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सुप्रीम कोर्ट के फैसले से झूम उठे अस्थायी बीमा कर्मी
ब्यूरो, अमर उजाला शाहजहांपुर
Updated Sat, 25 Feb 2017 11:46 PM IST
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भारतीय जीवन बीमा निगम मेें दोबारा नौकरी दिए जाने की मांग को लेकर संघर्षरत अस्थायी बीमा कर्मचारियों में सुप्रीम कोर्ट द्वारा बीमा निगम की याचिका खारिज करने से खुशी की लहर दौड़ गई। एलआईसी अस्थायी कर्मचारी संगठन की शनिवार को सेठ एन्क्लेव में हुई बैठक में सदस्यों का मुंह मीठा कराते हुए जिलाध्यक्ष मुकेश राठौर ने कहा कि कर्मचारियों के पक्ष में उच्चतम न्यायालय पहले ही निर्णय दे चुका है। बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलाध्यक्ष ने कहा कि कर्मचारियों के हित में जारी सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर एलआईसी द्वारा दायर की गई उपचारात्मक याचिका खारिज होने से अस्थायी बीमा कर्मियों को सेवा में लिए जाने का रास्ता साफ हो गया है। उन्होंने कर्मचारियों की ओर से याचिका दायर करने के लिए इंटक नेताओं वीएनपी श्रीवास्तव और राजेश निंबलकर का आभार व्यक्त किया। संगठन के वरिष्ठ सदस्य राजीव शर्मा ने कहा कि 25 साल से बहाली के लिए संघर्ष कर रहे अस्थायी बीमा कर्मचारियों में उच्चतम न्यायालय ने नई आशा का संचार कर दिया है। बैठक में रामप्रकाश यादव, संजय सक्सेना, रत्ना गुप्ता, रामलड़ैते श्रीवास, जितेंद्र सूरी, आसिम अली खां, अलका, सुनीता देवी, देवेंद्र्र कुमार, अरविंद सागर, आनंद त्रिपाठी, भगवान दास मिश्रा, संजय श्रीवास्तव आदि शामिल रहे।
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