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निर्माणाधीन छज्जे के मलबे में दबकर गृहस्वामी की मौत
जलालाबाद।
Updated Tue, 23 May 2017 11:51 PM IST
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माैत
- फोटो : अमर उजाला
जानवर की टक्कर से झूला में लगी बल्ली गिरने से हुआ हादसा
जलालाबाद।
निर्माणाधीन छज्जा गिरने से उसके मलबे में दब कर गृहस्वामी की मौत हो गई। घटना से परिजनों का कोहराम मच गया। सूचना पर नायब तहसीलदार व कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव का पंचनामा भर पोस्टमार्टम को भेजा। यह दुर्घटना मंगलवार सुबह घटी।
कोतवाली क्षेत्र के गांव सिकंदरपुर अफगानान निवासी शराफत (46) पत्नी व बच्चों के साथ रहते थे। चार दिन पहले उन्होंने मकान में कमरे के बाहर छज्जे का लिंटर डलवाया था। मकान में बाउंड्रीवाल न होने के कारण सोमवार की रात शराफत नवनिर्मित छज्जे के नीचे चारपाई डालकर सो गए। बताते हैं कि सुबह करीब पांच बजे गांव के आवारा जानवर लड़ने लगे। उनमें से एक जानवर उनके मकान की ओर भागा और छज्जे के झूले में लगी बल्ली से टकरा गया। इससे बल्ली नीचे गिर गई और छज्जे कर पूरा मलबा चारपाई पर लेटे शराफत पर आ गिरा। मलबे के गिरने का धमाका सुनकर परिजन और आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और आननफानन में मलबा हटाया, लेकिन तब तक शराफत की मौत हो चुकी थी। परिजनों ने बताया कि शराफत के पास केवल ढाई बीघा जमीन है। वह बटाई आदि पर खेत लेकर अपने परिवार का भरण पोषण करते थे। उनके घर में पत्नी अफ साना बेगम के अलावा दो बेटे और दो बेटियों की कच्ची गृहस्थी है। बड़ा लड़का अफ रान आठ साल का है जबकि सबसे छोटी बच्ची केवल छह महीने की ही है। घर के मुखिया की मौत से पत्नी व बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों की सूचना पर नायब तहसीलदार ज्ञानेंद्र यादव व पुलिस मौके पर पहुंची और जांच पड़ताल के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
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जलालाबाद।
निर्माणाधीन छज्जा गिरने से उसके मलबे में दब कर गृहस्वामी की मौत हो गई। घटना से परिजनों का कोहराम मच गया। सूचना पर नायब तहसीलदार व कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव का पंचनामा भर पोस्टमार्टम को भेजा। यह दुर्घटना मंगलवार सुबह घटी।
कोतवाली क्षेत्र के गांव सिकंदरपुर अफगानान निवासी शराफत (46) पत्नी व बच्चों के साथ रहते थे। चार दिन पहले उन्होंने मकान में कमरे के बाहर छज्जे का लिंटर डलवाया था। मकान में बाउंड्रीवाल न होने के कारण सोमवार की रात शराफत नवनिर्मित छज्जे के नीचे चारपाई डालकर सो गए। बताते हैं कि सुबह करीब पांच बजे गांव के आवारा जानवर लड़ने लगे। उनमें से एक जानवर उनके मकान की ओर भागा और छज्जे के झूले में लगी बल्ली से टकरा गया। इससे बल्ली नीचे गिर गई और छज्जे कर पूरा मलबा चारपाई पर लेटे शराफत पर आ गिरा। मलबे के गिरने का धमाका सुनकर परिजन और आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और आननफानन में मलबा हटाया, लेकिन तब तक शराफत की मौत हो चुकी थी। परिजनों ने बताया कि शराफत के पास केवल ढाई बीघा जमीन है। वह बटाई आदि पर खेत लेकर अपने परिवार का भरण पोषण करते थे। उनके घर में पत्नी अफ साना बेगम के अलावा दो बेटे और दो बेटियों की कच्ची गृहस्थी है। बड़ा लड़का अफ रान आठ साल का है जबकि सबसे छोटी बच्ची केवल छह महीने की ही है। घर के मुखिया की मौत से पत्नी व बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों की सूचना पर नायब तहसीलदार ज्ञानेंद्र यादव व पुलिस मौके पर पहुंची और जांच पड़ताल के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
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