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महिला की मौत पर नर्सिग होम में तोड़फोड़
शाहजहांपुर
Updated Wed, 31 Dec 2014 12:04 AM IST
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टाउनहाल ओवरब्रिज के पास बहल नर्सिंग होम में प्रसूता की मौत पर उसके परिवार वालों ने जमकर हंगामा किया और तोड़फोड़ कर दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने लोगों को समझाने की कोशिश की लेकिन लोग तोड़फोड़ करते रहे। उन्होंने नर्सिंग होम का फर्नीचर, शीशे और दवाइयों की शीशियों को तहस-नहस कर दिया। इस बीच नर्सिंग होम पहुंचे सपा जिलाध्यक्ष तनवीर खां ने जब पीड़ित परिवार को समझाने की कोशिश की, तो उग्र लोगों के साथ उनकी नोकझोंक हो गई। बाद में सपा जिलाध्यक्ष तनवीर खां और पुलिस अधिकारियों द्वारा आरोपी डॉक्टर के खिलाफ जांच कराने के बाद मुकदमा दर्ज करने का आश्वासन देने पर परिवार वाले महिला का शव घर ले गए। देर रात महिला के पति ने सदर थाने में आरोपी डॉक्टर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के लिए तहरीर दी है।
मोहल्ला तारीन जलालनगर में रहने वाले आसिफ अली टेलर हैं। उनकी 25 वर्षीय पत्नी तबस्सुम गर्भवती थीं। शनिवार को तबस्सुम को बहल नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया था। आपरेशन से उनके बेटी हुई थी। मंगलवार की दोपहर करीब तीन बजे तबस्सुम के पेट में दर्द शुरू हुआ। आरोप है कि हालत बिगड़ने पर परिवार वालों ने डॉ. रश्मि बहल को बुलाने की कोशिश की। डॉक्टर ने फोन से ही स्टाफ से जानकारी ली और कुछ इंजेक्शन लगाने को कह दिया। इसके बाद तबस्सुम ने दम तोड़ दिया। खबर फैलते ही तबस्सुम के मोहल्ले और रिश्तेदारों की भीड़ अस्पताल पहुंच गई और तोड़फोड़ शुरू कर दी। डॉ. सिद्धार्थ बहल और उनकी पत्नी डॉ. रश्मि बहल ने खुद को चैंबर में बंद कर जान बचाई। भीड़ डॉक्टर के चैंबर को घेरकर खड़ी हो गई।
सूचना मिलते ही मौके पर थाना सदर बाजार पुलिस पहुंच गई। हालात बिगड़ते देख उच्चाधिकारियों को सूचना दी गई, जिसके बाद कोतवाली, आरसी मिशन और रोजा पुलिस अस्पताल पहुंच गई। एएसपी सिटी एसपी सिंह और सीओ सिटी राजेश्वर सिंह भी पहुंच गए।
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दूसरी बार मां बनी थी तबस्सुम
चार साल पहले मोहल्ला बिजलीपुरा के रहने वाले विराजुद्दीन ने बेटी तबस्सुम की शादी आसिफ अली से की थी। शादी के एक साल बाद उसने एक बेटे को जन्म दिया था। यह तबस्सुम की दूसरी औलाद थी। बेटी के जन्म से परिवार में खुशी का महौल था। अचानक तबस्सुम की मौत से सारी खुशियां मातम में बदल गई।
डॉक्टर भी नर्सिंग होम पहुंचे
बहल नर्सिंग होम में महिला की मौत के बाद हुई तोड़फोड़ की सूचना मिलते ही शहर के तमाम डॉक्टर मौके पर पहुंच गए और उन्होंने घटना की जानकारी ली। हालांकि डॉ. सिद्धार्थ बहल से उनकी बात नहीं हो सकी, क्योंकि वह अपने चैंबर में बंद थे। डॉक्टरों ने नर्सिंग होम में हुई तोड़फोड़ की निंदा की। नर्सिंग होम पहुंचने वालों में आईएमए अध्यक्ष डॉ. अनिल सूद, सचिव डॉ. विजय पाठक, डॉ. संजीव कनौजिया, डॉ. बृजेंद्र सक्सेना, डॉ. परविंदर सिंह, डॉ. अनूप अग्रवाल, डॉ.नीरज अग्रवाल, डॉ. विवेक गुप्ता, डॉ. अनुज गोयल, डॉ. आनंद अग्रवाल, डॉ. बाबा सिंह आदि शामिल रहे।
पूरा घटनाक्रम चिंता का विषय
इलाज के दौरान महिला की मौत और उसके बाद हुई तोड़फोड़ चिंता का विषय है। कोई डॉक्टर नहीं चाहता कि उसके नर्सिंग होम में इस प्रकार की घटना हो, मरीजों की देखभाल कर उचित इलाज कराना डॉक्टरों की जिम्मेदारी है लेकिन कभी-कभी परिस्थितियां समझ से परे हो जाने से इस प्रकार की अप्रत्याशित घटनाएं सामने आ जाती हैं। संगठन डॉ. सिद्धार्थ से बात करने के बाद अगला कदम उठाएगा।
- डॉ. विजय पाठक, सचिव आईएमए
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मोहल्ला तारीन जलालनगर में रहने वाले आसिफ अली टेलर हैं। उनकी 25 वर्षीय पत्नी तबस्सुम गर्भवती थीं। शनिवार को तबस्सुम को बहल नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया था। आपरेशन से उनके बेटी हुई थी। मंगलवार की दोपहर करीब तीन बजे तबस्सुम के पेट में दर्द शुरू हुआ। आरोप है कि हालत बिगड़ने पर परिवार वालों ने डॉ. रश्मि बहल को बुलाने की कोशिश की। डॉक्टर ने फोन से ही स्टाफ से जानकारी ली और कुछ इंजेक्शन लगाने को कह दिया। इसके बाद तबस्सुम ने दम तोड़ दिया। खबर फैलते ही तबस्सुम के मोहल्ले और रिश्तेदारों की भीड़ अस्पताल पहुंच गई और तोड़फोड़ शुरू कर दी। डॉ. सिद्धार्थ बहल और उनकी पत्नी डॉ. रश्मि बहल ने खुद को चैंबर में बंद कर जान बचाई। भीड़ डॉक्टर के चैंबर को घेरकर खड़ी हो गई।
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सूचना मिलते ही मौके पर थाना सदर बाजार पुलिस पहुंच गई। हालात बिगड़ते देख उच्चाधिकारियों को सूचना दी गई, जिसके बाद कोतवाली, आरसी मिशन और रोजा पुलिस अस्पताल पहुंच गई। एएसपी सिटी एसपी सिंह और सीओ सिटी राजेश्वर सिंह भी पहुंच गए।
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दूसरी बार मां बनी थी तबस्सुम
चार साल पहले मोहल्ला बिजलीपुरा के रहने वाले विराजुद्दीन ने बेटी तबस्सुम की शादी आसिफ अली से की थी। शादी के एक साल बाद उसने एक बेटे को जन्म दिया था। यह तबस्सुम की दूसरी औलाद थी। बेटी के जन्म से परिवार में खुशी का महौल था। अचानक तबस्सुम की मौत से सारी खुशियां मातम में बदल गई।
डॉक्टर भी नर्सिंग होम पहुंचे
बहल नर्सिंग होम में महिला की मौत के बाद हुई तोड़फोड़ की सूचना मिलते ही शहर के तमाम डॉक्टर मौके पर पहुंच गए और उन्होंने घटना की जानकारी ली। हालांकि डॉ. सिद्धार्थ बहल से उनकी बात नहीं हो सकी, क्योंकि वह अपने चैंबर में बंद थे। डॉक्टरों ने नर्सिंग होम में हुई तोड़फोड़ की निंदा की। नर्सिंग होम पहुंचने वालों में आईएमए अध्यक्ष डॉ. अनिल सूद, सचिव डॉ. विजय पाठक, डॉ. संजीव कनौजिया, डॉ. बृजेंद्र सक्सेना, डॉ. परविंदर सिंह, डॉ. अनूप अग्रवाल, डॉ.नीरज अग्रवाल, डॉ. विवेक गुप्ता, डॉ. अनुज गोयल, डॉ. आनंद अग्रवाल, डॉ. बाबा सिंह आदि शामिल रहे।
पूरा घटनाक्रम चिंता का विषय
इलाज के दौरान महिला की मौत और उसके बाद हुई तोड़फोड़ चिंता का विषय है। कोई डॉक्टर नहीं चाहता कि उसके नर्सिंग होम में इस प्रकार की घटना हो, मरीजों की देखभाल कर उचित इलाज कराना डॉक्टरों की जिम्मेदारी है लेकिन कभी-कभी परिस्थितियां समझ से परे हो जाने से इस प्रकार की अप्रत्याशित घटनाएं सामने आ जाती हैं। संगठन डॉ. सिद्धार्थ से बात करने के बाद अगला कदम उठाएगा।
- डॉ. विजय पाठक, सचिव आईएमए