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Shahjahanpur News: खेल गतिविधियाें को बढ़ावा देने और खिलाड़ियों को सुविधाएं देने पर मंथन
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शाहजहांपुर। स्वामी शुकदेवानंद विश्वविद्यालय में क्रीड़ा परिषद की बैठक कुलपति प्रो. पुष्पेंद्र बहादुर सिंह की अध्यक्षता में हुई। इसमें विश्वविद्यालय और संबद्ध महाविद्यालयों में खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने, प्रतियोगिताओं के आयोजन और खिलाड़ियों को सुविधाएं उपलब्ध कराने पर चर्चा की गई।
कुलपति प्रो. सिंह ने कहा कि खेल केवल प्रतियोगिता और पदक हासिल करने का माध्यम नहीं हैं, बल्कि विद्यार्थियों में अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, टीम भावना, व्यक्तित्व विकास और मानसिक दृढ़ता विकसित करने का महत्वपूर्ण आधार हैं। उन्होंने प्रत्येक विद्यार्थी को उसकी रुचि और क्षमता के अनुसार खेल गतिविधियों से जोड़ने पर जोर दिया।
क्रीड़ा सचिव प्रो. अजीत सिंह चारग ने परिषद के संविधान की जानकारी देते हुए बताया कि परिषद विश्वविद्यालय परिसर और संबद्ध महाविद्यालयों के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करेगी। प्रतियोगिताओं की योजना बनाने और उनके आयोजन की जिम्मेदारी भी परिषद की होगी। उन्होंने बताया कि कुलपति परिषद के पदेन अध्यक्ष और कुलसचिव उपाध्यक्ष होंगे। कार्यकारिणी का कार्यकाल तीन शैक्षणिक सत्र का होगा।
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बैठक में क्रीड़ा शुल्क, वार्षिक व्यय, प्रतियोगिताओं का आयोजन, खिलाड़ियों की पात्रता, विश्वविद्यालय टीम का चयन, चयनकर्ताओं की नियुक्ति, चिकित्सा व्यय, खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों के प्रोत्साहन पुरस्कार, यूनिफॉर्म व खेल किट समेत विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा हुई। खेल कोटे के तहत प्रवेश और उत्कृष्ट खिलाड़ियों को उपस्थिति में छूट तथा विशेष परीक्षा जैसी सुविधाएं देने पर भी मंथन किया गया।
बैठक में कुलसचिव वीरेंद्र कुमार मौर्य, प्रो. आरके आजाद, जीएफ कॉलेज के प्राचार्य प्रो. मोहसिन हसन खान, आर्य महिला पीजी कॉलेज की प्राचार्य प्रो. सुरचना त्रिवेदी आदि मौजूद रहे। अंत में क्रीड़ा उपसचिव डॉ. प्रांजल शाही ने आभार जताया।
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कुलपति प्रो. सिंह ने कहा कि खेल केवल प्रतियोगिता और पदक हासिल करने का माध्यम नहीं हैं, बल्कि विद्यार्थियों में अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, टीम भावना, व्यक्तित्व विकास और मानसिक दृढ़ता विकसित करने का महत्वपूर्ण आधार हैं। उन्होंने प्रत्येक विद्यार्थी को उसकी रुचि और क्षमता के अनुसार खेल गतिविधियों से जोड़ने पर जोर दिया।
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क्रीड़ा सचिव प्रो. अजीत सिंह चारग ने परिषद के संविधान की जानकारी देते हुए बताया कि परिषद विश्वविद्यालय परिसर और संबद्ध महाविद्यालयों के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करेगी। प्रतियोगिताओं की योजना बनाने और उनके आयोजन की जिम्मेदारी भी परिषद की होगी। उन्होंने बताया कि कुलपति परिषद के पदेन अध्यक्ष और कुलसचिव उपाध्यक्ष होंगे। कार्यकारिणी का कार्यकाल तीन शैक्षणिक सत्र का होगा।
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बैठक में क्रीड़ा शुल्क, वार्षिक व्यय, प्रतियोगिताओं का आयोजन, खिलाड़ियों की पात्रता, विश्वविद्यालय टीम का चयन, चयनकर्ताओं की नियुक्ति, चिकित्सा व्यय, खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों के प्रोत्साहन पुरस्कार, यूनिफॉर्म व खेल किट समेत विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा हुई। खेल कोटे के तहत प्रवेश और उत्कृष्ट खिलाड़ियों को उपस्थिति में छूट तथा विशेष परीक्षा जैसी सुविधाएं देने पर भी मंथन किया गया।
बैठक में कुलसचिव वीरेंद्र कुमार मौर्य, प्रो. आरके आजाद, जीएफ कॉलेज के प्राचार्य प्रो. मोहसिन हसन खान, आर्य महिला पीजी कॉलेज की प्राचार्य प्रो. सुरचना त्रिवेदी आदि मौजूद रहे। अंत में क्रीड़ा उपसचिव डॉ. प्रांजल शाही ने आभार जताया।