फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shahjahanpur News ›   Death sentence to wife Ramandeep Kaur and life imprisonment to lover Mittu for the murder of NRI Sukhjit Singh

बेवफा बीवी, दगाबाज यार: इंग्लैंड में शादी... दुबई में साजिश; यूपी में हत्या; NRI सुखजीत के कत्ल की पूरी कहानी

Sat, 07 Oct 2023 05:47 PM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शाहजहांपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शाहजहांपुर Published by: Vikas Kumar Updated Sat, 07 Oct 2023 05:47 PM IST
सार

मिट्ठू के गिरफ्तार होते ही सुखजीत की हत्या की राज खुल गया। मिट्ठू ने बताया कि वह और सुखजीत की पत्नी रमनदीप कौर एक दूसरे से प्यार करते हैं और दोनों ने मिलकर सुखजीत को रास्ते से हटाया है। 

विज्ञापन
Death sentence to wife Ramandeep Kaur and life imprisonment to lover Mittu for the murder of NRI Sukhjit Singh
सुखजीत सिंह हत्याकांड में पति को फांसी और प्रेमी को उम्रकैद की सजा - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में एनआरआई सुखजीत सिंह उर्फ सोनू की हत्या के मामले में मृतक की पत्नी रमनदीप कौर को फांसी की सजा सुनाई गई है। रमनदीप के प्रेमी मिट्ठू को उम्रकैद की सजा हुई है। अदालत ने फैसले में कहा कि केवल अपने अनैतिक संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए रमनदीप ने जिस प्रकार से अपने पति की हत्या की है, उससे यह अपराध विरल से विरलतम श्रेणी में आता है। दोनों का कृत्य किसी प्रकार से रहम करने योग्य नहीं है।

विज्ञापन

बंडा के बसंतापुर स्थित फार्म हाउस में हत्या की वारदात एक सितंबर 2016 को हुई थी। दो सितंबर की सुबह सुखजीत सिंह की पत्नी रमनदीप के शोर से परिजनों की आंख खुली तो सुखजीत की रक्तरंजित लाश देखकर होश उड़ गए। मकान की दूसरी मंजिल पर बने कमरे में सुखजीत का शव पड़ा था। उनका गला काटा गया था।

विज्ञापन
विज्ञापन

रमनदीप ने पुलिस को बताया था कि वह अलग कमरे में सो रहे थे। सुबह उसे हत्या की जानकारी हो सकी। सुखजीत के घर दो खतरनाक कुत्ते भी पले थे, जो बेहद अलसाई स्थिति में मिले थे। रमनदीप कौर पति की मौत से गमजदा होने के स्थान पर पुलिस और लोगों का वीडियो बनाती रही। सुखजीत की किसी से रंजिश की बात भी सामने नहीं आई थी, इससे पुलिस का शक रमनदीप पर हो गया था।

विज्ञापन

ऐसे खुला राज 
पुलिस को जानकारी मिली थी कि सुखजीत का दोस्त मिट्ठू भी दुबई से भारत आया था। मिट्ठू गायब था। रमनदीप ने पुलिस को बताया कि मिट्ठू वापस दुबई चला गया है। सर्विलांस की मदद से जानकारी मिली कि घटना की रात मिट्ठू बंडा थाना क्षेत्र के बसंतापुर में ही था। इसके बाद पुलिस ने दिल्ली पुलिस की मदद लेकर मिट्ठू को दुबई जाने का प्रयास करते समय एयरपोर्ट से गिरफ्तार करा लिया था। 

मिट्ठू के गिरफ्तार होते ही सुखजीत की हत्या की राज खुल गया। मिट्ठू ने बताया कि वह और सुखजीत की पत्नी रमनदीप कौर एक दूसरे से प्यार करते हैं और दोनों ने मिलकर सुखजीत को रास्ते से हटाया है। इसके बाद दोनों को जेल भेज दिया गया था। सुखजीत हत्याकांड में वैसे तो 16 गवाह पेश किए गए थे, लेकिन घटना के रमनदीप कौर के बेटे अर्जुन सिंह की गवाही महत्वपूर्ण रही। अर्जुन का बयान ही सजा का आधार बना।

एक साथ पढ़े थे मिट्ठू और सुखजीत
मिट्ठू कपूरथला (पंजाब) जिले की तहसील सुल्तानपुर लोधी के गांव जैनपुर का रहने वाला है। सुखजीत और मिट्ठू जालंधर के स्कूल में साथ पढ़े थे। दोनों गहरे दोस्त थे। सुखजीत सिंह की मां वंश कौर ने सुखजीत को बहन कुलविंदर कौर के पास इंग्लैंड के डर्बीशायर भेज दिया था। सुखजीत वहां टैंकर चलाने लगा। इस दौरान उसका रमनदीप कौर से प्रेम प्रसंग शुरू हो गया। रमनदीप के परिजन शादी के खिलाफ थे, लेकिन रमनदीप ने सुखजीत से शादी कर ली। शादी के बाद दोनों एक वर्ष तक बसंतापुर आकर रहे और बाद में फिर से इंग्लैंड चले गए।

उधर, मिट्ठू दुबई जाकर काम करने लगा। मिट्ठू की शादी नहीं हुई थी। मिट्ठू और सुखजीत के बीच बातचीत के दौरान रमनदीप कौर की भी मिट्ठू से मोबाइल पर बात होने लगी और सोशल साइट्स पर चैटिंग होने लगी। इसके बाद मिट्ठू जब भी इंग्लैंड जाता या सुखजीत दुबई जाता तो दोनों एक-दूसरे के यहां ही रुकते थे। इसी बीच मिट्ठू और रमनदीप कौर में करीबी हो गई। दुबई में ही सुखजीत की हत्या का प्लान तैयार किया गया था।

पहले खुद मारने का किया था प्रयास 
योजना के तहत जुलाई के पहले सप्ताह में रमनदीप कौर पति के साथ मिट्ठू के पास दुबई पहुंची। वहां वह लोग 15 दिन तक रहे। 28 जुलाई को सुखजीत और रमनदीप कौर बच्चों के साथ बसंतापुर आए थे। मिट्ठू भी साथ आया था। इसके बाद सभी लोग देश के विभिन्न जगहों पर घूमते रहे। 15 अगस्त को सभी लोग बसंतापुर पहुंचे थे।

31 अगस्त को मिट्ठू दुबई जाने की बात कहकर चला गया था। सुखजीत और रमनदीप कौर उसे अमृतसर एयरपोर्ट तक छोड़ने भी गए थे। वापसी में रमनदीप ने सुखजीत पर धारदार हथियार से हमला कर मारने का प्रयास किया, लेकिन सफल न होने पर मिट्ठू को सूचना दी। 

सुखजीत ने बदनामी के डर से शीशे से चोट लगने की बात कहते हुए इलाज कराया था। बाद में मिट्ठू दुबई न जाकर वापस आ गया और एक सितंबर 2016 की रात रमनदीप ने प्रेमी मिट्ठू के साथ मिलकर पति सुखजीत सिंह की हत्या कर दी थी। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed