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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shahjahanpur News ›   Ready to crack down on human trafficking GRP

मानव तस्करी पर लगाम कसने को जीआरपी तैयार

Wed, 01 Jul 2015 09:13 PM IST
शाहजहांपुर।
शाहजहांपुर। Updated Wed, 01 Jul 2015 09:13 PM IST
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 मानव तस्करी रोकने के लिए किसी एक विभाग को जिम्मेदारी नहीं दी जा सकती है। इसके लिए मिलकर काम करना होगा। इसी उद्देश्य से विभिन्न विभागों को मानव तस्करी रोकने के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है। इसके तहत ट्रेनों के जरिये मानव तस्करी करने वालों पर लगाम कसने के लिए जीआरपी को प्रशिक्षित किया गया है। प्रशिक्षण लेकर आए जीआरपी के जवानों को मानव तस्करी करने वालों लोगों की पहचान करने, उन पर नजर रखने, लगाम कसने और कार्रवाई करने के तरीकों के बारे में बताया गया। साथ ही मानव तस्करी के प्रमुख क्षेत्रों के बारे में भी बताया गया। प्रशिक्षित होकर लौटे जीआरपी जवान अब बेहतर ढंग से मानव तस्करी पर लगाम कस सकेंगे।
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जिले के जीआरपी थाना से शिवशंकर पटेल, ओमपाल सिंह, अजय कुमार वर्मा, तेज सिंह सहित पांच सिपाहियों को मानव तस्करी रोकने के प्रशिक्षण में भेजा गया था। प्रशिक्षण में बताया गया कि ट्रेनों में संदिग्ध नजर आने वाले बच्चों और बच्चों या महिलाओं को ले जाने वाले संदिग्धों पर कड़ी नजर रखी जाए। यदि कोई भी संदिग्ध नजर आए तो उससे पूछताछ की जाए। प्रशिक्षण में बताया कि यदि कोई एक साथ कई बच्चे ले जा रहा है तो उससे कड़ाई से पूछताछ करें। इसके साथ ही सभी बच्चों से अलग-अलग पूछताछ कर लें और जिस स्थान पर उन लोगों को उतरना हो। वहां के थाना प्रभारी को भी सूचित कर दें। कहा गया कि यदि जरूरत पर क्षेत्र में संचालित एनजीओ की मदद भी ली जा सकती है।
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मानव तस्करी का हब बना दिल्ली और मेरठ
सुरक्षा एजेंसियां भी मान चुकी हैं कि दिल्ली और मेरठ में सबसे अधिक मानव तस्करी होती है। इन क्षेत्रों में मानव तस्करों के कई गिरोह सक्रिय हैं। इन क्षेत्रों में बड़ी संख्या में बच्चों, किशोर,  किशोरियों, महिलाओं को लाया जाता है। इसके बाद इन लोगों की बिक्री की जाती है।
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खरीददारी के लिए ये क्षेत्र हैं मुफीद
मानव तस्करी करने में लिप्त लोगों की खरीदारी के लिए सबसे मुफीद क्षेत्र नेपाल, पश्चिम बंगाल, बांग्लादेश, बिहार और बिहार से सटे उत्तर प्रदेश के कुछ जिले हैं। इन स्थानों पर बच्चों, किशोरों, लड़कियों की खरीददारी आसानी से और कम रुपयों में हो जाती है। इन स्थानों से खरीदकर ले दिल्ली और मेरठ की ओर ले जाया जाता है।


तस्करी कर लाए बच्चे झेलते हैं यातना
मानव तस्करी करके लाए गए बच्चों, किशोर-किशोरियों और युवतियों को घरेलू श्रम कराने, बालश्रम कराने, जबरन विवाह कराने, यौन शोषण करने, दास बनाकर काम कराने, शरीर के अंग निकलवाने का काम किया जाता है। इस दौरान खरीदे गए बच्चों को भारी यातना झेलने को मजबूर होना पड़ता है।



प्रशिक्षित सब-इंस्पेक्टर और कांस्टेबिलों को मानव तस्करी पर रोक लगाने के लिए स्थानीय स्तर पर भी निर्देशित किया जा चुका है। ऐसे मामलों सक्रियता बरतने के निर्देश भी दिए गए हैं।
- जयशंकर सिंह, एसओ जीआरपी थाना
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