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रोहित का था जेबा के पास मिला कंकाल
अमर उजाला ब्यूरो पुवायां।
Updated Tue, 01 Nov 2016 11:27 PM IST
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ख्ााली पड़ा मकान
- फोटो : अमर उजाला
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13 सितंबर को एक युवती को भगा ले गया था रोहित
पुलिस ने 24 सितंबर को युवती को तलाश लिया था
17 अक्तूबर को रोहित को युवती के घरवालों ने बुलाया था पुवायां
गांव जेबा के पास खाई में मिला कंकाल गांव पुरेना निवासी दलित परिवार के 20 वर्षीय रोहित का था। परिवार के लोगों ने कपड़ों से उसकी शिनाख्त की। शक है कि युवती को भगाने की रंजिश में रोहित की हत्या कर शव को गन्ने के खेत में फेंका गया, लेकिन कुत्ते उसे खींचकर बाहर खाई में ले आए। रोहित के पिता ने पुवायां कोतवाली के एक दरोगा पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं।
बता दें कि 31 अक्तूबर को गांव जेबा के पास सड़क किनारे खाई में नर कंकाल बरामद हुआ था। मृतक जींस की पैंट और शर्ट पहने था। पैरों में जूते भी थे। कंकाल से मिली पैंट की जेब में एक हजार रुपये भी बरामद हुए थे। जानकारी पाकर मंगलवार को गांव पुरेना निवासी रामदास कोतवाली पहुंचे और कपड़े देखकर कंकाल की अपने बेटे रोहित के रूप में पहचान की।
रामदास ने बताया कि रोहित का प्रेम प्रसंग पड़ोस के एक गांव की युवती से चल रहा था। 17 सितंबर को रोहित युवती को अपने साथ ले गया और दिल्ली में आर्य समाज मंदिर में शादी कर ली। युवती के घरवालों ने इस मामले में पुलिस को तहरीर दी थी और पुलिस से साठगांठ कर ली। इस पर एक दरोगा को लेकर युवती के घर वाले 17 सितंबर को रोहित के घर पहुंचे और वहां जमकर तोड़फोड़ की। इसके बाद पुलिस ने 24 सितंबर को युवती को रोहित के साथ दिल्ली से पकड़ लिया। युवती रोहित के साथ रहने की जिद पर अड़ी रही लेकिन पुलिस ने जबरन युवती को उसके घरवालों को सौंप दिया। इसके बाद रोहित फिर दिल्ली चला गया।
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युवती के परिवार के लोगों ने पुवायां कोतवाली के एक दरोगा की मदद से रोहित को 17 अक्तूबर को यह कहकर पुवायां बुलाया कि युवती उसके बिना जान देने पर आमादा है, वह पुवायां आ जाए तो दोनों की शादी करा दी जाएगी। रोहित पुवायां आया तो दरोगा ने उसे युवती के परिवार के लोगों के साथ भेज दिया। तभी से रोहित गायब था। रामौतार का कहना है कि युवती के घरवालों ने ही रोहित की हत्याकर शव गन्ने के खेत में फेंका।
एसपी से की थी शिकायत
रोहित के पिता का आरोप है कि रोहित के गायब होने पर उन्होंने पुवायां कोतवाली सहित एसपी तक से शिकायत की लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। उनके बेटे की हत्या में पुलिस का भी हाथ रहा है। मंगलवार को अखबारों में खबर पढ़कर उन्होंने कपड़ों से बेटे की शिनाख्त की।
रामदास का इकलौता बेटा था रोहित
रोहित रामऔतार का इकलौता बेटा था। उसने इस साल बीए में एडमीशन लिया था। रोहित पड़ोस के गांव की लड़की के साथ गांव ढकिया में कोचिंग पढ़ने जाता था। इसी दौरान दोनों का प्रेम प्रसंग शुरू हो गया और सितंबर में रोहित प्रेमिका को लेकर दिल्ली चला गया और शादी कर ली।
दरोगा के डर से घर छोड़ गया था रोहित का परिवार
पुवायां। रोहित के ताऊ रामप्रेम ने बताया कि रोहित लड़की को लेकर दिल्ली चला गया तो कोतवाली का एक दरोगा उनके परिवार से दुश्मनी पर उतर आया। दरोगा ने रामऔतार के घर पर 17 सितंबर को धावा बोलकर सारा घरेलू सामान तोड़ डाला। दरोगा के डर से रामऔतार परिवार सहित गांव के पलायन कर गया। रामऔतार का घर आज भी खाली पड़ा है।
यह मामला मेरी तैनाती से पहले का है। गांव जेबा के पास मिले कंकाल की पहचान कपड़ों, जूतों के आधार पर रामदास ने बेटे के रूप में की है। कंकाल का डीएनए टेस्ट भी कराया जाएगा, ताकि स्थिति स्पष्ट हो सके। यदि रामदास तहरीर देगा तो रिपोर्ट दर्ज की जाएगी।
अशोक कुमार, कोतवाली प्रभारी पुवायां
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पुलिस ने 24 सितंबर को युवती को तलाश लिया था
17 अक्तूबर को रोहित को युवती के घरवालों ने बुलाया था पुवायां
गांव जेबा के पास खाई में मिला कंकाल गांव पुरेना निवासी दलित परिवार के 20 वर्षीय रोहित का था। परिवार के लोगों ने कपड़ों से उसकी शिनाख्त की। शक है कि युवती को भगाने की रंजिश में रोहित की हत्या कर शव को गन्ने के खेत में फेंका गया, लेकिन कुत्ते उसे खींचकर बाहर खाई में ले आए। रोहित के पिता ने पुवायां कोतवाली के एक दरोगा पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं।
बता दें कि 31 अक्तूबर को गांव जेबा के पास सड़क किनारे खाई में नर कंकाल बरामद हुआ था। मृतक जींस की पैंट और शर्ट पहने था। पैरों में जूते भी थे। कंकाल से मिली पैंट की जेब में एक हजार रुपये भी बरामद हुए थे। जानकारी पाकर मंगलवार को गांव पुरेना निवासी रामदास कोतवाली पहुंचे और कपड़े देखकर कंकाल की अपने बेटे रोहित के रूप में पहचान की।
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रामदास ने बताया कि रोहित का प्रेम प्रसंग पड़ोस के एक गांव की युवती से चल रहा था। 17 सितंबर को रोहित युवती को अपने साथ ले गया और दिल्ली में आर्य समाज मंदिर में शादी कर ली। युवती के घरवालों ने इस मामले में पुलिस को तहरीर दी थी और पुलिस से साठगांठ कर ली। इस पर एक दरोगा को लेकर युवती के घर वाले 17 सितंबर को रोहित के घर पहुंचे और वहां जमकर तोड़फोड़ की। इसके बाद पुलिस ने 24 सितंबर को युवती को रोहित के साथ दिल्ली से पकड़ लिया। युवती रोहित के साथ रहने की जिद पर अड़ी रही लेकिन पुलिस ने जबरन युवती को उसके घरवालों को सौंप दिया। इसके बाद रोहित फिर दिल्ली चला गया।
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युवती के परिवार के लोगों ने पुवायां कोतवाली के एक दरोगा की मदद से रोहित को 17 अक्तूबर को यह कहकर पुवायां बुलाया कि युवती उसके बिना जान देने पर आमादा है, वह पुवायां आ जाए तो दोनों की शादी करा दी जाएगी। रोहित पुवायां आया तो दरोगा ने उसे युवती के परिवार के लोगों के साथ भेज दिया। तभी से रोहित गायब था। रामौतार का कहना है कि युवती के घरवालों ने ही रोहित की हत्याकर शव गन्ने के खेत में फेंका।
एसपी से की थी शिकायत
रोहित के पिता का आरोप है कि रोहित के गायब होने पर उन्होंने पुवायां कोतवाली सहित एसपी तक से शिकायत की लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। उनके बेटे की हत्या में पुलिस का भी हाथ रहा है। मंगलवार को अखबारों में खबर पढ़कर उन्होंने कपड़ों से बेटे की शिनाख्त की।
रामदास का इकलौता बेटा था रोहित
रोहित रामऔतार का इकलौता बेटा था। उसने इस साल बीए में एडमीशन लिया था। रोहित पड़ोस के गांव की लड़की के साथ गांव ढकिया में कोचिंग पढ़ने जाता था। इसी दौरान दोनों का प्रेम प्रसंग शुरू हो गया और सितंबर में रोहित प्रेमिका को लेकर दिल्ली चला गया और शादी कर ली।
दरोगा के डर से घर छोड़ गया था रोहित का परिवार
पुवायां। रोहित के ताऊ रामप्रेम ने बताया कि रोहित लड़की को लेकर दिल्ली चला गया तो कोतवाली का एक दरोगा उनके परिवार से दुश्मनी पर उतर आया। दरोगा ने रामऔतार के घर पर 17 सितंबर को धावा बोलकर सारा घरेलू सामान तोड़ डाला। दरोगा के डर से रामऔतार परिवार सहित गांव के पलायन कर गया। रामऔतार का घर आज भी खाली पड़ा है।
यह मामला मेरी तैनाती से पहले का है। गांव जेबा के पास मिले कंकाल की पहचान कपड़ों, जूतों के आधार पर रामदास ने बेटे के रूप में की है। कंकाल का डीएनए टेस्ट भी कराया जाएगा, ताकि स्थिति स्पष्ट हो सके। यदि रामदास तहरीर देगा तो रिपोर्ट दर्ज की जाएगी।
अशोक कुमार, कोतवाली प्रभारी पुवायां