास किसी न्यायालय का सम्मन या वारंट नहीं गया था। पुवायां पुलिस कह रही है कि उन्होंने 29 सितंबर को रोवकार पुलिस को दिखाया। जबकि 28 और 29 सितंबर को वह संगठन के काम में व्यस्त थे। पुवायां पुलिस ने उनकी छवि को जानबूझकर धूमिल करने की नीयत से खबर को कई समाचार पत्रों में छपवा दिया, जिससे उनकी मानहानि हुई है।
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विवेक ने एसपी से मामले की जांच कर थाना प्रभारी पर कार्रवाई की मांग की है। विवेक ने पत्र भेजने के साथ ही मोबाइल नंबर पर भी एसपी से थाना प्रभारी की शिकायत की है। सीओ पंकज पंत ने बताया कि विवेक श्रीवास्तव की शिकायत की उनको जानकारी नहीं है। अधिकारियों का कोई निर्देश भी अभी नहीं मिला है।
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29 सितंबर को पुवायां पुलिस ने सराहनीय कार्य का एक प्रेस नोट जारी किया था, जिसमें बताया गया था कि थाना प्रभारी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने दबिश देकर आठ वारंटियों को पकड़ा था, जिसमें छह के रोवकार दिखाने पर उनको छोड़ दिया गया था। प्रेस नोट में हिंदू जागरण मंच के संपर्क प्रमुख पुवायां के गांव मजीदापुर निवासी विवेक श्रीवास्तव को भी गिरफ्तार करना और रोवकार दिखाने पर छोड़ने की बात कही गई थी। विवेक का कहना था कि उनको कोर्ट के वारंट के बारे में कोई जानकारी नहीं थी और पुलिस भी उनसे नहीं मिली। अखबारों में खबर छपने के बाद उनको जानकारी हुई तो वह 30 सितंबर को कोर्ट में हाजिर हुए थे। इसके बाद कोर्ट से जारी वारंट को निरस्त किया गया था। वह 30 को कोर्ट में हाजिर हुए तो 29 सितंबर को उन्होंने रोवकार कैसे दिखा दिया?
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बुधवार को विवेक श्रीवास्तव ने एसपी को भेजे पत्र में बताया कि उनके पास किसी न्यायालय का सम्मन या वारंट नहीं गया था। पुवायां पुलिस कह रही है कि उन्होंने 29 सितंबर को रोवकार पुलिस को दिखाया। जबकि 28 और 29 सितंबर को वह संगठन के काम में व्यस्त थे। पुवायां पुलिस ने उनकी छवि को जानबूझकर धूमिल करने की नीयत से खबर को कई समाचार पत्रों में छपवा दिया, जिससे उनकी मानहानि हुई है।
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विवेक ने एसपी से मामले की जांच कर थाना प्रभारी पर कार्रवाई की मांग की है। विवेक ने पत्र भेजने के साथ ही मोबाइल नंबर पर भी एसपी से थाना प्रभारी की शिकायत की है। सीओ पंकज पंत ने बताया कि विवेक श्रीवास्तव की शिकायत की उनको जानकारी नहीं है। अधिकारियों का कोई निर्देश भी अभी नहीं मिला है।