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Shahjahanpur News: कागजों में प्रसव, माैके पर उपकरण तक नदारद
Fri, 22 Nov 2024 02:44 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
Updated Fri, 22 Nov 2024 02:44 AM IST
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शाहजहांपुर में निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य केंद्र पर बेबी वार्मर देखतीं सीडीओ डॉ.अपराजिता। स्रो
शाहजहांपुर। नागरिकों को सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के नाम पर अधिकारियों की आंखों में धूल झोंकी जा रही है। बृहस्पतिवार को सीडीओ के निरीक्षण में इसकी सच्चाई सामने आ गई।
ऑनलाइन पोर्टल पर संचालित अतिरिक्त डिलीवरी प्वाइंट में कागजों में प्रसव कराया जा रहा था। सीडीओ को प्रसव केंद्रों के अंदर उपकरण तक नहीं मिले। कमरों में कबाड़ भरा था। प्रसव में उपयोग में आने वाली रूई पर फंगस थी। ब्लॉक के गंगसरा उप स्वाथ्य केंद्र डिलीवरी केंद्र में सीडीओ डॉ. अपराजिता सिंह पहुंचीं तो वहां ताला लगा मिला, जिसे तुड़वाकर अंदर पहुंचे तो वहां प्रसव संबंधी उपकरण व सामग्री तक नदारद थी।
गंदगी होने के साथ बेबी वार्मर में जंक लगी थी। अभिलेखों की जब जांच की गई तो यहां 17 नवंबर को ही प्रसव होना दर्शाया गया है। सीडीओ ने स्थानीय लोगों से जानकारी ली तो पता चला कि यहां कभी प्रसव ही नहीं किया गया है। अभिलेखों में गलत जानकारी है। पीएचसी गंगसरा भी पोर्टल पर प्रसव केंद्र के रूप में दर्ज है। यहां भी कभी प्रसव नहीं होने की जानकारी मिली है। सीडीओ ने पुवायां पीएचसी में कोल्ड चेन का निरीक्षण कर एमओआईसी डॉ. नरेंद्र को व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए।
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ग्राम पंचायत जुझारपुर भी सरकारी अभिलेखों में प्रसव केंद्र के रूप में दर्ज मिला। यहां ताला लगा मिला। वहां मिलीं डॉ. सिमर ने बताया कि यहां तीन वर्षों से कोई भी प्रसव नहीं हुआ है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नाहिल में एएनएम अनुपस्थित मिलीं। सीडीओ ने अभिलेख मांगे तो वे भी ताले में बंद थे।
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रुई व अन्य चिकित्सा सामग्री पर लगी थी फफूंदी
-खुदागंज ब्लॉक के ग्राम सिउरा की अतिरिक्त पीएचसी में सीडीओ को भवन जर्जर हाल में मिला। ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज इस डिलीवरी प्वाइंट के एक बंद कमरे का ताला खुलवाया तो बेबी वार्मर पैक रखा मिला। वह खोला तक नहीं गया था। महिला वार्ड में जहां मरीज भर्ती होने चाहिए, वहां पीएचसी का कबाड़ भरा था। रुई व अन्य चिकित्सा सामग्री पर फफूंदी लगी मिली। प्रसव कक्ष में डिलीवरी से संबंधित उपकरण व सामग्री तक नहीं मिली। फार्मासिस्ट और आयुष डॉक्टर ने चार-पांच मरीजों को दवा दी थी। वह भी निष्प्रयोज्य थीं। यहां एमओआईसी दो महीने से नहीं आए हैं।
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गांव की दाई से कराए जाते हैं प्रसव
-ऑनलाइन पोर्टल पर प्रसव केंद्र के रूप में दर्ज जैतीपुर की पीएचसी खेड़ारठ में सीडीओ को प्रसव से संबंधित कोई उपकरण नहीं मिला। अंदर गंदगी देखकर प्रतीत हुआ कि यहां वर्षों से प्रसव नहीं हुआ है, जबकि प्रसव पंजिका में प्रसव होना दिखाया गया। वैक्सीनेशन रजिस्टर में टीकाकरण भी दर्ज था। यहां मिलीं एएनएम ने बताया कि यहां कभी प्रसव नहीं होता है। उनके द्वारा टीकाकरण भी नहीं किया गया है। गांव की दाई से ही प्रसव कराए जाते हैं। हालांकि, एमओआईसी डॉ. शजर ने बताया कि दो महीने पहले महिला स्वास्थ्यकर्मी प्रसव कराती थीं। उनके सेवानिवृत्त होने पर अन्य कर्मी प्रसव कराती हैं। सीडीओ ने गढ़ियारंगीन पीएचसी को देखा तो वहां 14 नवंबर से डॉ. अरुण कुमार अनुपस्थित मिले। सीएचसी कटरा में निरीक्षण के दौरान प्रभारी डॉ. फैजान को सिउरा अतिरिक्त पीएचसी की व्यवस्था ठीक कराने के लिए निर्देशित किया। चेतावनी दी कि दोबारा से निरीक्षण में अव्यवस्था मिलने पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
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ऑनलाइन पोर्टल पर प्रसव केंद्र के सक्रिय हाेने के बारे में जानकारी नहीं है। कहीं कमी मिली है तो संबंधित से जानकारी लेकर ठीक कराया जाएगा। संसाधनों और स्टाफ की भी कमी है। इसके बावजूद किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
-डॉ. आरके गौतम, सीएमओ
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ऑनलाइन पोर्टल पर संचालित अतिरिक्त डिलीवरी प्वाइंट में कागजों में प्रसव कराया जा रहा था। सीडीओ को प्रसव केंद्रों के अंदर उपकरण तक नहीं मिले। कमरों में कबाड़ भरा था। प्रसव में उपयोग में आने वाली रूई पर फंगस थी। ब्लॉक के गंगसरा उप स्वाथ्य केंद्र डिलीवरी केंद्र में सीडीओ डॉ. अपराजिता सिंह पहुंचीं तो वहां ताला लगा मिला, जिसे तुड़वाकर अंदर पहुंचे तो वहां प्रसव संबंधी उपकरण व सामग्री तक नदारद थी।
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गंदगी होने के साथ बेबी वार्मर में जंक लगी थी। अभिलेखों की जब जांच की गई तो यहां 17 नवंबर को ही प्रसव होना दर्शाया गया है। सीडीओ ने स्थानीय लोगों से जानकारी ली तो पता चला कि यहां कभी प्रसव ही नहीं किया गया है। अभिलेखों में गलत जानकारी है। पीएचसी गंगसरा भी पोर्टल पर प्रसव केंद्र के रूप में दर्ज है। यहां भी कभी प्रसव नहीं होने की जानकारी मिली है। सीडीओ ने पुवायां पीएचसी में कोल्ड चेन का निरीक्षण कर एमओआईसी डॉ. नरेंद्र को व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए।
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ग्राम पंचायत जुझारपुर भी सरकारी अभिलेखों में प्रसव केंद्र के रूप में दर्ज मिला। यहां ताला लगा मिला। वहां मिलीं डॉ. सिमर ने बताया कि यहां तीन वर्षों से कोई भी प्रसव नहीं हुआ है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नाहिल में एएनएम अनुपस्थित मिलीं। सीडीओ ने अभिलेख मांगे तो वे भी ताले में बंद थे।
रुई व अन्य चिकित्सा सामग्री पर लगी थी फफूंदी
-खुदागंज ब्लॉक के ग्राम सिउरा की अतिरिक्त पीएचसी में सीडीओ को भवन जर्जर हाल में मिला। ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज इस डिलीवरी प्वाइंट के एक बंद कमरे का ताला खुलवाया तो बेबी वार्मर पैक रखा मिला। वह खोला तक नहीं गया था। महिला वार्ड में जहां मरीज भर्ती होने चाहिए, वहां पीएचसी का कबाड़ भरा था। रुई व अन्य चिकित्सा सामग्री पर फफूंदी लगी मिली। प्रसव कक्ष में डिलीवरी से संबंधित उपकरण व सामग्री तक नहीं मिली। फार्मासिस्ट और आयुष डॉक्टर ने चार-पांच मरीजों को दवा दी थी। वह भी निष्प्रयोज्य थीं। यहां एमओआईसी दो महीने से नहीं आए हैं।
गांव की दाई से कराए जाते हैं प्रसव
-ऑनलाइन पोर्टल पर प्रसव केंद्र के रूप में दर्ज जैतीपुर की पीएचसी खेड़ारठ में सीडीओ को प्रसव से संबंधित कोई उपकरण नहीं मिला। अंदर गंदगी देखकर प्रतीत हुआ कि यहां वर्षों से प्रसव नहीं हुआ है, जबकि प्रसव पंजिका में प्रसव होना दिखाया गया। वैक्सीनेशन रजिस्टर में टीकाकरण भी दर्ज था। यहां मिलीं एएनएम ने बताया कि यहां कभी प्रसव नहीं होता है। उनके द्वारा टीकाकरण भी नहीं किया गया है। गांव की दाई से ही प्रसव कराए जाते हैं। हालांकि, एमओआईसी डॉ. शजर ने बताया कि दो महीने पहले महिला स्वास्थ्यकर्मी प्रसव कराती थीं। उनके सेवानिवृत्त होने पर अन्य कर्मी प्रसव कराती हैं। सीडीओ ने गढ़ियारंगीन पीएचसी को देखा तो वहां 14 नवंबर से डॉ. अरुण कुमार अनुपस्थित मिले। सीएचसी कटरा में निरीक्षण के दौरान प्रभारी डॉ. फैजान को सिउरा अतिरिक्त पीएचसी की व्यवस्था ठीक कराने के लिए निर्देशित किया। चेतावनी दी कि दोबारा से निरीक्षण में अव्यवस्था मिलने पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
ऑनलाइन पोर्टल पर प्रसव केंद्र के सक्रिय हाेने के बारे में जानकारी नहीं है। कहीं कमी मिली है तो संबंधित से जानकारी लेकर ठीक कराया जाएगा। संसाधनों और स्टाफ की भी कमी है। इसके बावजूद किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
-डॉ. आरके गौतम, सीएमओ