{"_id":"9bde5b9c766064d2d68db1683185649a","slug":"newborn-head-separated-from-the-torso-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"नवजात का धड़ सिर से अलग किया ","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
नवजात का धड़ सिर से अलग किया
शाहजहांपुर।
Updated Sun, 23 Aug 2015 12:01 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जिला अस्पताल में डॉक्टर की लापरवाही से नवजात की जान चली गई और प्रसूता की जान पर आ बनी। डॉक्टर की लापरवाही से नवजात का धड़ गर्भ से बाहर आ गया, जिससे डॉक्टरों ने काटकर अलग कर दिया, जबकि नवजात का सिर गर्भ के अंदर ही रहा। इससे प्रसूता की जान पर भी आ बनी। मामला फंसता देखकर जिला अस्पताल की डॉक्टर ने महिला को रेफर कर दिया, जहां शहर के एक सर्जन ने करीब दो घंटे तक ऑपरेशन करने के बाद बमुश्किल प्रसूता को बचाया। इस मामले में जिला अस्पताल की डॉक्टर के खिलाफ तहरीर दी गई है।
सदर बाजार थाना क्षेत्र के मोहल्ला दिलाजपाक के हेमंत कुमार की पत्नी गीता का प्रसव होना था। घरवालों ने उसे जिला अस्पताल में शनिवार सुबह सात बजे एडमिट कराया। करीब 11 बजे प्रसव कराने के दौरान बच्चे का धड़ गर्भ से पहले निकल आया तो मौके पर मौजूद डॉक्टरों की लापरवाही की वजह से बच्चे का धड़ शरीर से अलग कर दिया गया और सिर गर्भ में फंसा रहा। इससे प्रसूता की हालत बिगड़ने लगी तो उसे आनन-फानन में रेफर कर दिया। मामला बिगड़ने पर गीता के घरवाले मोहल्ला चौभुर्जी स्थित एक नर्सिंग होम में लाए और उसे भर्ती करने की बात कही। मरीज की स्थिति नाजुक देखते हुए डॉक्टर ने पहले तो मना किया, लेकिन घरवालों के गुहार पर उसे करीब डेढ़ बजे भर्ती कर लिया और दो बजे से ऑपरेशन शुरू कर दिया। करीब चार बजे तक ऑपरेशन कंप्लीट हो गया। बावजूद इसके प्रसूता की हालत नाजुक बनी हुई है।
शाम को हेमंत और उसके घरवालों के साथ आक्रोशित लोगों ने डॉक्टरों की लापरवाही पर हो-हल्ला करना शुरू कर दिया। इस पर कोतवाली पुलिस नवजात का शव लेकर जिला अस्पताल गई, जहां उसका शव मर्च्यूरी में रखवा दिया गया। हेमंत ने अज्ञात डॉक्टर के खिलाफ तहरीर दी है। कोतवाली इंस्पेक्टर केके तिवारी का कहना है डॉक्टर के बारे में जानकारी करने की कोशिश जारी है। फिलहाल तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज किया जाएगा। साथ ही शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा।
विज्ञापन
एसडीएम सदर एवं प्रभारी सिटी मजिस्ट्रेट एपी श्रीवास्तव मामले की सूचना मिलने पर जिला अस्पताल पहुंचकर लापरवाही बरतने वाली डॉक्टर के बारे में जानकारी की।
विज्ञापन
सदर बाजार थाना क्षेत्र के मोहल्ला दिलाजपाक के हेमंत कुमार की पत्नी गीता का प्रसव होना था। घरवालों ने उसे जिला अस्पताल में शनिवार सुबह सात बजे एडमिट कराया। करीब 11 बजे प्रसव कराने के दौरान बच्चे का धड़ गर्भ से पहले निकल आया तो मौके पर मौजूद डॉक्टरों की लापरवाही की वजह से बच्चे का धड़ शरीर से अलग कर दिया गया और सिर गर्भ में फंसा रहा। इससे प्रसूता की हालत बिगड़ने लगी तो उसे आनन-फानन में रेफर कर दिया। मामला बिगड़ने पर गीता के घरवाले मोहल्ला चौभुर्जी स्थित एक नर्सिंग होम में लाए और उसे भर्ती करने की बात कही। मरीज की स्थिति नाजुक देखते हुए डॉक्टर ने पहले तो मना किया, लेकिन घरवालों के गुहार पर उसे करीब डेढ़ बजे भर्ती कर लिया और दो बजे से ऑपरेशन शुरू कर दिया। करीब चार बजे तक ऑपरेशन कंप्लीट हो गया। बावजूद इसके प्रसूता की हालत नाजुक बनी हुई है।
विज्ञापन
शाम को हेमंत और उसके घरवालों के साथ आक्रोशित लोगों ने डॉक्टरों की लापरवाही पर हो-हल्ला करना शुरू कर दिया। इस पर कोतवाली पुलिस नवजात का शव लेकर जिला अस्पताल गई, जहां उसका शव मर्च्यूरी में रखवा दिया गया। हेमंत ने अज्ञात डॉक्टर के खिलाफ तहरीर दी है। कोतवाली इंस्पेक्टर केके तिवारी का कहना है डॉक्टर के बारे में जानकारी करने की कोशिश जारी है। फिलहाल तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज किया जाएगा। साथ ही शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा।
विज्ञापन
एसडीएम सदर एवं प्रभारी सिटी मजिस्ट्रेट एपी श्रीवास्तव मामले की सूचना मिलने पर जिला अस्पताल पहुंचकर लापरवाही बरतने वाली डॉक्टर के बारे में जानकारी की।