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दो माह में पुवायां के चार लोग डेंगू की चपेट में
पुवायां।
Updated Sun, 04 Oct 2015 11:25 PM IST
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एक माह में पुवायां और खुटार क्षेत्र में डेंगू के कहर से लोग कराह उठे हैं। खुटार क्षेत्र में तो डेंगू से आधा दर्जन से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। देहात के अलावा नगर क्षेत्र में भी तमाम लोग बुखार की चपेट में हैं।
खुटार के मोहल्ला पूर्वी गढ़ी निवासी प्रदीप कुमार की सितंबर के पहले सप्ताह में बुखार से दिल्ली में मौत हो चुकी है। मैलानी निवासी शिवा की पुत्री तीन वर्षीय सना की छह सितंबर को अपने नाना खुटार के मोहल्ला सरोजनी नगर निवासी गुलशेर के घर बुखार से मौत हो कई। गांव इटौआ निवासी रामचरन के पुत्र ब्रजेश की मौत दिमागी बुखार से हो चुकी है। डेंगू और बुखार के कारण खुटार के गांव भरकलीगंज में फहीम के पुत्र अब्दुल, 19 सितंबर को इसी गांव के शहाबुद्दीन की आठ वर्षीय पुत्री अमन की डेंगू से मौत को चुकी है। डेंगू और दिमागी बुखार से लगातार हो रही मौतों से लोग दहशत में हैं।
पुवायां के सरकारी अस्पताल में केवल साधारण मलेरिया की जांच की सुविधा उपलब्ध हैं। डेंगू बुखार की जांच की सुविधा नहीं होने के कारण रोगियों को प्राइवेट अस्पतालों की शरण लेनी पड़ती है। जहां जांच पर लगभग आठ सौ रुपए का खर्च आता है।
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प्लेटलेट 20 हजार हों तो भी इलाज संभव: डॉ. राजीव
पुवायां। शहर के विश्वनाथ अल्ट्रासाउंड एंड हास्पिटल के संचालक डॉ. राजीव पांडे ने कहा लोगों को डेंगू से घबराने की जरुरत नहीं। अगर ढिकसी का प्लेटलेट 20 हजार भी है और रोगी को कहीं से रक्तस्त्राव नहीं हो रहा है तो उसका दवाओं से ही उपचार संभव है, रोगी को प्लेटलेट चढ़ाने की आवश्यकता भी नहीं है। डॉ. राजीव पांडे ने बताया कि इस रोग को जानने के लिए सीरम में एन्टीजन की जांच की जाती है। दूसरे रक्त की जांच में प्लेटलेट काउंट तथा हीमोग्लोबिन की मात्रा की जांच की जाती है। इस रोग में रोगी का हीमोग्लोबिन बढ़ जाता है और प्लेटलेट काउंट कम हो जाता है।
डेंगू के लक्षण और बचाव
0 डेंगू एडीज मच्छर के काटने से होता है
0 सुबह-शाम निकलने वाला मच्छर दिन में काटता है
0 रोगी को कंपकपी केसाथ तेज बुखार आता है
0 सिर, बदन और आंखों के पीछे तेज दर्द होता है
0 जी मिचलाना, उल्टी होना और चक्कर आते हैं
0 मरीज को कमजोरी महसूस होती है
-बचाव
0 आसपास के क्षेत्र में जलभराव न होने दें
0 टंकियों और कूलर के पानी को बदलते रहें
0 नियमित अंतराल पर छिड़काव कराएं
0 दिन में पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहने
0 सोते समय मच्छरदानी और क्वायल का प्रयोग करें
0 हाथ पैरों पर तेल का इस्तेमाल करें
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खुटार के मोहल्ला पूर्वी गढ़ी निवासी प्रदीप कुमार की सितंबर के पहले सप्ताह में बुखार से दिल्ली में मौत हो चुकी है। मैलानी निवासी शिवा की पुत्री तीन वर्षीय सना की छह सितंबर को अपने नाना खुटार के मोहल्ला सरोजनी नगर निवासी गुलशेर के घर बुखार से मौत हो कई। गांव इटौआ निवासी रामचरन के पुत्र ब्रजेश की मौत दिमागी बुखार से हो चुकी है। डेंगू और बुखार के कारण खुटार के गांव भरकलीगंज में फहीम के पुत्र अब्दुल, 19 सितंबर को इसी गांव के शहाबुद्दीन की आठ वर्षीय पुत्री अमन की डेंगू से मौत को चुकी है। डेंगू और दिमागी बुखार से लगातार हो रही मौतों से लोग दहशत में हैं।
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पुवायां के सरकारी अस्पताल में केवल साधारण मलेरिया की जांच की सुविधा उपलब्ध हैं। डेंगू बुखार की जांच की सुविधा नहीं होने के कारण रोगियों को प्राइवेट अस्पतालों की शरण लेनी पड़ती है। जहां जांच पर लगभग आठ सौ रुपए का खर्च आता है।
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प्लेटलेट 20 हजार हों तो भी इलाज संभव: डॉ. राजीव
पुवायां। शहर के विश्वनाथ अल्ट्रासाउंड एंड हास्पिटल के संचालक डॉ. राजीव पांडे ने कहा लोगों को डेंगू से घबराने की जरुरत नहीं। अगर ढिकसी का प्लेटलेट 20 हजार भी है और रोगी को कहीं से रक्तस्त्राव नहीं हो रहा है तो उसका दवाओं से ही उपचार संभव है, रोगी को प्लेटलेट चढ़ाने की आवश्यकता भी नहीं है। डॉ. राजीव पांडे ने बताया कि इस रोग को जानने के लिए सीरम में एन्टीजन की जांच की जाती है। दूसरे रक्त की जांच में प्लेटलेट काउंट तथा हीमोग्लोबिन की मात्रा की जांच की जाती है। इस रोग में रोगी का हीमोग्लोबिन बढ़ जाता है और प्लेटलेट काउंट कम हो जाता है।
डेंगू के लक्षण और बचाव
0 डेंगू एडीज मच्छर के काटने से होता है
0 सुबह-शाम निकलने वाला मच्छर दिन में काटता है
0 रोगी को कंपकपी केसाथ तेज बुखार आता है
0 सिर, बदन और आंखों के पीछे तेज दर्द होता है
0 जी मिचलाना, उल्टी होना और चक्कर आते हैं
0 मरीज को कमजोरी महसूस होती है
-बचाव
0 आसपास के क्षेत्र में जलभराव न होने दें
0 टंकियों और कूलर के पानी को बदलते रहें
0 नियमित अंतराल पर छिड़काव कराएं
0 दिन में पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहने
0 सोते समय मच्छरदानी और क्वायल का प्रयोग करें
0 हाथ पैरों पर तेल का इस्तेमाल करें