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Shahjahanpur News: छोटे दुकानदारों की आजीविका पर संकट
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जजी कचहरी के पास भट्ठी पर आलू तलता दुकानदार। संवाद
शाहजहांपुर। ईरान-इस्राइल व अमेरिका के युद्ध की आंच में व्यापारी वर्ग झुलसने लगा है। व्यावसायिक सिलिंडर की आपूर्ति बंद होने के बाद सबसे ज्यादा दिक्कत उन लोगों के सामने आ रही है जिनकी आजीविका इसी पर निर्भर है। चाट-पकौड़ी, फास्टफूड आदि की छोटी-छोटी दुकानें चलाने वाले हजारों लोगों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। वहीं, प्रशासन के लाख दावों के बावजूद घरेलू गैस सिलिंडर लेने में उपभोक्ताओं के पसीने छूट रहे हैं।
व्यावसायिक सिलिंडर की आपूर्ति बंद होने से होटल, ढाबा समेत निजी प्रतिष्ठानों पर असर दिखाई देने लगा है। जिला नगरीय विकास अभिकरण में करीब 18 हजार स्ट्रीट वेंडर पंजीकृत हैं। इनमें से दो हजार लोग खाने-पीने के सामान की बिक्री करते हैं। सिलिंडर न मिलने से इनकी आजीविका संकट में पड़ गई है। होटल और ढाबा संचालकों ने भट्ठी का इस्तेमाल शुरू कर दिया है लेकिन उससे बस किसी तरह से काम चलाया जा रहा है।
मिष्ठान भंडार, चाट के ठेले, फास्ट फूड की बिक्री करने वाले लोगों को सिलिंडर नहीं मिलने से संकट खड़ा हो गया है। जिन लोगों के पास व्यवस्था नहीं हो पा रही है, उन्होंने काम बंद कर दिया है। ऐसे में ज्यादा दिनों तक किल्लत चलने पर उन लोगों के सामने आजीविका का संकट खड़ा हो जाएगा।
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सर्वर डाउन होने से केवाईसी हो रही धीमी
सर्वर डाउन होने की वजह से उपभोक्ताओं की केवाईसी नहीं हो पा रही है। इसकी वजह से गैस एजेंसियों पर उपभोक्ताओं की लाइन लग रही है। केवाईसी नहीं होने पर लोगों की सिलिंडर की बुकिंग नहीं हो पा रही। इसका असर ऑनलाइन बुकिंग पर भी पड़ रहा है। मोबाइल से भी लोगों की बुकिंग करने में दिक्कत आ रही है। जिस उपभोक्ता की बुकिंग हो जा रही है, वह बाद में शो नहीं हो रही है। दोबारा बुकिंग भी नहीं कर पा रहे हैं। सरकार की ओर से निर्देश जारी किए गए है कि ऑनलाइन बुकिंग करने पर ही उपभोक्ताओं को सिलिंडर उपलब्ध हो पाएगा। घरेलू सिलिंडर एक कनेक्शन पर 25 दिनों की बुकिंंग के बाद 28वें दिन उपलब्ध हो रहा है।
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घरेलू कार्यक्रमों पर पड़ रहा असर
उत्तर प्रदेश टेंट कैटर्स वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश संगठन मंत्री अनिल राठौर बताते हैं कि शनिवार को रेती रोड पर स्थित मैरिज लॉन में कार्यक्रम है। 15 सिलिंडर की आवश्यकता है, जबकि आठ ही मिल पाए हैं। उन्होंने बताया कि अधिकतर लोग सिलिंडर नहीं मिलने की वजह से टिक्की, बताशे आदि नाश्ते के सामान को कम करने लगे हैं। केवल खाना ही बनवा रहे हैं। उन्होंने बताया कि खाना तो लकड़ी के जरिये भी बना सकते हैं। बाकी अन्य आइटम में लगातार गैस चलना जरूरी होता है।
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फ्राइड आलू बेचने का काम करते हैं। भट्ठी पर आलू सेंकते हैं। लकड़ी महंगी होने से दिक्कत हो गई है। लागत लगाने के बाद बचत बहुत कम हो पा रही है।
- सुमित कुमार
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अंडा उबालने और आमलेट बनाने का काम करते हैं। पहले 100 रुपये किलो में गैस रिफिल करा लेते थे, लेकिन अब सिलिंडर नहीं भर पा रहा है। ठेला बंद होने के कगार पर आ गया है।
- अनिकेत
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चाट-पकौड़ी का ठेला लगाते हैं। व्यावसायिक सिलिंडर खत्म होने के कगार पर है। दूसरा कहीं नहीं मिल रहा। सिलिंडर खत्म होने के बाद ठेला लगाना बंद करना पड़ेगा।
- रवि
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चाय की दुकान है। सिलिंडर खत्म होने वाला है। इसके बाद दुकान बंद करनी पड़ेगी। इसी दुकान से रोजी-रोटी चलती है। ऐसे में परिवार को पालने का संकट खड़ा हो जाएगा।
- शंभूनाथ
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घरेलू सिलिंडर खत्म हो गया है। होम डिलीवरी देने वाले का मोबाइल नंबर बंद हो गया है। एजेंसी पर भीड़ की वजह से गैस बुकिंग नहीं हो पा रही है। खाना बनाने के लिए इंडक्शन चूल्हे का इस्तेमाल कर रहे हैं।
- अंजलि अग्रवाल
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फोटो- 22
ऑनलाइन बुकिंग नहीं हो पा रही है। गैस एजेंसी पर भीड़ लगी हुई है। कई बार चक्कर लगा चुके है, लेकिन गैस की बुकिंग नहीं हो पाई है। बताया गया कि अब मोबाइल से ही बुकिंग होगी। उससे भी बुकिंग नहीं हो पा रही है।
- उषा देवी
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व्यावसायिक सिलिंडरों की आपूर्ति न होने से लोगों को दिक्कत ज्यादा हो रही है। घरेलू सिलिंडर आसानी से बुकिंग कराने पर मिल रहा है। लोग आपाधापी न करें। प्रशासन कालाबाजारी करने वालों पर सख्त कार्रवाई करेगा।
-धर्मेंद्र प्रताप सिंह, डीएम
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सरकार की ओर से दिए गए निर्देश के अनुसार सिलिंडर का वितरण हो रहा है। जनपद में पर्याप्त भंडार है, लेकिन उपभोक्ता भ्रम की स्थिति में जरूरत नहीं होने पर भी सिलिंडर बुक कराकर ले रहे हैं। इसकी वजह से दिक्कत हो रही है।
- चमन शर्मा, जिला पूर्ति अधिकारी
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व्यावसायिक सिलिंडर की आपूर्ति बंद होने से होटल, ढाबा समेत निजी प्रतिष्ठानों पर असर दिखाई देने लगा है। जिला नगरीय विकास अभिकरण में करीब 18 हजार स्ट्रीट वेंडर पंजीकृत हैं। इनमें से दो हजार लोग खाने-पीने के सामान की बिक्री करते हैं। सिलिंडर न मिलने से इनकी आजीविका संकट में पड़ गई है। होटल और ढाबा संचालकों ने भट्ठी का इस्तेमाल शुरू कर दिया है लेकिन उससे बस किसी तरह से काम चलाया जा रहा है।
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मिष्ठान भंडार, चाट के ठेले, फास्ट फूड की बिक्री करने वाले लोगों को सिलिंडर नहीं मिलने से संकट खड़ा हो गया है। जिन लोगों के पास व्यवस्था नहीं हो पा रही है, उन्होंने काम बंद कर दिया है। ऐसे में ज्यादा दिनों तक किल्लत चलने पर उन लोगों के सामने आजीविका का संकट खड़ा हो जाएगा।
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सर्वर डाउन होने से केवाईसी हो रही धीमी
सर्वर डाउन होने की वजह से उपभोक्ताओं की केवाईसी नहीं हो पा रही है। इसकी वजह से गैस एजेंसियों पर उपभोक्ताओं की लाइन लग रही है। केवाईसी नहीं होने पर लोगों की सिलिंडर की बुकिंग नहीं हो पा रही। इसका असर ऑनलाइन बुकिंग पर भी पड़ रहा है। मोबाइल से भी लोगों की बुकिंग करने में दिक्कत आ रही है। जिस उपभोक्ता की बुकिंग हो जा रही है, वह बाद में शो नहीं हो रही है। दोबारा बुकिंग भी नहीं कर पा रहे हैं। सरकार की ओर से निर्देश जारी किए गए है कि ऑनलाइन बुकिंग करने पर ही उपभोक्ताओं को सिलिंडर उपलब्ध हो पाएगा। घरेलू सिलिंडर एक कनेक्शन पर 25 दिनों की बुकिंंग के बाद 28वें दिन उपलब्ध हो रहा है।
घरेलू कार्यक्रमों पर पड़ रहा असर
उत्तर प्रदेश टेंट कैटर्स वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश संगठन मंत्री अनिल राठौर बताते हैं कि शनिवार को रेती रोड पर स्थित मैरिज लॉन में कार्यक्रम है। 15 सिलिंडर की आवश्यकता है, जबकि आठ ही मिल पाए हैं। उन्होंने बताया कि अधिकतर लोग सिलिंडर नहीं मिलने की वजह से टिक्की, बताशे आदि नाश्ते के सामान को कम करने लगे हैं। केवल खाना ही बनवा रहे हैं। उन्होंने बताया कि खाना तो लकड़ी के जरिये भी बना सकते हैं। बाकी अन्य आइटम में लगातार गैस चलना जरूरी होता है।
फ्राइड आलू बेचने का काम करते हैं। भट्ठी पर आलू सेंकते हैं। लकड़ी महंगी होने से दिक्कत हो गई है। लागत लगाने के बाद बचत बहुत कम हो पा रही है।
- सुमित कुमार
अंडा उबालने और आमलेट बनाने का काम करते हैं। पहले 100 रुपये किलो में गैस रिफिल करा लेते थे, लेकिन अब सिलिंडर नहीं भर पा रहा है। ठेला बंद होने के कगार पर आ गया है।
- अनिकेत
चाट-पकौड़ी का ठेला लगाते हैं। व्यावसायिक सिलिंडर खत्म होने के कगार पर है। दूसरा कहीं नहीं मिल रहा। सिलिंडर खत्म होने के बाद ठेला लगाना बंद करना पड़ेगा।
- रवि
चाय की दुकान है। सिलिंडर खत्म होने वाला है। इसके बाद दुकान बंद करनी पड़ेगी। इसी दुकान से रोजी-रोटी चलती है। ऐसे में परिवार को पालने का संकट खड़ा हो जाएगा।
- शंभूनाथ
घरेलू सिलिंडर खत्म हो गया है। होम डिलीवरी देने वाले का मोबाइल नंबर बंद हो गया है। एजेंसी पर भीड़ की वजह से गैस बुकिंग नहीं हो पा रही है। खाना बनाने के लिए इंडक्शन चूल्हे का इस्तेमाल कर रहे हैं।
- अंजलि अग्रवाल
फोटो- 22
ऑनलाइन बुकिंग नहीं हो पा रही है। गैस एजेंसी पर भीड़ लगी हुई है। कई बार चक्कर लगा चुके है, लेकिन गैस की बुकिंग नहीं हो पाई है। बताया गया कि अब मोबाइल से ही बुकिंग होगी। उससे भी बुकिंग नहीं हो पा रही है।
- उषा देवी
व्यावसायिक सिलिंडरों की आपूर्ति न होने से लोगों को दिक्कत ज्यादा हो रही है। घरेलू सिलिंडर आसानी से बुकिंग कराने पर मिल रहा है। लोग आपाधापी न करें। प्रशासन कालाबाजारी करने वालों पर सख्त कार्रवाई करेगा।
-धर्मेंद्र प्रताप सिंह, डीएम
सरकार की ओर से दिए गए निर्देश के अनुसार सिलिंडर का वितरण हो रहा है। जनपद में पर्याप्त भंडार है, लेकिन उपभोक्ता भ्रम की स्थिति में जरूरत नहीं होने पर भी सिलिंडर बुक कराकर ले रहे हैं। इसकी वजह से दिक्कत हो रही है।
- चमन शर्मा, जिला पूर्ति अधिकारी

जजी कचहरी के पास भट्ठी पर आलू तलता दुकानदार। संवाद

जजी कचहरी के पास भट्ठी पर आलू तलता दुकानदार। संवाद

जजी कचहरी के पास भट्ठी पर आलू तलता दुकानदार। संवाद

जजी कचहरी के पास भट्ठी पर आलू तलता दुकानदार। संवाद

जजी कचहरी के पास भट्ठी पर आलू तलता दुकानदार। संवाद

जजी कचहरी के पास भट्ठी पर आलू तलता दुकानदार। संवाद

जजी कचहरी के पास भट्ठी पर आलू तलता दुकानदार। संवाद

जजी कचहरी के पास भट्ठी पर आलू तलता दुकानदार। संवाद