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खोखे में उतरे करंट से मजदूर की मौत
ब्यूरो/शाहजहांपुर
Updated Fri, 12 Aug 2016 11:21 PM IST
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खोखे में उतरे करंट से मजदूर की मौत
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नाले के निर्माण में जुटे एक मजदूर की लोहे की चादर चढ़े खोखे में उतरे बिजली के करंट की चपेट में आने से मौत हो गई। मृतक के पिता की तहरीर पर थाना कोतवाली में खोखा स्वामी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया है। पुलिस खोखा स्वामी से पूछताछ कर रही है। घटना की जानकारी मिलते ही मृतक के पिता, पत्नी आदि घरवाले भी पहुंच गए।
जानकारी के अनुसार पड़ोसी जनपद पीलीभीत के गांव विलगवां निवासी लाल बिहारी का 28 वर्षीय पुत्र परशुराम शाहजहांपुर के गांव कल्यानपुर निवासी अपने साढ़ू के यहां रहकर मजदूरी का काम करता था। उसके साढ़ू पृथ्वीराज ने पोस्टमार्टम हाउस पर बताया कि इन दिनों जिला अस्पताल के पीछे की ओर नाला निर्माण का काम चल रहा है। वह घर से परशुराम के साथ काम पर आए थे। करीब नौ बजे परशुराम थकान मिटाने के लिए समीप ही रखे खोखे से पीठ के सहारे सटकर बैठ गया। लोहेेेेे की चादर चढ़े खोखे में पीठ लगते ही परशुराम बिजली के करंट से छटपटाने लगा।
उसे देखकर वह बचाने के लिए दौड़ा और जैसे ही उसने परशुराम को खींचना चाहा कि उसे भी जोर का झटका लगा और वह दूर जा गिरा। उसने जैसे-तैसे बांस के सहारे परशुराम को खोखा से दूर किया। तभी ठेकेदार निहाल अहमद और अन्य मजदूर भी आ गए और उसे तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना परशुराम के घर पर दी गई, तो उसके पिता, भाई, पत्नी दोनों बच्चों को लेकर आ गए। परशुराम के दो साल की एक बेटी और चार साल का बेटा है। मृतक के पिता लाल बिहारी ने खोखा स्वामी गुरचरन के खिलाफ तहरीर थाना कोतवाली में दी, पुलिस ने गुरचन के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कर उससे पूछताछ शुरू कर दी है।
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जानकारी के अनुसार पड़ोसी जनपद पीलीभीत के गांव विलगवां निवासी लाल बिहारी का 28 वर्षीय पुत्र परशुराम शाहजहांपुर के गांव कल्यानपुर निवासी अपने साढ़ू के यहां रहकर मजदूरी का काम करता था। उसके साढ़ू पृथ्वीराज ने पोस्टमार्टम हाउस पर बताया कि इन दिनों जिला अस्पताल के पीछे की ओर नाला निर्माण का काम चल रहा है। वह घर से परशुराम के साथ काम पर आए थे। करीब नौ बजे परशुराम थकान मिटाने के लिए समीप ही रखे खोखे से पीठ के सहारे सटकर बैठ गया। लोहेेेेे की चादर चढ़े खोखे में पीठ लगते ही परशुराम बिजली के करंट से छटपटाने लगा।
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उसे देखकर वह बचाने के लिए दौड़ा और जैसे ही उसने परशुराम को खींचना चाहा कि उसे भी जोर का झटका लगा और वह दूर जा गिरा। उसने जैसे-तैसे बांस के सहारे परशुराम को खोखा से दूर किया। तभी ठेकेदार निहाल अहमद और अन्य मजदूर भी आ गए और उसे तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना परशुराम के घर पर दी गई, तो उसके पिता, भाई, पत्नी दोनों बच्चों को लेकर आ गए। परशुराम के दो साल की एक बेटी और चार साल का बेटा है। मृतक के पिता लाल बिहारी ने खोखा स्वामी गुरचरन के खिलाफ तहरीर थाना कोतवाली में दी, पुलिस ने गुरचन के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कर उससे पूछताछ शुरू कर दी है।
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