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मृत दर्शाकर पत्नी के नाम कराई वसीयत
खुटार।
Updated Fri, 12 Jun 2015 09:07 PM IST
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पुवायां तहसील के खुटार क्षेत्र में श्रेणी तीन की भूमि हड़पने के लिए लोगों ने राजस्वकर्मियों और अधिकारियों के साथ मिलकर बड़ा खेल किया है। तीन वर्ष बाद मामला खुलने से राजस्व कर्मियों में हड़कंप मचा हुआ है। सरकार की श्रेणी तीन की भूमि वह होती है जिसे भूमिहीनों को कुछ समय के लिए खेती करने के लिए पट्टे पर दिया जाता है। इस भूमि को बेचा नहीं जा सकता है। वसीयत, विरासत भी दर्ज नहीं कराई जा सकती है। इस भूमि पर गांव हीरपुर और कढ़ैया में कुछ लोगों को आसामी पट्टे किए गए थे। कुछ वर्ष पूर्व सरकार ने आसामी पट्टे निरस्त करने और जमीन को फिर से गांवसभा में निहित करने का आदेश दिया था। आदेश होते ही जमीन पर काबिज आसामी पट्टे वाले किसानों ने जमीन बचाने की जुगत भिड़ानी शुरू कर दी।
राजस्वकर्मियों और अधिकारियों की साठगांठ से गांव हीरपुर के रामसुभग, इसी गांव के गंगाप्रसाद और गांव कढ़ैया मय चक नरौठा के बनवारी सिंह ने खुद को मृत दर्शा दिया और राजस्वकर्मियों ने उक्त भूमि रामसुभग की पत्नी शांतिदेवी, बनवारी सिंह की पत्नी सुज्जा देवी और गंगाप्रसाद की पत्नी सावित्री देवी उर्फ उर्मिला देवी के नाम 22 अगस्त, 2012 को राजस्व अभिलेखों में बतौर विरासत दर्ज कर दी, जबकि श्रेणी तीन की भूमि की विरासत नहीं की जा सकती थी और सरकार के आदेश के तहत यह भूमि ग्राम पंचायत में दर्ज की जानी चाहिए थी।
जिंदा है मृत दर्शाए गए तीनों लोग
खास बात यह है कि मृत दर्शाए गए लोग न केवल जिंदा है बल्कि पूरी तरह स्वस्थ हैं और खेती किसानी का काम कर रहे हैं। उक्त लोग कोटेदार से राशन, तेल आदि भी प्राप्त कर रहे हैं और अन्य सरकारी सुविधाएं भी ले रहे हैं।
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तहसील भर में खुलेगा भारी घोटाला
पुवायां। श्रेणी तीन की भूमि के आसामी पट्टे की भूमि को गांवसभा में नहीं दर्ज कर फर्जी विरासत आदि बनाकर दूसरों के नाम करने का बड़ा खेल पूरी पुवायां तहसील में खेला गया है। इस घोटाले में शामिल राजस्वकर्मियों और आकिारियों ने घोटाला कर करोड़ों की कमाई की है। यदि पूरी तहसील में इस प्रकरण की जांच की गई तो बड़ा घोटाला खुलते देर नहीं लगेगी।
गांव हीरपुर के रामसुभग, इसी गांव के गंगाप्रसाद और गांव कढ़ैया मय चक नरौठा के बनवारी सिंह जीवित हैं और कोटे से राशन, तेल आदि प्राप्त कर रहे हैं।
-राजाराम कोटेदार गांवसभा कढ़ईया खुटार
रामसुभग, गंगाप्रसाद, बनवारी सिंह जीवित
मेरी गांवसभा कढ़ईया के मजरा हीरपुर के रामसुभग, इसी गांव के गंगाप्रसाद और गांव कढ़ैया मय चक नरौठा के बनवारी सिंह जीवित हैं। तीनों लोग पूरी तरह से स्वस्थ हैं और खेती किसानी का काम कर रहे हैं।
-बलजीत सिंह प्रधान गांवसभा कढ़ईया खुटार
पूरे मामले की होगी जांच
मामला संज्ञान में आया है। पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। श्रेणी तीन की भूमि की विरासत किए जाने और जमीन पर काबिज लोगों के खुद को मृतक दर्शाना गंभीर मामला है। मामला सही पाया गया तो कार्रवाई होगी।
-लालबहादुर एसडीएम पुवायां
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राजस्वकर्मियों और अधिकारियों की साठगांठ से गांव हीरपुर के रामसुभग, इसी गांव के गंगाप्रसाद और गांव कढ़ैया मय चक नरौठा के बनवारी सिंह ने खुद को मृत दर्शा दिया और राजस्वकर्मियों ने उक्त भूमि रामसुभग की पत्नी शांतिदेवी, बनवारी सिंह की पत्नी सुज्जा देवी और गंगाप्रसाद की पत्नी सावित्री देवी उर्फ उर्मिला देवी के नाम 22 अगस्त, 2012 को राजस्व अभिलेखों में बतौर विरासत दर्ज कर दी, जबकि श्रेणी तीन की भूमि की विरासत नहीं की जा सकती थी और सरकार के आदेश के तहत यह भूमि ग्राम पंचायत में दर्ज की जानी चाहिए थी।
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जिंदा है मृत दर्शाए गए तीनों लोग
खास बात यह है कि मृत दर्शाए गए लोग न केवल जिंदा है बल्कि पूरी तरह स्वस्थ हैं और खेती किसानी का काम कर रहे हैं। उक्त लोग कोटेदार से राशन, तेल आदि भी प्राप्त कर रहे हैं और अन्य सरकारी सुविधाएं भी ले रहे हैं।
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तहसील भर में खुलेगा भारी घोटाला
पुवायां। श्रेणी तीन की भूमि के आसामी पट्टे की भूमि को गांवसभा में नहीं दर्ज कर फर्जी विरासत आदि बनाकर दूसरों के नाम करने का बड़ा खेल पूरी पुवायां तहसील में खेला गया है। इस घोटाले में शामिल राजस्वकर्मियों और आकिारियों ने घोटाला कर करोड़ों की कमाई की है। यदि पूरी तहसील में इस प्रकरण की जांच की गई तो बड़ा घोटाला खुलते देर नहीं लगेगी।
गांव हीरपुर के रामसुभग, इसी गांव के गंगाप्रसाद और गांव कढ़ैया मय चक नरौठा के बनवारी सिंह जीवित हैं और कोटे से राशन, तेल आदि प्राप्त कर रहे हैं।
-राजाराम कोटेदार गांवसभा कढ़ईया खुटार
रामसुभग, गंगाप्रसाद, बनवारी सिंह जीवित
मेरी गांवसभा कढ़ईया के मजरा हीरपुर के रामसुभग, इसी गांव के गंगाप्रसाद और गांव कढ़ैया मय चक नरौठा के बनवारी सिंह जीवित हैं। तीनों लोग पूरी तरह से स्वस्थ हैं और खेती किसानी का काम कर रहे हैं।
-बलजीत सिंह प्रधान गांवसभा कढ़ईया खुटार
पूरे मामले की होगी जांच
मामला संज्ञान में आया है। पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। श्रेणी तीन की भूमि की विरासत किए जाने और जमीन पर काबिज लोगों के खुद को मृतक दर्शाना गंभीर मामला है। मामला सही पाया गया तो कार्रवाई होगी।
-लालबहादुर एसडीएम पुवायां