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ध्वस्त कानून व्यवस्था पर गरजे भाजपाई
शाहजहांपुर।
Updated Wed, 01 Jul 2015 09:27 PM IST
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प्रदेश में ध्वस्त कानून व्यवस्था, किसानों की समस्याओं, बिजली कटौती, सीवर लाइन, सिटी अस्पताल, रिंग रोड आदि मांगों को लेकर भाजपाइयों ने बुधवार को कलक्ट्रेट गेट पर प्रदर्शन किया। इसके बाद वहीं जमीन पर बैठकर उन्होंने धरना देना शुरू कर दिया। धरना-प्रदर्शन के लिए उमड़ी भीड़ से यातायात ठप हो गया। भाजपाइयों को काबू में रखने के लिए पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। धरना-प्रदर्शन का नेतृत्व भाजपा विधानमंडल दल के नेता एवं नगर विधायक सुरेश खन्ना ने किया। इसके बाद राज्यपाल को संबोधित सात सूत्री ज्ञापन एडीएम एमएन उपाध्याय को दिया गया।
धरना स्थल पर सभा को संबोधित करते हुए विधायक खन्ना ने कहा कि इस समय प्रदेश में गुंडों का राज चल रहा है। थानों और तहसीलों में कानून का राज न होकर अपराधियों का बोलबाला है। बरसात से बर्बाद हुए किसानों को मुआवजा देने में भेदभाव किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि तमाम ऐसे किसान हैं, जिनकी पूरी फसल तबाह हो गई, लेकिन उन्हें मुआवजा के नाम पर एक पैसा नहीं दिया गया, वहीं सत्ता पक्ष से जुड़े किसानों के खेतों में गन्ना खड़ा होने पर भी मुआवजा दिलाया गया। उन्होंने कहा भाजपा किसानों का उत्पीड़न नहीं होने देगी। जिलाध्यक्ष वीरेंद्र पाल सिंह यादव ने कहा कि बिजली कटौती से आमजन त्राहि-त्राहि कर रहा है। उद्योगधंधे चौपट हो रहे हैं और मुख्यमंत्री हवाई घोषणाएं कर जनता को गुमराह कर रहे हैं। उन्होंने युवाओं का आह्वान किया कि ऐसी जनविरोधी सरकार को उखाड़ फेंके। इस अवसर पर क्षेत्रीय महामंत्री जेपीएस राठौर, पूर्व विधायक कोविद सिंह, अवधेश वर्मा, महामंत्री राकेश मिश्रा, नगराध्यक्ष अनिल वाजपेयी वाण, अशर्फी सिंह, मलिखान सिंह लोधी, संतोष शुक्ला, आदित्य प्रकाश त्रिवेदी आदि ने भी सपा की नीतियों का विरोध किया।
इससे पूर्व सैकड़ों कार्यकर्ता विधायक खन्ना के राजभवन कार्यालय पर एकत्र हुए और जुलूस के रूप में नारेबाजी करते हुए कलक्ट्रेट तक पहुंचे। कलक्ट्रेट गेट पुलिस ने पहले से बंद कर रखा था, अंदर घुसने को लेकर पुलिस कर्मियों से कार्यकर्ताओं ने नोकझोंक भी हुई। इस दौरान उत्तेजित कार्यकर्ताओं ने जोशीले अंदाज में नारेबाजी कर प्रदेश सरकार को कोसा। सभा का संचालन महामंत्री डीपी सिंह ने किया। धरना-प्रदर्शन में डॉ. विजय जौहरी, मनेंद्र सिंह चौहान, वेद प्रकाश मौर्य, भरत सिंह, पवन सिंह, रमाकांत मिश्र, सतेंद्र सहाय, गंगाराम मिश्रा, श्याम बाबू दीक्षित, फिरासत अली, तसलीम लगारी, नजमा खानम, शबनम वारसी, क्षमा वर्मा, सरोज सिंह, चंद्र किरण, चंद्रकांता सिंह, सरनजीत सिंह, अनुभव पाठक, पंकेश मिश्रा, रजनीश, मुबश्शिर अहमद, सलाउद्दीन अंसारी आदि भाजपाई शामिल रहे।
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मंत्री पर लगाया कब्जा का आरोप
प्रदर्शन के दौरान सभा में पूर्व नगराध्यक्ष अशर्फी सिंह ने सत्तापक्ष के एक मंत्री द्वारा भाजपा कार्यकर्ता की जमीन पर कब्जा करने का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने यहां तक कहा कि इस मामले को पार्टी की सांसद के संज्ञान में भी लाया गया, लेकिन उन्होंने भी कुछ नहीं किया।
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धरना स्थल पर सभा को संबोधित करते हुए विधायक खन्ना ने कहा कि इस समय प्रदेश में गुंडों का राज चल रहा है। थानों और तहसीलों में कानून का राज न होकर अपराधियों का बोलबाला है। बरसात से बर्बाद हुए किसानों को मुआवजा देने में भेदभाव किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि तमाम ऐसे किसान हैं, जिनकी पूरी फसल तबाह हो गई, लेकिन उन्हें मुआवजा के नाम पर एक पैसा नहीं दिया गया, वहीं सत्ता पक्ष से जुड़े किसानों के खेतों में गन्ना खड़ा होने पर भी मुआवजा दिलाया गया। उन्होंने कहा भाजपा किसानों का उत्पीड़न नहीं होने देगी। जिलाध्यक्ष वीरेंद्र पाल सिंह यादव ने कहा कि बिजली कटौती से आमजन त्राहि-त्राहि कर रहा है। उद्योगधंधे चौपट हो रहे हैं और मुख्यमंत्री हवाई घोषणाएं कर जनता को गुमराह कर रहे हैं। उन्होंने युवाओं का आह्वान किया कि ऐसी जनविरोधी सरकार को उखाड़ फेंके। इस अवसर पर क्षेत्रीय महामंत्री जेपीएस राठौर, पूर्व विधायक कोविद सिंह, अवधेश वर्मा, महामंत्री राकेश मिश्रा, नगराध्यक्ष अनिल वाजपेयी वाण, अशर्फी सिंह, मलिखान सिंह लोधी, संतोष शुक्ला, आदित्य प्रकाश त्रिवेदी आदि ने भी सपा की नीतियों का विरोध किया।
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इससे पूर्व सैकड़ों कार्यकर्ता विधायक खन्ना के राजभवन कार्यालय पर एकत्र हुए और जुलूस के रूप में नारेबाजी करते हुए कलक्ट्रेट तक पहुंचे। कलक्ट्रेट गेट पुलिस ने पहले से बंद कर रखा था, अंदर घुसने को लेकर पुलिस कर्मियों से कार्यकर्ताओं ने नोकझोंक भी हुई। इस दौरान उत्तेजित कार्यकर्ताओं ने जोशीले अंदाज में नारेबाजी कर प्रदेश सरकार को कोसा। सभा का संचालन महामंत्री डीपी सिंह ने किया। धरना-प्रदर्शन में डॉ. विजय जौहरी, मनेंद्र सिंह चौहान, वेद प्रकाश मौर्य, भरत सिंह, पवन सिंह, रमाकांत मिश्र, सतेंद्र सहाय, गंगाराम मिश्रा, श्याम बाबू दीक्षित, फिरासत अली, तसलीम लगारी, नजमा खानम, शबनम वारसी, क्षमा वर्मा, सरोज सिंह, चंद्र किरण, चंद्रकांता सिंह, सरनजीत सिंह, अनुभव पाठक, पंकेश मिश्रा, रजनीश, मुबश्शिर अहमद, सलाउद्दीन अंसारी आदि भाजपाई शामिल रहे।
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मंत्री पर लगाया कब्जा का आरोप
प्रदर्शन के दौरान सभा में पूर्व नगराध्यक्ष अशर्फी सिंह ने सत्तापक्ष के एक मंत्री द्वारा भाजपा कार्यकर्ता की जमीन पर कब्जा करने का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने यहां तक कहा कि इस मामले को पार्टी की सांसद के संज्ञान में भी लाया गया, लेकिन उन्होंने भी कुछ नहीं किया।